Elon Musk ने फिर बदल दी मंगल ग्रह पर दुनिया बसाने की तारीख, सच साबित होगी नई भविष्यवाणी?
एलन मस्क ने सबसे पहली बार मंगल पर इंसानी बस्ती बसाने के ख्याल के बारे में साल 2015 में स्टीफल कोल्बर्ट के शो में बताया था।
वॉशिंगटन, मार्च 21: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क अकसर अपने 'क्रांतिकारी' बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं और एलन मस्क ने कुछ साल पहले मंगल ग्रह पर दुनिया बसाने की घोषणा की थी, लेकिन अब एलन मस्क ने मंगल ग्रह पर इंसानों की कॉलोनी बसाने की तारीख बदल दी है। जिसके बाद सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या वास्तव में एलन मस्क मंगल ग्रह पर दुनिया बसा भी पाएंगे या फिर उनकी नई भविष्यवाणी भी फ्लॉप साबित हो जाएगी?

एलन मस्क का मिशन मंगल ग्रह
अंतरिक्ष की दुनिया में इंसान पिछले कई सालों से रिसर्च कर रहा है और अंतरिक्ष में इंसानी तलाश कई सालों से जारी है और दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी और टेसला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क मंगल ग्रह पर नई दुनिया ही बसाना चाहता है। एलन मस्क कई बार कह चुके हैं, कि इंसानों को अगर अपना अस्तित्व बचाकर रखना है, तो उसे पृथ्वी के अलावा रहने के लिए किसी और ग्रह की तलाश करनी ही होगी, नहीं तो ये सिर्फ एक ग्रह पर इंसानी अस्तित्व कायम नहीं रह सकता है।

पहले दी थी साल 2024 की तारीख
साल 2016 में सबसे पहली बार एलन मस्क ने मंगल ग्रह पर इंसानों के रहने के लिए कॉलोनी बनाने की घोषणा की थी और उन्होंने दावा किया था, कि साल 2024 तक उनका क्रू मिशन मंगल ग्रह पर अपना कदम रखने में कामयाब हो जाएगा। एलन मस्क ने अपने मिशन को पूरा करने की दिशा में काफी मेहनत किए हैं और कई मंगल ग्रह पर रॉकेट भेजने के लिए कई कोशिशें की गईं, लेकिन एक भी कोशिश कामयाब नहीं हो पाई है। लिहाजा, अब जब साल 2022 की शुरूआत हो चुकी है और मस्क की 'तारीख' के दो साल ही बचे हैं, अब मंगल ग्रह पर तय समय में पहुंचना नामुमकिन लग रहा है। लिहाजा अब एलन मस्क ने ट्वीटर पर खुद ही नई तारीख का ऐलान कर दिया है।

साल 2029... नई भविष्यवाणी
एलन मस्क ने ट्वीटर पर एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि, मंगल ग्रह पर इंसान अपना पहला कदम कम से कम साल 2029 तक ही रख पाएगा। यानि, ये दूसरा मौका है, जब एलन मस्क ने मंगल ग्रह पर इंसानों के पहुंचने को लेकर तारीख बदल दी है। इससे पहले साल 1969 में पहली हार इंसानों ने चंद्रमा पर कदम रखा था और एलन मस्क अगर 2029 में मंगल ग्रह पर किसी इंसान को भेजने में कामयाब हो जाते हैं, तो चंद्रमा पर कदम रखने के 60 सालों के बाद इंसान मंगल ग्रह पर कदम रखेगा। आपको बता दें कि, नासा के वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर भेजने के लिए एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स 'स्टारशिप' की डिजाइन कर रहा है।
मंगल पर जीवन बसाना चाहते हैं एलन मस्क
दो साल पहले एलन मस्क ने अपने मंगल प्लान के बारे में बड़ा खुलासा किया था और एलन मस्क ने यह भी बताया था कि, मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती कैसी होगी और किस तरह से मंगल ग्रह पर इंसान अपनी नई जिंदगी की शुरूआ करेंगे। लेकिन, मंगल ग्रह पर इंसानी जीवन बसाना इतना आसान नहीं हो और अभी तक मंगल ग्रह को लेकर जो भी वैज्ञानिक रिसर्च किए गये हैं, उसमें यही पाया गया है कि, मंगल पर ऐसा वातावरण नहीं है, कि वहां पर इंसानों को बसाया जा सके। लेकिन, एलन मस्क का कहना है कि, वो मंगल ग्रह पर इस तरह की परिस्थितियों का निर्माण करेंगे, जिससे मंगल ग्रह पर इंसानी जीवन बसाया जा सके।

मंगल ग्रह पर कैसे जीवन बसाएंगे एलन मस्क?
एलन मस्क ने सबसे पहली बार मंगल पर इंसानी बस्ती बसाने के ख्याल के बारे में साल 2015 में स्टीफल कोल्बर्ट के शो में बताया था। तब उन्होंने कहा था, कि अगर मंगल का तापमान थोड़ा गर्म हो जाए तो वहां इंसान के रहने लायक वातावरण बन सकता है। बाद में एलन मस्क ने घोषणा की थी, कि वह मंगल ग्रह के तापमान को कृत्रिम तरीके से गर्म करने पर विचार कर रहे हैं। एलन मस्क ने बताया था, वह मंगल के कुछ हिस्से पर परमाणु हमला करेंगे, ताकि वहां ग्रीन हाउस उत्सर्जन हो और तापमान में वृद्धि हो। हालांकि मस्क की इस योजना की सफलता पर वैज्ञानिकों ने संदेह जरूर जताया था, लेकिन इसे पूरी तरह से खारिज भी नहीं किया जा सका है।

मंगल ग्रह पर कैसे घर बनाए जाएंगे?
विज्ञान की दुनिया में कई क्रांति कर चुके एलन मस्क ने यह भी बताया था, कि मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती कैसी होगी। एलन मस्क ने ट्विवटर पर बताया था कि, शुरुआत में लोग कांच के गुंबदों में रहेंगे और फिर धीरे धीरे मंगल ग्रह को पृथ्वी की तरह बदल दिया जाएगा। एलन मस्क ने ये जानकारी एक ट्विटर यूजर के सवाल के जवाब में दिया था।

कैसा होगा मंगल ग्रह पर घर?
ट्विटर यूजर ने एलन मस्क से पूछा था कि, जब लोग पहली बार मंगल पर पहुंचेंगे, तो क्या ग्रह को पहले ही पृथ्वी की तरह तैयार कर लिया गया रहेगा या फिर लाल ग्रह पर जिंदा रहने के लिए स्पेस एक्स ने कोई दूसरा तरीका तैयार करेगा? इस सवाल के जवाब में ही मस्क ने कांच के घरों में लोगों को रखने की जानकारी दी थी। दरअसल अभी मंगल का तापमान अधिकतम माइनस 48 डिग्री रहता है। साथ ही मंगल पर सूर्य से आने वाली खतरनाक किरणों को रोकने के लिए कोई रक्षाकवच नहीं है, जैसा हमारे पृथ्वी के लिए ओजोन की परत करता है, लिहाजा ऐसे वातावरण में इंसानी जीवन नहीं रह सकता है।

कैसे बदला जाएगा मंगल ग्रह का वातावरण?
एलन मस्क की योजना साल 2050 तक मंगल पर पहली बस्ती बसाने की है। एलन मस्क ने बताया था कि, वह तापमान बढ़ाने के लिए मंगल के एक हिस्से पर भारी ताकत के कई परमाणु विस्फोट करेंगे। विस्फोट से कार्बन डाई ऑक्साइड गैस निकलेगी, जिसके चलते मंगल ग्रह के तापमान में बढ़ोतरी होगी। ऐसा होने से ग्रीन हाउस गैसों को प्रभाव बढ़ेगा और धीरे-धीरे इंसानों के रहने लायक एक कृत्रिम वातावरण तैयार हो जाएगा। हालांकि ये करना इतना आसान भी नहीं होगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक मंगल के तापमान में परिवर्तन के लिए वहां पर 10 हजार परमाणु बम गिराने होंगे, जिन्हें वहां तक पहुंचाने के लिए आधुनिकतम मिसाइलों की जरूरत होगी। इसके साथ ही परमाणु बम के बाद वहां विकिरण का खतरा भी बना रहेगा।












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