Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Earth Speed: तो क्या अब दिन में सिर्फ 23 घंटे होंगे? 'तेजी से घूम रही है', धरती, क्या-क्या बदल जाएगा?

Earth Rotation Speed: समय जीवन का सबसे अनमोल उपहार है, क्योंकि यह एक बार चला जाए तो वापस नहीं आता। लेकिन क्या आप जानते हैं धरती की स्पीड अब पहले कि तरह सामान्य नहीं रही है। वैज्ञानिकों की नई खोज के अनुसार हमारी पृथ्वी अब पहले से तेज घूम रही है। यह बदलाव अभी तो बहुत ही छोटा है, लेकिन इसका असर बहुत बड़ा हो सकता है। अब तक पृथ्वी को एक घुमाव पूरा करने में लगभग 86,400 सेकंड लगते हैं और समय-समय पर इसमें सूक्ष्म बदलाव होते रहते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों ने बताया कि इस बार पृथ्वी अपने सामान्य समय से ज्यादा तेज घूम रही है।

क्या है वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला खुलासा?

हाल ही में वैज्ञानिकों ने यह खुलासा किया कि पृथ्वी की रफ्तार कुछ मिलीसेकंड बढ़ गई है। इससे दिन छोटे होते जा रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर पृथ्वी कि गति इसी तरह जारी रही तो 2029 तक हमें समय की गणना में बदलाव करना पड़ सकता है।

Earth Speed

क्या है डायनासोर युग?

आपको बता दें कि डायनासोर के युग के दौरान एक दिन में सिर्फ 23 घंटे ही होते थे।फिर ब्रॉन्ज युग तक वे लंबे हो गए थे। वैज्ञानिकों के मुताबिक साल 2025 में 9 जुलाई 2025, 22 जुलाई 2025 और 5 अगस्त 2025 का दिन इस साल बेहद छोटा रहेगा। इन तारीखों को पृथ्वी के सबसे तेज घूमने की संभावना जताई जा रही है।

2025 में 2 सेकंड होंगे कम?

वैज्ञानिकों के मुताबिक 5 अगस्त 2025 का दिन 1.51 मिलीसेकंड छोटा हो सकता है। साथ ही यह पहली बार होगा जब लीप सेकेंड हटाने की नौबत आ सकती है।

लीप सेकेंड क्यों जरूरी है?

इस घटना को हम कुदपत के करिश्म के रूप में भी देख सकते हैं। अभी तक जब धरती की रफ्तार कम होती थी, तो एटॉमिक घड़ियों में लीप सेकेंड जोड़ा जाता था। लेकिन यह पहली बार होगा जब लीप सेकेंड हटाने की नौबत आ सकती है। यह इतिहास में पहली बार होगा। एक सेकंड समय से हटाना, तकनीकी रूप से बड़ी घटना मानी जाएगी।

घड़ियों पर होने वाला बदलाव

पृथ्वी की घूर्णन गति और एटॉमिक घड़ियों के समय में फर्क होता है। यही वजह है कि समय-समय पर लीप सेकेंड जोड़ा जाता है। अब तक ये सेकेंड जोड़े जाते थे,लेकिन अगर पृथ्वी यूं ही तेज घूमती रही, तो घटाने पड़ सकते हैं। 2029 में पहला मौका आ सकता है जब हमें एटॉमिक टाइम से एक सेकंड हटाना पड़े।

क्यों बढ़ी रही है पृथ्वी की रफ्तार?

पृथ्वी की रफ्तीर तेज होने को लेकर सवाल पूछे जाना पर वैज्ञानिकों ने कहा कि इस सवाल का जवाब अभी पूरी तरह साफ नहीं है। वैज्ञानिकों के पास कुछ थ्योरी हैं, लेकिन ठोस वजह अब भी अनसुलझी है। कुछ संभावित कारण हो सकते हैं।
-जमीन का वापस उठना (ग्लेशियर मेल्ट के बाद)
-समुद्री धाराओं या वायुमंडलीय दबाव में बदलाव
-भूकंप या अंदरूनी प्लेट मूवमेंट
-पृथ्वी के कोर में हलचल

क्या इसका असर हमारी जिंदगी पर होगा?

नहीं, वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पूरी तरह तकनीकी प्रक्रिया है। इसका असर न तो हमारे मोबाइल फोन पर होगा, न घड़ियों पर, न ही इंटरनेट या सैटेलाइट सिस्टम पर कोई रुकावट आएगी। लेकिन एक बात जरूर याद रखने वाली है कि समय, जिसे हम सबसे स्थिर मानते हैं, वह भी पृथ्वी के मूवमेंट से प्रभावित होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार भविष्य में पृथ्वी पर 25 घंटे का दिन हो सकता है। लेकिन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इसमें 200 मिलियन साल और लगेंगे।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+