डोनाल्ड ट्रंप ने लाइव मैच की तरह देखा बगदादी का खात्मा, ये है ‘ऑपरेशन ऑब्लिट्रेशन’ की पूरी कहानी
अशोक कुमार शर्मा। 26 अक्टूबर, दिन शनिवार। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बिल्कुल सामान्य दिनचर्या में थे। दोपहर बाद वे गोल्फ खेलने चले गये। कुछ राउंड खेलने के बाद वे शाम करीब पांच बजे ह्वाइट हाउस पहुंचे। तब तक वहां अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल और उपराष्ट्रपति माइक पेंस भी वहां पहुंच चुके थे। ह्वाइट हाउस के किसी कर्मचारी को भी कुछ खास नहीं लगा। सीरिया पर तुर्की के हमले के बाद सैन्य अधिकारी अक्सर राष्ट्रपति से मिलने आते थे। लेकिन जब ट्रंप, उपराष्ट्रपति और सैन्य अधिकारियों के साथ ह्वाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम’ में पहुंचे तो सबको लगा कि कुछ बड़ा होने वाला है। सिचुएशन रूम में कई उपकरणों के साथ एक बड़ा टीवी ऑन था। ट्रंप अधिकारियों के साथ बैठे और टीवी स्क्रीन की तरफ देखने लगे। फिर वे अमेरिकी सेना के सबसे दुस्साहसी कारनामे को इस तरह देखने लगे जैसे कि बास्केटबॉल का कोई लाइव मैच हो।
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ऑपरेशन ऑब्लिट्रेशन
अमेरिका सेना का ऑपरेशन ऑब्लिट्रेशन। एलिट डेल्टा फोर्स के कमांडो सबसे आधुनिक HK 416 ए राइफल से लैस तैयार हैं। हेक्लर एंड कोच राइफल में कई उपकरण अटैच हैं। इसमें टारगेट सेट करने का उपकरण, शक्तिशाली टॉर्च और एक ग्रैनेड लॉन्चर भी जोड़ा गया है। यह दुनिया का सबसे विध्वंशक राइफल है। जवानों के साथ रॉबोट और K-9 के प्रशिक्षित खूंखार कुत्ते भी तैयार हैं। कम्यूनिकेशन और कमांड को देर तक परखा जाता है। रात कुछ ढलती है तो कूच की हरी झंडी मिलती है। इराक के एक एयर बेस से 8 हेलीकॉप्टर अपने लक्ष्य की तरफ उड़ान भरते हैं। करीब एक घंटे 10 मिनट के बाद वे उत्तर पश्चिम सीरिया के इलाके में दाखिल होते हैं। इंटेलिजेंस इनपुट के आघार पर टारगेट पहले से लोकेट था। अमेरिका सेना के इन हेलीकॉप्टरों को रूस, तुर्की और सीरिया के वायुक्षेत्र से गुजरना था। इसके लिए पहले ही रजामंदी ले ली गयी थी।

बगदादी का ठिकाना
उत्तर पश्चिम सीरिया का गांव बरिशा। आधीरात से कुछ अधिक का वक्त है। लोग घरों में दुबके सोये पड़े हैं। तभी आसमान से गड़गड़ाहट की आवाज आने लगती है। घुमती हुई पंखियों की आवाज उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। लेकिन जब आसमान से आने वाला शोर बढ़ता गया तो वे डर जाते हैं। उन्हें अंदेशा होने लगता है कि जरूर कोई अनहोनी होने वाली है। कुछ ही देर बाद गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजने लगती है। आवाज तेज होती जा रही है। कुछ हेलीकॉप्टर बहुत तेजी से उड़ रहे हैं। बरिशा गांव सीरिया के विद्रोही सैनिकों का अड्डा है जो आइएस के हिमायती हैं। इस गांव में एक बिल्डिंग है जो ऊंची चहारदिवारी से घिरी है। इस इमारत के बाहर डेल्टा फोर्स के जवान बेहद सावधानी के साथ रस्सियों के सहारे नीचे उतरते हैं। वे इमारत के मुख्य दरवाजे की तरफ जाने की बजाय बाउंड्री वाल की तरफ बढ़ते हैं। एक जगह कंपाउंड की दीवार में बड़ा सा छेद करते हैं। वहां से इमारत में दाखिल होते हैं और गोलियों की बौछार शुरू जाती है। इस इमारत में आइएस का सरगना और दुनिया का सबसे बर्बर आतंकी अबु बकर अल बगदादी अपनी पत्नी, बच्चों और खास सहयोगियों के साथ छिपा था।

बगदादी का खात्मा
इस हमले के लिए बगदादी के सुरक्षागार्ड बिल्कुल तैयार नहीं थे। गोलियों की आवाज सुन कर वे बाउंड्रीवाल की तरफ जमा हो कर काउंटर फायर करने लगे। अमेरिकी कमांडों के एक दस्ते ने उन्हें यहां इंगेज कर रखा। फिर दूसरा दस्ता इमारत के उस हिस्से की तरफ बढ़ा जिधर बगदादी रहता था। अमेरिकी कमाडों के साथ K-9 के खूंखार कुत्ते भी थे। आत्मघाती हमले से निबटने के लिए रोबोट भी था। बगदादी को सरेंडर करने या फिर मरने का विकल्प दिया गया। इस दौरान वहां से 11 बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया। जवाब नहीं मिलने पर कमाडों उसके कमरे की तरफ गोलियां बरसाने लगते हैं। कमरे में जिंदा से अधिक मुर्दा होते हैं। बगदादी को दो पत्नियां मारी गयीं। जान बचाने के लिए बगदादी अपने कमरे से जुड़े एक सुरंग की तरफ भागने लगा। उसने अपनी आतंकी विरासत बचाने के लिए तीन बेटों को भी साथ रखा था। बगदादी भाग रहा था और अमेरिकी सेना के कुत्ते उसका पीछा कर रहे थे। अमेरिकी कमांडो जानते थे कि यह एक बंद सुरंग है और बगदादी बच नहीं सकता। इस लिए उन्होंने उसके पीछे अपने कुत्तों को छोड़ दिया था। मौत को करीब देख कर बगदादी रो रहा था। भयानक कुत्ते उसके करीब पहुंचते रहे थे। वह बिल्कुल डरा हुआ था। दुनिया में लाखों लोगों को मारने वाला बगदादी खुद मौत के खौफ से बदहवाश था। उसे इतना भी होश न रहा कि वह कुत्तों को मार कर अपने को बचाने की कोशिश करे। दहशत में डूबे बगदादी ने आत्मघाती जैकेट से खुद को और तीन बेटों को उड़ा लिया। उसके थिथड़े उड़ गये। फिर मौके पर ही उसके शरीर के टुकड़े का डीएनए टेस्ट किया गया जिससे उसके मरने की पुष्टि हुई। ट्रंप ने रोंगटे खड़े कर देने वाली इस घटना का लाइव टेलीकास्ट देखा तो कहा बगदादी कुत्ते की मौत मारा गया। जिस तरह 2011 में अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को मारा था उसी तरह उसने बगदादी को भी मारा।












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