ट्रंप का नया एग्जिक्यूटिव ऑर्डर, भारतीय कंपनियों की मुसीबत!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साइन करने वाले हैं वीजा प्रोग्राम में सुधारों से जुड़ा नया एग्जिक्यूटिव ऑर्डर। एच1बी वीजा धारकों खासतौर पर भारतीयों के लिए पैदा होंगी बड़ी मुश्किलें।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक नया एग्जिक्यूटिव ऑर्डर साइन कर सकते हैं। यह नया एग्जिक्यूटिव ऑर्डर वीजा कार्यक्रमों को निशाना बनाने वाला होगा और इसका सीधा असर अमेरिका में मौजूद भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों पर पड़ेगा। वॉक्स.कॉम की ओर से इस ऑर्डर का ड्राफ्ट रिलीज किया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से इस नए एग्जिक्यूटिव ऑर्डर को पेश कर दिया गया है।

वीजा धारकों के जीवनसाथियों की नो एंट्री
इस ड्राफ्ट से साफ है कि एच1बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों पर राष्ट्रपति ट्रंप के नए आदेश का सबसे ज्यादा असर होगा। वॉक्स.कॉम के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश की वजह से एच1बी वीजा धारकों के जीवनसाथी अमेरिका के लिए अपने वर्क परमिट से हाथ धो सकते हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इन वीजा धारकों के साथियों के लिए भी वर्क परमिट वाले आदेश को मंजूरी दी थी। जो नया ऑर्डर ट्रंप साइन करने वाले हैं वह , 'प्रोटेक्टिंग अमेरिकन जॉब्स एंड वर्कर्स बाय स्ट्रेंथनिंग द इंटीग्रिटी ऑफ फॉरेन वर्कर वीजा प्रोग्राम्स,' इस टाइटल के साथ है। व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी सीन स्पाइसर की ओर से सोमवार को कहा गया, 'मेरा मानना है कि एच1बी और दूसरे वीजा एक बड़े अप्रावसन सुधार उन कोशिशों का ही हिस्सा हैं जिसके बारे में राष्ट्रपति अपने एग्क्यिूजिटव ऑर्डर और कांग्रेस के साथ बात करते रहेंगे।' स्पाइसर के मुताबिक इस तरह के प्रोग्राम्स पर एक बार फिर से ध्यान देने की जरूरत है।
भारतीय छात्रों के लिए बड़ी मुश्किलें
नियम में ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग वर्क वीजा पर भी नुकसान पड़ेगा। इस वीजा पर ही विदेशी छात्र अमेरिका में अपना डिग्री कोर्स पूरा करने के बाद भी कुछ अतिरिक्त माह तक रुक सकते हैं। एक बार राष्ट्रपति ट्रंप ने अगर अपना आदेश साइन कर दिया तो फिर होमलैंड सिक्योरिटी को भी वीजा धारकों की जांच करनी पड़ेगी कि वे कहां काम कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका में काम कर रहे विदेशी नागरिकों को मंजूरी देने वाले नियमों को भी रिव्यू किया जाएगा। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि किस नियम के तहत इमीग्रेशन लॉ का उल्लंघन हो रहा है या फिर कौन से नियम देश हित में नहीं हैं। नए एग्जिक्यूटिव ऑर्डर पर अमेरिकी इमीग्रेशन नीतियों, देश पर उनके प्रभाव, अर्थव्यवस्था, वर्क फोर्स, विदेशी नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा का विश्लेषण करने वाली एक नई कमेटी बनाई जाएगी।
हर वर्ष 85,000 एच1बी वीजा, बदलेगा सेलेक्शन सिस्टम
अमेरिकी हर वर्ष 85,000 एच1बी वीजा जारी करता है और एक लॉटरी सिस्टम के तहत ये वीजा जारी होते हैं। लेकिन अब इसमें भी बदलाव हो सकता है। अब एक नया नियम इसके लिए लाया जा सकता है जिसके तहत सिर्फ सर्वश्रेष्ठ और सबसे तेज उम्मीदवार को ही इन वीजा के लिए सेलेक्ट किया जाएगा। करीब 90 प्रतिशत इंडियन आईटी कंपनियां एच1बी वीजा के तहत काम कर रही हैं। एल1 वीजा थोड़े समय के लिए होते हैं और इनका प्रयोग ज्यादतर टॉप मैनेजमेंट की ओर से ही किया जाता है। ट्रंप का नया आदेश अमेरिका में पढ़ रहे 165,918 भारतीय छात्रों की भावी योजनाओं को प्रभावित कर सकता है। चीन के बाद अमेरिका में भारतीय छात्र दूसरे नंबर पर हैं जो यहां की अलग-अलग यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे हैं।












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