Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

गद्दाफी को मारने के चक्कर में फ्रांस ने इटली विमान पर दागी मिसाइल, 81 लोगों की हुई थी मौत, पूर्व PM का दावा

इटली के दो बार प्रधानमंत्री रहे जुलियानो अमातो ने दावा किया है कि 1980 में लीबिया के पूर्व राष्ट्रपति मुअम्मर गद्दाफ़ी को मारने की कोशिश में फ्रांस ने इटली के एक नागरिक विमान को भूमध्य सागर के ऊपर मिसाइल से गिरा दिया था।

अमातो ने कहा कि 27 जून 1980 की शाम फ्रांसीसी वायु सेना ने अनजाने में एक मिसाइल दागी थी, जिसने इटाविया फ्लाइट 870 को मार गिराया। उस विमान में सवार सभी 81 लोगों की मौत हो गयी थी।

1980 passenger jet crash

शनिवार को प्रकाशित रोम दैनिक रिपब्लिका के साथ एक साक्षात्कार में, पूर्व इतालवी प्रधानमंत्री जुलियानो अमातो ने ये खुलासा किया। अमातो ने कहा कि उस समय पेरिस का सोचना था कि उस विमान में कर्नल गद्दाफी सवार हैं।

यह घटना इटली के इतिहास की सबसे भीषण हवाई आपदाओं में से एक मानी जाती है। लेकिन अब पूर्व इतालवी प्रधानमंत्री के दावे से इटली और फ्रांस के बीच राजनयिक विवाद पैदा होने का खतरा बढ़ गया है।

उस समय इतालवी सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अमाटो के अनुसार, बेटिनो क्रैक्सी, जो कर्नल गद्दाफी के करीबी माने जाते थे, ने इतालवी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने पर उनके लिए खतरे के बारे में 'सुना' था। उन्होंने गद्दाफी को इसके लिए चेतावनी दी थी।

अमातो ने कहा कि गद्दाफी जो उस वक्त यूगोस्लाविया में एक बैठक से त्रिपोली वापस जा रहा था, लीबियाई सैन्य जेट में नहीं चढ़ा।साल 2003 में गद्दाफी ने अमेरिका पर उस वक्त उनकी हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

आपको बता दें कि ये हवाई दुर्घटना आधुनिक इटली के सबसे स्थायी रहस्यों में से एक है। कुछ लोग कहते हैं कि बोलोग्ना से सिसिली की उड़ान के दौरान प्लेन में एक बम विस्फोट हुआ था, जबकि अन्य कहते हैं कि वर्षों बाद समुद्र तल से निकाले गए मलबे की जांच से संकेत मिलता है कि यह एक मिसाइल द्वारा मारकर गिराया गया था।

इतावली पीएम ने कहा कि इस घटना के पीछे अमेरिका और फ्रांसीसी वायु सेना का हाथ था। फ्रांसीसी सरकार ने अभी तक दावों का जवाब नहीं दिया है, लेकिन तब दुर्घटना के बाद, अमेरिकी और नाटो अधिकारियों ने उस रात आसमान में किसी भी सैन्य गतिविधि से इनकार किया था।

इस बीच इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमातो के आरोपों को 'ध्यान देने योग्य' बताया है और उन्हें अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत उपलब्ध कराने को कहा है। हालांकि अमातो ने स्वीकार किया कि उनके पास दावों का समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है।

आपको बता दें कि मुअम्मर गद्दाफी 1969 को लीबिया का शासक बना था। उसे कर्नल गद्दाफी के नाम से भी जाना जाता था। गद्दाफी ने 42 साल तक लीबिया पर राज किया। 20 अक्टूबर 2011 को एक संदिग्ध सैन्य हमले में गद्दाफी की मौत हो गई थी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+