इबोला से 15 देशों के 22 मिलियन लोगों को खतरा, विशेषज्ञों ने जताई चिंता
लंदन। इबोला अफ्रीकी देशों पर जम कर कहर बरपा रहा है। इस महामारी से अब तक 2400 लोगों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा संय़ुक्त राष्ट्र संघ ने जारी किया है। वहीं, क्यूबा ने पश्चिमी अफ्रीका में जारी इस स्वास्थ्य संकट के लिए सबसे बड़ा विदेशी चिकित्सा दल भेजने का वादा किया है।

हवा के जरीए फैलेगा इबोला वायरस!
पश्चिमी अफ्रीका में पिछले 6 महीने में इबोला के 4300 केस दर्ज किये गए हैं। जो कि 1976 के बाद सबसे बड़ी महामारी के रूप में फैल रहा है। वहीं, इससे जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें विशेषज्ञों को परेशान भी कर रही है। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि इबोला का संक्रमण कुछ दिनों में हवा के जरीए भी होने की संभावना है। अभी इबोला सिर्फ शारीरिक संपर्क में आने या उल्टी और पसीना की वजह से फैलता है। जबकि यदि इसके वायरस में बदलाव आया तो यह एक हवा से फैलने वाली महामारी में भी तबदील हो सकती है। हालांकि अभी तक किसी वैज्ञानिक ने इस पूर्नानुमान पर मोहर नहीं लगाई है।
15 देशों को खतरा
वहीं, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक नक्शा जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि 15 देशों के 22 मिलियन लोग जोखिम में हैं। यह आंकड़ा इबोला संक्रमण की तीव्रता और पिछले रिकॉर्डस के आधार पर बताया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि अक्टूबर शुरुआत तक सिएरा लियोन, गिनी और नाइजीरिया से इबोला के और हजारों केस सामने आने वाले हैं।
तीव्र गति से फैल रहा है इबोला
ऑक्सफोर्ड के विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला संक्रमण उम्मीद से ज्यादा तेजी और ज्यादा क्षेत्रों में फैल रहा है। इबोला से ग्रसित लोगों की मौत की संभावना 90 प्रतिशत तक रहती है, जबकि कुछ केसों में व्यक्ति का इलाज संभव भी हो पाया है। वैज्ञानिकों ने कहा कि हमें जल्द से जल्द इसकी रोकथाम के लिए सक्रिय कदम उठाना होगा, साथ ही इबोला से ग्रसित लोगों को जल्द से जल्द हॉस्पिटल लाने की सुविधा, उसे बाहरी संपर्क से दूर रखना और लोगों को इसके संबंधित सारी जरूरी जानकारियों के बारे में जागरूक करना होगा।












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