यूरोप के 10 और देश रूसी करेंसी रूबल में रूस से खरीदेंगे ईंधन, अमेरिका को बहुत बड़ा झटका

यूरोपीय खरीदार हफ्तों से यह पता लगाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, कि वे 1 अप्रैल से रूबल में रूसी गैस के भुगतान के लिए पुतिन के आदेश को कैसे पूरा कर सकते हैं, ताकि प्रतिबंधों का उल्लंघन ना हो।

मॉस्को/वॉशिंगटन, मई 13: गंभीर ऊर्जा संकट से बचने के लिए 10 और यूरोपीय देश रूस के साथ रूसी करेंसी रूबल में तेल खरीदने के लिए तैयार गये हैं। जो अमेरिका के लिए बहुत बड़ा झटता है और रूसी राष्ट्रपति के लिए बड़ी जीत, क्योंकि रूसी राष्ट्रपति ने साफ तौर पर रहा रखा है, कि वो यूरोपीय देशों के साथ रूस की स्थानीय करेंसी रूबल में ही कारोबार करेंगे और जो देश रूबल में पेमेंट नहीं करेगा, उसे तेल और गैस की सप्लाई बंद कर दी जाएगी।

रूबल में ईंधन की खरीदारी

रूबल में ईंधन की खरीदारी

दस और यूरोपीय गैस खरीदारों ने रूस के सरकारी गज़प्रॉमबैंक जेएससी में खाते खोले हैं, जिसके बाद रूसी गैस के लिए रूबल में भुगतान करने की तैयारी करने वाले ग्राहकों की कुल संख्या को बढ़कर दोगुना हो गई है, जैसा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मांग की थी। अब तक कुल बीस यूरोपीय कंपनियों ने रूसी बैंक में खाते खोले हैं, वहीं अन्य 14 देशों की तेल कंपनियों ने रूबल में कारोबार करने के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई के लिए कहा है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, गोपनीय मामलों पर चर्चा करने के लिए नाम न छापने की शर्त पर बोलते हुए उन्होंने कंपनियों की पहचान करने से इनकार कर दिया।

फंसे हुए हैं यूरोपीय देश!

फंसे हुए हैं यूरोपीय देश!

यूरोपीय खरीदार हफ्तों से यह पता लगाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, कि वे 1 अप्रैल से रूबल में रूसी गैस के भुगतान के लिए पुतिन के आदेश को कैसे पूरा कर सकते हैं और यूक्रेन पर पुतिन के आक्रमण पर लगाए गए यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों से कैसे बचते हुए रूस से तेल की खरीदारी कर सकते हैं। नए तंत्र के तहत, विदेशी तेल कंपनियों को रूसी बैंक में दो खाते खोलने होंगे, एक विदेशी मुद्रा में और एक गज़प्रॉमबैंक में रूबल में। आपको बता दें कि, पिछले महीने पोलैंड और बुल्गारिया ने रूस सरकार की इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद गज़प्रोम पीजेएससी ने अप्रैल के अंत में इन दोनों देशों को तेल और गैस की सप्लाई बंद कर दी।

रूस से खरीद रहे हैं रूबल

रूस से खरीद रहे हैं रूबल

आपको बता दें कि, रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख यूरोपीय खरीददारों को अप्रैल में तेल की खरीदारी के लिए मई महीने के अंत तक रूस को भुगतान करना है और रूस ने कहा हुआ है कि, वो तेल का भुगतान रूबल में ही स्वीकार करेगा। लेकिन, यूरोपीय देशों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत ये है, कि अगर वो अपने भुगतान तंत्र से रूस को पेमेंट करते हैं, तो उससे अमेरिका और यूरोपीय संघ के रूस के खिलाफ लगाए गये प्रतिबंधों का उल्लंघन होगा। वहीं, रूसी तेल कंपनी गज़प्रोम के करीबी व्यक्ति ने कहा कि, जैसे ही खरीददार विदेशी करेंसी में गैज़प्रॉमबैंक को भुगतान करता है, ठीक वैसे ही लेनदेन प्रभावी रूप से पूरा हो गया है, क्योंकि उसके बाद में विदेशी मुद्रा खुद ब खुद रूस की करेंसी रूबल में रूपांतरित हो जाता है, क्योंकि इसमें रूस का केंद्रीय बैंक शामिल नहीं है, जो यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के अधीन है।

भुगतान करने को तैयार इटली

भुगतान करने को तैयार इटली

हालांकि, यूरोपीय संघ ने अभी तक नहीं कहा है, कि रूस को रूबल में भुगतान क्या उसके प्रतिबंधों का असर है या नहीं, लेकिन इटली के प्रधानमत्री मारियो ड्रैगी ने बुधवार को कहा कि, इटली की तेल कंपनियां प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना रूबल में गैस का भुगतान करने में सक्षम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि, "ज्यादातर गैस आयातकों ने पहले ही गज़प्रोम के साथ रूबल में अपना खाता खोल लिया है"। उन्होंने कहा कि जर्मनी के शीर्ष गैस आयातक ने पहले ही रूबल में भुगतान कर दिया है। इटली की तरह जर्मनी भी रूसी गैस का बड़ा उपभोक्ता है। वहीं, गज़प्रोम के करीबी व्यक्ति ने कहा कि, रूबल में भुगतान करने वाले ग्राहकों की संख्या चार पर बनी हुई है, जो पिछले महीने के अंत में थी। अन्य खरीदारों से भुगतान इस महीने के अंत में होने हैं, जिसके बाद रूबल में भुगतान करने वाले देशों की संख्या बढ़ जाएगी।

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