'मैं पुतिन से बहुत निराश हूं', अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों जताई नाराजगी?
Donald Trump Russia Ukraine War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बावजूद शांति समझौते पर प्रगति न होने से ट्रंप निराश हैं।
स्कॉट जेनिंग्स रेडियो शो को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'हमारे बीच अच्छे रिश्ते थे, लेकिन अब मैं पुतिन से निराश हूं।' उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका युद्ध में हो रही मौतों को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए कदम उठाने जा रहा है। ट्रंप ने रूस और चीन के बढ़ते संबंधों को लेकर कोई चिंता नहीं जताई।

हमारे बीच अच्छे रिश्ते थे-ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में स्कॉट जेनिंग्स रेडियो शो को इंटरव्यू में कहा कि, उन्हें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से काफी निराशा हुई है। उन्होंने बताया कि अलास्का में हुई उनकी पिछली मुलाकात के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते पर कोई प्रगति नहीं हो सकी। ट्रंप ने कहा, 'हमारे बीच अच्छे रिश्ते थे, लेकिन अब मैं पुतिन से निराश हूं।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका युद्ध में हो रही मौतों को कम करने के लिए कुछ कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका लोगों की जिंदगी बचाने के उद्देश्य से कार्रवाई करेगा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका लोगों की जिंदगी बचाने के उद्देश्य से कार्रवाई करेगा, हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। इसके अलावा, ट्रंप ने रूस और चीन के बढ़ते संबंधों को लेकर चिंता नहीं जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सेना अब तक की सबसे मजबूत है और चीन या रूस कभी भी अमेरिका के खिलाफ अपनी सेना का उपयोग नहीं कर सकते।
यह बयान चीन में हाल ही में तियानजिन शिखर सम्मेलन के बाद आया है, जहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मेजबानी की। इस मौके पर जिनपिंग ने पुतिन को अपना पुराना दोस्त बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत की। ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका रूस और चीन के बढ़ते संबंधों की वजह से चिंतित नहीं है।
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अगस्त में ट्रंप और पुतिन की हुई थी मुलाकात
अलास्का में अगस्त के मध्य में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद अमेरिका में यूरोपीय और नाटो नेताओं के साथ यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की की भी मेजबानी की गई। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि पुतिन और जेलेंस्की किसी भी त्रिपक्षीय वार्ता से पहले सीधे मिलेंगे, जिसमें वह स्वयं शामिल होंगे।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी शांति समझौते में यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मदद करेगा और यदि प्रगति नहीं होती है तो रूस पर और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि अमेरिका युद्ध को खत्म करने के प्रयासों में सक्रिय है, लेकिन रूस और यूक्रेन के बीच समाधान अभी भी दूर है।
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