Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

इथियोपियाः एक मुल्क़ की सेना से लड़ता एक शहर

टिग्रे के लड़ाके
Reuters
टिग्रे के लड़ाके

इथियोपिया की सेना ने टिग्रे के उत्तरी इलाके के निवासियों को खुद को बचाने के लिए कहा है क्योंकि सरकारी सेना राजधानी मकैले की ओर बढ़ रही है.

सेना के प्रवक्ता कर्नल डेजेने सेगाय ने सरकारी टीवी पर कहा कि सेना टैंक और बाकी हथियारों के साथ पूरे शहर को घेरने की तैयारी कर रही है.

यहां क़रीब पांच लाख लोगों की आबादी है.

सेना के प्रवक्ता ने यहां के लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि "खुद को जुंटा से आज़ाद करो... किसी पर कोई रहम नहीं होगा."

इस पर्वतीय इलाके पर नियंत्रण रखने वाली टिग्रे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट (टीपीएलएफ) ने लड़ाई जारी रखने की सौगंध ली है.

सूडान के शरणार्थी कैंप में टिग्रे से आईं एक महिला
AFP
सूडान के शरणार्थी कैंप में टिग्रे से आईं एक महिला

टीपीएलएफ के नेता डेब्रेट्सन गेब्रेमिकेल ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उसकी सेना ने सरकारी सैनिकों को आगे बढ़ने से रोक रखा है.

उन्होंने कहा, "दक्षिण के हिस्से में वो बीते एक हफ़्ते से एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सके हैं. वो एक के बाद एक संदेश भेज रहे हैं लेकिन सच ये है कि वो आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं."

उधर सरकार का कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण शहरों को उसकी सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया है.

हालांकि, टिग्रे से मिल रही सूचनाओं की पुष्टि मुश्किल है और किए जा रहे दावों की स्वतंत्र जांच नहीं की जा सकती क्योंकि संघर्ष की शुरुआत के बाद से ही फ़ोन और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप्प हैं.

टिग्रे के लड़ाके
BBC
टिग्रे के लड़ाके

संघीय सेना और टिग्रे विद्रोहियों के बीच बीते तीन हफ़्ते से चल रहे संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोग मारे गए हैं. वहीं हज़ारों की संख्या में लोगों ने पड़ोसी देश सूडान में शरण ली है.

शुक्रवार को दक्षिण अफ़्रीकी राष्ट्रपति सीरिल रामापूसा ने, बतौर अफ़्रीकी यूनियन के अध्यक्ष, इस संघर्ष को ख़त्म करने के लिए बातचीत को लेकर तीन पूर्व राष्ट्रपतियों के नामों की घोषणा की.

इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद
Reuters
इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद

लेकिन इथियोपिया ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया क्योंकि वह सेना के इस ऑपरेशन को 'क़ानून अमल में लाने के मिशन' के तौर पर देखता है.

इथियोपिया के प्रधानमंत्री आबी अहमद के वरिष्ठ सहयोगी मामो मिहरेतु ने बीबीसी से कहा, "हम अपराधियों के साथ समझौते के लिए बातचीत नहीं करते. हम उन्हें कोर्ट ले जाएंगे, न कि समझौते के टेबल पर."

इथियोपिया से भाग कर सूडान पहुंचीं एक शरणार्थी
Reuters
इथियोपिया से भाग कर सूडान पहुंचीं एक शरणार्थी

आखिर यह लड़ाई हो क्यों रही है?

इथियोपिया में ताज़ा संघर्ष वहां की ताक़तवर क्षेत्रीय पार्टी टिग्रे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट (टीपीएलएफ) और केंद्र सरकार के बीच लंबे वक्त से चले आ रहे तनाव की वजह से शुरू हुआ.

जब आबी अहमद ने कोरोना वायरस की वजह से जून में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव को टाल दिया तो यह तनाव बढ़ गया. टीपीएलएफ़ ने केंद्र के इस कदम को यह कहते हुए अवैध बताया कि आबी के पास अब बहुमत नहीं है.

वोट देने के लिए कतार में लगे टिग्रे के नागरिक
Getty Images
वोट देने के लिए कतार में लगे टिग्रे के नागरिक

4 नवंबर को इथियोपिया के प्रधानमंत्री ने टीपीएलएफ के ख़िलाफ़ कार्रवाई की घोषणा कर दी. केंद्र सरकार ने इस कार्रवाई के पीछे यह दलील दी कि टीपीएलएफ के लड़ाकों ने सेना के उत्तरी कमान के मुख्यालय मकैल पर हमला किया है.

हालांकि, टीपीएलएफ ने इस दलील को सिरे से ख़ारिज कर दिया.

इसके लड़ाकों की संख्या ढाई लाख के क़रीब है, जिनमें अधिकतर अर्धसैनिक यूनिट से और प्रशिक्षित लोग हैं.

मकैले में एक शख्स ने अपने घोड़े को टिग्रे के झंडे के रंग में रंग दिया
Getty Images
मकैले में एक शख्स ने अपने घोड़े को टिग्रे के झंडे के रंग में रंग दिया

अबी के सहयोगी ने और क्या कहा?

मामो ने कहा, "अगर वो टीपीएलएफ पर समर्पण करने का दबाव डालते हैं तो उनके लिए हमारे अफ़्रीकी भाई-बंधु अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और जैसा कि आप जानते हैं कि इसे समझाने के लिए टिग्रे या मकैल जाने की ज़रूरत नहीं है."

उन्होंने कहा कि मोज़ाम्बिक, लाइबेरिया और दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व नेता, जो आने वाले दिनों में इस देश में पधारने वाले हैं, चल रहे सैन्य अभियान की वजह से टिग्रे का दौरा नहीं कर सकेंगे.

लड़ाई शुरू होने के बाद से ही संचार और परिवहन सेवाएं गंभीर रूप से बाधित हैं.

मामो ने कहा कि सरकार अधिक से अधिक केवल इतना प्रयास कर सकती है कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां टिग्रे के लोगों तक अपनी सहायता पहुंचा सकें.

{image-Map hindi.oneindia.com}

स्थिति कितनी ख़राब है?

सहायता एजेंसियां संघर्ष के इलाके तक नहीं पहुंच सकी हैं लेकिन उन्हें डर है कि नवंबर के महीने के पहले हफ़्ते में शुरू हुई इस लड़ाई में अब तक हज़ारों की संख्या में आम लोग मारे गए हैं.

टिग्रे, इथियोपिया
Reuters
टिग्रे, इथियोपिया

क़रीब 33 हज़ार शरणार्थी पहले ही सूडान में जा चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी ने कहा कि अगर यह लड़ाई चलती रही तो आने वाले छह महीनों में वह और दो लाख लोगों के आने की तैयारी में जुटी है.

शुक्रवार को, टीपीएलएफ पर अम्हारा क्षेत्र के बहीर दार शहर पर रॉकेट से हमले का आरोप लगा. अम्हारा सरकार ने कहा कि इस हमले में न कोई हताहत हुआ और न ही कोई नुकसान हुआ है.

हालांकि उन्होंने इस हमले की पुष्टि की है. अम्हारा और टिग्रे के बीच लंबे वक्त से सीमाई विवाद चल रहा है. अम्हारा की सरकार ने इस बात पर चिंता जाहिर की है कि अगर यह संघर्ष लंबे वक्त तक चला तो बड़ी लड़ाई का शक्ल अख्तियार कर सकता है क्योंकि (अम्हारा की) क्षेत्रीय सेना को केंद्र की मदद के लिए भेजा गया है.

सहायता एजेंसियां आने वाले महीनों में इथियोपिया से दो लाख लोगों के सूडान में बतौर शरणार्थी आने की तैयारी कर रही हैं
Getty Images
सहायता एजेंसियां आने वाले महीनों में इथियोपिया से दो लाख लोगों के सूडान में बतौर शरणार्थी आने की तैयारी कर रही हैं

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने सूडान में आ रहे शरणार्थियों की बड़ी तादाद पर अपनी चिंता जाहिर की है. यूएन का कहना है कि सूडान में पहले से ही अन्य अफ़्रीकी देशों के लाखों शरणार्थी रह रहे हैं और बड़ी संख्या में नए लोगों का आना देश को अस्थिर कर सकता है.

माना जा रहा है कि सूडान में आ रहे शरणार्थियों में बड़ी तादाद में बच्चे हैं. सहायता एजेंसियों का कहना है कि तत्काल युद्धविराम से अभी भी इथियोपिया में फंसे हज़ारों नागरिकों की वो मदद कर सकेंगी.

सहायता एजेंसियों ने नए प्रवासियों के खाने और रहने के लिए 50 लाख डॉलर के मदद की अपील की है.

शीबा की रानी के महल के अवशेष, डोंगुर पैलेस

टिग्रे के बारे में पांच बातें:

1. यह अक्सुम साम्राज्य का केंद्र था.इसकी पहचान प्राचीन दुनिया की सबसे बड़ी सभ्यता में से एक के रूप में है, यह एक समय रोमन और फ़ारसी साम्राज्यों के बीच सबसे शक्तिशाली राज्य था.

2. अक्सुम शहर के खंडहर आज संयुक्त राष्ट्र की विश्व धरोहरों में शामिल हैं. पहली और 13वीं सदी के बीच बसे इस शहर में ओबिलिस्क, महल, शाही क़ब्रें और वो चर्च शामिल है जिसके बारे में कुछ लोगों का मानना है कि यहां द आर्क ऑफ़ कॉन्वेंट है.

3. टिग्रे में ज़्यादातर लोग इथियोपियाई रूढ़िवादी ईसाई हैं. यहां 1,600 साल से ईसाई रह रहे हैं.

4. यहां की प्रमुख भाषा टिग्रिनिया है. यह सेमेटिक बोली है जिसे दुनिया भर में कम से कम 70 लाख लोग बोलते हैं.

5. तिल यहां की नकदी फ़सल है जो अमेरिका, चीन और अन्य देशों को निर्यात की जाती है.

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+