Trump Tariffs: ट्रंप के टैरिफ से बढ़ेगी महंगाई? धीमा हो सकता है विकास? फेड चेयरमैन ने दी बड़ी चेतावनी
Trump Tariffs: फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Federal Reserve Chairman Jerome Powell) ने हाल ही में एक अहम बयान दिया है, जो अमेरिका की अर्थव्यवस्था और दुनियाभर के बाजारों पर असर डाल सकता है। उन्होंने साफ कहा कि ट्रंप द्वारा लगाए गए नए टैरिफ (आयात कर) से अमेरिका में महंगाई यानी मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका है, और साथ ही आर्थिक विकास की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है।
पॉवेल ने वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में दिए गए भाषण में कहा कि ये टैरिफ जितना पहले सोचा गया था, उससे कहीं ज्यादा असर डाल सकते हैं। उन्होंने माना कि इन आयात शुल्कों से महंगाई में अस्थायी रूप से तो इज़ाफा होगा ही, लेकिन यह बढ़ोतरी स्थायी भी हो सकती है।

फेडरल रिजर्व का फिलहाल फोकस यही है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी लंबे वक्त तक न टिके और यह महंगाई किसी बड़ी समस्या में ना बदल जाए। इसी वजह से फेड आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लगभग 4.3% पर स्थिर रख सकता है। लेकिन ये फैसला वॉल स्ट्रीट के उन निवेशकों के लिए निराशाजनक हो सकता है, जो इस साल पांच बार ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।
इकोनॉमिस्ट्स मानते हैं कि अगर टैरिफ से कीमतें बढ़ीं और ग्रोथ धीमी हुई, तो फेड के सामने मुश्किल विकल्प होंगे। या तो वे महंगाई रोकने के लिए ब्याज दरें बढ़ाएं या फिर मंदी से लड़ने के लिए उन्हें घटाएं। इस बीच, चीन की ओर से भी जवाबी टैरिफ की आशंका है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और बाजारों में और भी अनिश्चितता बढ़ गई है।
हालांकि मार्च महीने में अमेरिका में 2.28 लाख नई नौकरियां जुड़ने की खबर राहत देती है, लेकिन ये आंकड़े उन टैरिफ की घोषणा से पहले के हैं। अर्थशास्त्री कैथी बोस्टजैंसिक ने कहा कि फेड एक "मुश्किल स्थिति" में है - क्योंकि महंगाई भी बढ़ रही है और विकास भी धीमा हो सकता है।
कुल मिलाकर, टैरिफ की वजह से अमेरिका की इकोनॉमी पर दबाव बढ़ता दिख रहा है और फेड के लिए आगे की राह और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।












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