Kabul Blast: तालिबान का है ISIS-K से गठजोड़, वो ही हमले के लिए जिम्मेदार- अमरुल्ला सालेह
वाशिंगटन, 27 अगस्त। गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट के पास दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों की तरफ से भीड़ पर किए गए हमले में अब तक 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 200 से ज्यादा जख्मी हैं । पेंटागन ने बताया कि काबुल हवाई अड्डे के बाहर हुए हमले में 13 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 18 अन्य घायल हो गए हैं तो वहीं इसी बीच अफगानिस्तान के स्वघोषित कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने दावा किया है कि तालिबान के खुरासान ग्रुप के साथ लिंक हैं।
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अमरुल्ला सालेह ने इस बारे में एक Tweet किया है कि 'ISIS-K की जड़ों में तालिबान है और वही इस हमले के लिए जिम्मेदार है। तालिबानियों को उनके आकाओं से अच्छी सीख मिली है लेकिन तालिबान ने आईएसआईएस के साथ अपने रिश्ते को खारिज कर दिया है, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने क्वेटा शूरा पर पाक के लिंक से इनकार कर दिया था। हमारे पास मौजूद हर सबूत से पता चलता है कि ISIS के खुरासान ग्रुप की जड़ें तालिबान और हक्कानी नेटवर्क में हैं।'

गौरतलब है कि तालिबान के सामने कभी नहीं झुकने की कसम खाने वाले अमरुल्ला सालेह ने 17 अगस्त की शाम खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया था और ट्वीट करके कहा था कि 'देश के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, पलायन, इस्तीफा या मृत्यु में एफवीपी कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाता है। मैं वर्तमान में अपने देश के अंदर हूं और वैध तरीके से देखभाल करने वाला राष्ट्रपति हूं।' उन्होंने कहा था कि वह किसी भी परिस्थिति में तालिबान आतंकवादियों के सामने नहीं झुकेंगे।
क्या है ISIS-K यानी खोरासान ग्रुप?
आपको बता दें कि साल 2012 खोरासान इलाके में कुछ लड़ाकों ने ईरान, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान के बार्डर पर एक संगठन बनाया था, जो कि आजादी के नाम पर हमले किया करता था और दो साल के अंदर ही आंतक का पर्याय बन गया। साल 2014 में ये संगठन ISIS केा साथ मिल गया और इसका नाम ISIS-K यानी खोरासान गुट पड़ गया, जो कि इस वक्त काफी खतरनाक संगठन में जाना जाता है, इसका साउथ एशिया में काफी बड़ा नेटवर्क है।












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