Pakistan Demonetisation: पाकिस्तान में भी होगी नोटबंदी? 5000 के नोट की वजह से बर्बाद हो रही अर्थव्यवस्था
भारत में हुई नोटबंदी से प्रेरणा लेकर पाकिस्तान की सीनेट में भी 2016 में ही 5,000 के नोट को बंद करने का प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया था।

पाकिस्तान इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। चीन के अलावा उसे किसी भी देश या संस्था से आर्थिक रूप से कोई मदद नहीं मिल पाई है। ऐसे में पाकिस्तान की अर्थव्यस्था को पटरी पर लाने के लिए एक अर्थशास्त्री ने नोटबंदी का सुझाव दिया है।
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के अर्थशास्त्री अम्मार खान ने सुझाव दिया है कि मौजूदा आर्थिक संकट से बाहर निकलने के लिए पाकिस्तान को अपने 5 हजार रुपये के नोट का चलन बंद कर देना चाहिए। यह पाकिस्तान में सबसे अधिक मूल्य का नोट है।
वायरल हो रहे इस पॉडकास्ट में अर्थशास्त्री ने भारत का भी उदाहरण दिया है। उन्होने कहा कि भारत में 2016 में हुई नोटबंदी के बाद टैक्स कलेक्शन में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में 8 ट्रिलियन तक कैश की कमी है।
उन्होंने कहा कि यह नकदी देश में खपत को बढ़ा रही है, जबकि इससे सरकार को किसी तरह का कोई टैक्स नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि यह पैसा वित्तीय संकट से घिरे पाकिस्तान में महंगाई को बढ़ाने में बड़ा रोल अदा कर रहा है।
अर्थशास्त्री ने कहा कि पाकिस्तान में अधिकतर लेन-देन नकदी में ही होता है। जबकि, देश को बाहरी चीजों अमेरिकी डॉलर में मंगानी पड़ती हैं। अगर यहां कोई पेट्रोल भी खरीदने जाता है तो वह कैश में पेमेंट करता है, जबकि पेट्रोल का आयात डॉलर में होता है।
ऐसे में इस नकदी का कहीं कोई हिसाब-किताब नहीं रहता है। बस यही वह जगह है, जहां पर समस्या पैदा हो रही है। अर्थशास्त्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान को आईएमएफ से फंड नहीं मिला तो वह डिफॉल्ट कर रहा है।
ऐसे में सरकार को लीक से हटकर कुछ फैसले लेने होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में नोटबंदी के फैसले को लेकर विरोध होता है। भारत में भी ये हुआ था। पाकिस्तान में नोटबंदी होती है तो यहां भी इसका विरोध होगा। लेकिन यह नोट आमतौर पर बड़े आदमियों के पास ही हैं, इसलिए आम आदमी को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में नोटबंदी की बात हो रही है। 2016 में भारत में हुए नोटबंदी के बाद पाकिस्तान की सीनेट में काले धन के प्रवाह को रोकने के लिए 5,000 रुपये के नोटों को "चरणबद्ध तरीके से" वापस लेने की मांग करते हुए एक गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव पारित किया गया था।
हालांकि इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद पाकिस्तान की सरकार ने इसे रद्द कर दिया। वित्त मंत्रालय ने इस तरह की नोटबंदी को खारिज करते हुए कहा कि इससे दुनिया भर के कारोबार को नुकसान पहुंचा है।












Click it and Unblock the Notifications