डोनाल्ड ट्रंप ने एमी कोने बैरेट को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का जज चुना
न्यूयॉर्क। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एमी कोने बैरेट को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीश नियुक्त करने का फैसला कर लिया। इसका औपचारिक ऐलान आज (शनिवार) खुद ट्रंप करेंगे। आपको बता दें कि एमी दिवंगत जज जस्टिस रूथ बादेर गिन्सबर्ग की जगह लेंगी। एमी को जज बनाने के लिए ट्रम्प को अब सीनेट की मंजूरी देनी होगी। तकनीकि रूप से यह मुश्किल नहीं होगा क्योंकि वहां रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी और उसके राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन नए जज की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव में कुछ ही हफ्ते बाकी हैं। ऐसे में नए जज की नियुक्ति नई सरकार को ही करनी चाहिए।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एमी का नाम छह लोगों ने मिलकर फाइनल किया है। एमी शुक्रवार रात अपने घर के बाहर नजर आईं। उन्होंने फोटोग्राफर्स को कुछ पोज भी दिए। अब तक ये साफ नहीं हो सका है कि एमी के अलावा क्या किसी और कैंडिडेट का इंटरव्यू हुआ था या नहीं। कहा जाता है कि ट्रम्प के कुछ सीनियर अफसर लगातार दो दिन से एमी के संपर्क में थे और इसी दौरान उनके नाम पर मुहर लगाई गई।
48 वर्षीय एमी कोनी बैरेट, रिपब्लिकन राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 2017 में नील गोरसच और 2018 में नील गोरसच औरर 2018 में ब्रेट कवाना के बाद नियुक्त तीसरी जस्टिस होंगी। एमी का सुप्रीम कोर्ट जज के तौर पर नियुक्ति होने से यहां गर्भपात कानून में बदलाव की मांग वाले आंदोलन पर फर्क पड़ सकता है। महिला अधिकारों की बुलंद आवाज रहीं दिवंगत जस्टिस गिन्सबर्ग की जगह भरना उनके लिए आसान नहीं होने वाला। एमी को अच्छा लेखक भी माना जाता है। मानवाधिकारों पर भी उन्होंने दलीलें दी हैं। लेकिन, रिपब्लिकन पार्टी का करीबी होना उनके लिए क्या लेकर आएगा, ये कहना फिलहाल मुश्किल है।












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