Silver Rate Today: चांदी खरीदने वालों को तगड़ा झटका! ₹17,317 की बंपर तेजी,100 ग्राम के रेट ने चौंकाएंगे
Silver Rate Today 5 July 2026: अगर आप भी भारतीय सर्राफा बाजार से चांदी या उसके गहने खरीदने का मन बना रहे हैं, तो दुकान पर जाने से पहले अपनी जेब अच्छी तरह चेक कर लीजिए। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मची उथल-पुथल और घरेलू स्तर पर हुए बड़े बदलावों के चलते चांदी की कीमतों में एक ऐसा बंपर उछाल आया है, जिसने आम ग्राहकों से लेकर बड़े निवेशकों तक को चौंका दिया है।
महज कुछ ही समय के भीतर चांदी का भाव ₹2,17,000 प्रति किलो से बढ़कर ₹2,34,000 के पार पहुंच गया है, यानी इसमें सीधे ₹17,317 प्रति किलोग्राम की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

अगर पिछले साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर 2025 की बात करें, तो उस समय चांदी का भाव ₹2.30 लाख प्रति किलो था, जो अब चढ़कर ₹2.34 लाख के पार बना हुआ है। इसी साल 29 जनवरी को सोने ने ₹1.76 लाख और चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का अब तक का सबसे ऐतिहासिक 'ऑलटाइम हाई' स्तर भी छुआ था।
गुडरिटर्न्स वेबसाइट के मुताबिक खुदरा बाजार में चांदी की कीमत ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक मोर्चे पर बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी (Spot Silver) की कीमत 1.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ 59.89 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रही है।
Silver Price In India: देश के बड़े शहरों में चांदी का ताजा भाव
| शहर | 10 ग्राम चांदी | 100 ग्राम चांदी | 1 किलो चांदी |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| मुंबई | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| कोलकाता | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| पटना | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| लखनऊ | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| मेरठ | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| अयोध्या | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| कानपुर | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| गाजियाबाद | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| नोएडा | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| गुरुग्राम | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| चेन्नई | ₹2,600 | ₹26,000 | ₹2,60,000 |
| जयपुर | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| लुधियाना | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| गुवाहाटी | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| जलगांव | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| इंदौर | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| अहमदाबाद | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| वडोदरा | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| सूरत | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| पुणे | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| नागपुर | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| चंडीगढ़ | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| नासिक | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| बेंगलुरु | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| भुवनेश्वर | ₹2,600 | ₹26,000 | ₹2,60,000 |
| रायपुर | ₹2,500 | ₹25,000 | ₹2,50,000 |
| हैदराबाद | ₹2,600 | ₹26,000 | ₹2,60,000 |
इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर हुई 15%: तेजी की सबसे बड़ी वजह
चांदी और सोने की कीमतों में आग लगने के पीछे केंद्र सरकार का एक बड़ा फैसला भी है। मई 2026 में सरकार ने सोने-चांदी के आयात पर लगने वाली प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से सीधे बढ़ाकर 15% कर दिया है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य विदेशों से होने वाली बेतहाशा खरीद को नियंत्रित करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) पर बढ़ रहे दबाव को कम करना है।
इस नए टैक्स ढांचे के तहत अब सोने-चांदी पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (AIDC) लगाया जा रहा है, जिससे कुल प्रभावी टैक्स 15% हो गया है। इससे पहले साल 2024 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे 15% से घटाकर 6% किया था, जिसे अब वापस पुरानी दरों पर ला दिया गया है।
भविष्य के नजरिए पर 'वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल' (WGC) ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि साल 2026 की दूसरी छमाही (Second Half) सोने और चांदी के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और मौजूदा भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव ऐसे प्रमुख कारक हैं, जो आने वाले दिनों में कीमतों को और ज्यादा प्रभावित करेंगे।
भारत में कैसे तय होते हैं सोने और चांदी के भाव?
सर्राफा बाजार में हर दिन सुबह सोने और चांदी की नई कीमतें जारी की जाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये दाम कैसे तय होते हैं? दरअसल, भारत में सोने-चांदी के भाव मुख्य रूप से दो बड़े कारकों पर निर्भर करते हैं-अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेत (Global Factors) और घरेलू नीतियां (Domestic Factors)। लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) जैसी वैश्विक संस्थाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेस प्राइस तय करती हैं।
इसके बाद, जब यह धातु भारत में आयात (Import) की जाती है, तो इस पर केंद्र सरकार द्वारा तय कस्टम ड्यूटी और टैक्स जोड़े जाते हैं। इसके बाद 'इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन' (IBJA) देश के प्रमुख डीलरों से इनपुट लेकर एक बेंचमार्क रेट जारी करता है। अंत में, अलग-अलग राज्यों और शहरों के स्थानीय सर्राफा संघ (Local Associations) अपने क्षेत्र के ट्रांसपोर्टेशन खर्च, स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्जेस को जोड़कर खुदरा भाव तय करते हैं, यही वजह है कि अलग-अलग शहरों में चांदी के भाव में अंतर देखने को मिलता है।














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