दुबई ने भारतीय नागरिकों के लिए पेश किया 5 साल का मल्टी एंट्री वीजा, जानिए इससे फायदा क्या होगा?
दुबई ने भारत और खाड़ी देश के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच साल का मल्टी-एंट्री वीजा पेश किया है। ये जानकारी दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी एंड टूरिज्म (DET) ने दी है।
ये वीजा 90 दिनों तक दुबई में बिना वीजा के रहने की अनुमति देता है। इसे एक बार और बढ़ाया यानी कि रिन्यू कराया जा सकता है।

इस हिसाब से बिना किसी वीजा के दुबई में सालाना 180 दिनों तक रहा जा सकता है। ये वीजा रिक्वेस्ट मिलने के 2 से 5 दिनों के अंदर जारी किया जाएगा। DET ने बताया कि दुबई ने भारत और दुबई के बीच यात्रा को आगे बढ़ाने, निरंतर आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने और पर्यटन और व्यापार संबंधों को प्रोत्साहित करने के लिए पांच साल का मल्टी-एंट्री वीजा पेश किया है।
आपको बता दें कि साल 2023 में भारत से करीब 25 लाख ओवरनाइट विजिटर्स (overnight visitors) दुबई पहुंचे थे। गुरुवार को डीईटी के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, इसने देश को नंबर वन सोर्स मार्केट बना दिया।
2022 में भारत से 18 लाख से ज्यादा पर्यटक (Overnight Visitors ) दुबई पहुंचे थे। जबकि कोरोना से पहले 2019 में, यह संख्या 19 लाख के करीब थी। आंकड़ों से पता चलता है कि दुबई जाने वाले Overnight Visitors की तादाद में साल-दर-साल करीब 34 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है।
इस तरह भारत दुबई के लिए नंबर वन सोर्स मार्केट बन गया है। गौरतलब है कि Overnight Visitors ऐसे लोग होते हैं जो किसी जगह पर जाने के बाद कम से कम एक रात वहाँ ठहरते हैं।
डीईटी का कहना है कि मल्टीपल एंट्री वीजा से पर्यटक अब कई एंट्रीज और एग्जिट का लाभ उठा सकते हैं, यानी लोग कई बार आ-जा सकते हैं। ये पर्यटकों को दुबई में व्यावसायिक गतिविधियों को संचालित करने और फुर्सत के लम्हें बिताने में मदद करेगा।
डीईटी ने एक बयान में कहा कि व्यवसाय और छुट्टियां बिताने के लिए दुबई शीर्ष तीन वैश्विक शहरों में से एक है। यूएई और भारत प्रमुख आर्थिक साझेदारों के रूप में खड़े हैं, जिनके रिश्ते सदियों पुराने हैं। ये आपस में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, राजनयिक सहयोग और महत्वपूर्ण व्यापार को बढ़ावा देने का काम करते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए दुबई, भारतीय यात्रियों की एक विस्तृत श्रृंखला को लुभाने की कोशिश कर रहा है।












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