East Asia Summit 2024: 'संघर्ष ग्लोबल साउथ को नुकसान पहुंचा रहे', पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में PM मोदी
PM Modi Visit East Asia Summit 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम में आयोजित पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को शिरकत की। यहां पीएम मोदी ने दक्षिण चीन सागर की शांति, सुरक्षा और स्थिरता पर जोर देते हुए कहा कि यह पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हित में है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता और नियम आधारित व्यवस्था को बनाए रखना बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्षों के ग्लोबल साउथ पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा, "दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे संघर्षों का सबसे ज्यादा नकारात्मक असर ग्लोबल साउथ के देशों पर पड़ रहा है। हर कोई चाहता है कि चाहे यूरेशिया हो या पश्चिम एशिया, जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल हो।"

उन्होंने आगे कहा कि वे बुद्ध की धरती से आते हैं और इस बात को बार-बार दोहराया है कि यह युद्ध का युग नहीं है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि युद्ध के जरिए समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता और कूटनीति तथा संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
नौवहन और वायु क्षेत्र की स्वतंत्रता पर जोर
प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत समुद्री गतिविधियों के संचालन की बात करते हुए कहा कि नौवहन और वायु क्षेत्र की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने दक्षिण चीन सागर की शांति और सुरक्षा को हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस क्षेत्र में स्थिरता से सभी देशों की प्रगति संभव हो सकेगी।
स्वतंत्र और समावेशी हिंद-प्रशांत का समर्थन
पीएम मोदी ने एक स्वतंत्र, खुला और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के समर्थन की बात की। उन्होंने कहा, "स्वतंत्र, खुला, समावेशी, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत पूरे क्षेत्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।"
आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की अपील
आतंकवाद को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसे खत्म करने के लिए मानवता में विश्वास रखने वाली ताकतों को एकजुट होकर काम करना होगा। साथ ही, उन्होंने साइबर, समुद्री और अंतरिक्ष क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
अंतरराष्ट्रीय कानूनों और कूटनीति पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान हो सके।
अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका में तूफान मिल्टन के कारण हुई 14 लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने लाओस की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में भी भाग लिया।
पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के महत्व पर केंद्रित रहा। उन्होंने ग्लोबल साउथ पर संघर्षों के नकारात्मक प्रभावों को रेखांकित किया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए समुद्री गतिविधियों, नौवहन की स्वतंत्रता और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान की अपील भी की।












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