मिश्र की अदालत ने किया '188 लोगों' की सजा-ए-मौत का ऐलान
मिस्र की एक अदालत ने 188 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। इस सजा पर देश की शीर्ष धार्मिक संस्था 'ग्रैंड मुफ्ती' की मुहर लगनी बाकी है। इस आदेश को समीक्षा के लिए मिस्र के मुफ्ती-ए-आजम के पास भेज दिया गया है। मिस्र के कानून के हिसाब से किसी भी सजा को लागू करने से पहले ऐसा करना आवश्यक है। हालांकि मुफ्ती का निर्णय अदालत के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। अदालत ने कहा है कि सजा की पुष्टि 24 जनवरी को की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना के बावजूद अदालत ने इतने बड़े पैमाने पर लोगों को मौत की सजा सुनाई है। जिन 188 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई, उन पर पिछले साल केरदासा में 11 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। केरदासा काहिरा के पश्चिम में एक अशांत शहर है। उसे आतंकवादियों का गढ़ माना जाता है।
188 लोगों ने हमले में पुलिसकर्मियों के शरीर को टुकड़े-टुकड़े कर दिया गया था। यह सुरक्षा बलों पर अब तक का सबसे जघन्य हमला माना जाता है।












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