पर्यटकों के लिए खुलेगी सुरंग, जहां बंदी था 'ड्रैकुला'
अंकारा। तुर्की के दूसरे सबसे बड़े किले के अंदर बनी सुरंग को अब पर्यटकों के लिए खोला जाएगा, जहां कभी ड्रैकुला के नाम से चर्चित रोमानिया के राजकुमार व्लाद तृतीय को बंदी बनाकर रखा गया था। इस सुरंग को 2009 में किले के जीर्णोद्धार के दौरान खोजा गया था।

'हुर्रियत डेली न्यूज' की रिपोर्ट के अनुसार, टोकाट किले के नीचे बनी सुरंग को सीलेनयोलु के नाम से जाना जाता है। इसके प्रवेश द्वार से मिट्टी व चट्टानें हटाने की कोशिश की जा रही है।
टोकाट के संस्कृति और पर्यटन निदेशक अब्दुर्रहमान अक्यूज ने कहा, "ऑटोमन साम्राज्य के काल में इस किले का इस्तेमाल जेल के रूप में होता था और यहां कई प्रसिद्ध हस्तियों को कैद कर रखा गया था।"
अक्यूज ने कहा कि ड्रैकुला को किले में बंदी बनाकर रखा गया था। उन्होंने कहा, "पर्यटन के लिहाज से किला काफी महत्वपूर्ण है। तुर्की के किसी भी शहर के मध्य में इस तरह का किला बहुत दुर्लभ है। हमारा अनुमान है कि सुरंग की लंबाई तकरीबन 300-350 मीटर होगी।"
व्लाद तृतीय ने 1448 से लेकर 1476 तक वालाशिया पर शासन किया। वालाशिया रोमानिया का ऐतिहासिक एवं भौगोलिक क्षेत्र था। ड्रैकुला को 15वीं शताब्दी की शुरुआत में टोकाट किले में बंदी बनाकर रखा गया था। हालांकि उसे बंदी बनाए जाने के वास्तविक समय के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications