क्या ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालते ही जन्मजात नागरिकता का अंत? कानूनी अड़चनों से लेकर जानें सबकुछ
Donald Trump on Birthright Citizenship: डोनाल्ड ट्रंप, जो अमेरिका के राष्ट्रपति पद के निर्वाचित व्यक्ति हैं, ने एक बार फिर जन्मजात नागरिकता (Birthright Citizenship) को समाप्त करने का अपना इरादा जताया है। यह नीति अमेरिका में जन्मे हर व्यक्ति को नागरिकता का अधिकार देती है, चाहे उनके माता-पिता की स्थिति कुछ भी हो। ट्रंप इसे "हास्यास्पद" मानते हैं और इसे बदलने की वकालत कर रहे हैं।
जन्मसिद्ध नागरिकता को 1868 में 14वें संशोधन के तहत लागू किया गया था। इसके तहत, अमेरिका में जन्म लेने वाले सभी व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार मिलता है। इसमें उन बच्चों को भी नागरिकता मिलती है, जिनके माता-पिता अवैध आप्रवासी या अस्थायी वीज़ा पर रह रहे हों।

ट्रंप के तर्क
- ट्रंप और उनके समर्थकों का मानना है कि यह नीति अवैध प्रवास और जन्म पर्यटन को बढ़ावा देती है।
- अमेरिकी पहचान को संरक्षित रखने के लिए नागरिकता के नियमों को सख्त किया जाना चाहिए।
- बच्चों को नागरिकता तभी मिलनी चाहिए जब उनके माता-पिता में से कम से कम एक अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी हो।
- ट्रंप ने अपने 2023 के बयान में कहा कि यदि वे फिर से चुने जाते हैं, तो वह इसे समाप्त करने के लिए कार्यकारी आदेश लाने का प्रयास करेंगे।
आलोचनाओं और कानूनी चुनौतियां
आलोचना:
- सामाजिक समावेशन पर असर: कैटो इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ एलेक्स नोवरस्टेह का कहना है कि यह नीति आप्रवासी एकीकरण को बढ़ावा देती है। इसे खत्म करने से अमेरिका में एक अवैध अंडरक्लास बनने का खतरा है।
- अवैध प्रवासन की वजह नहीं: कई अध्ययनों में यह साबित नहीं हुआ है कि जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करने से अवैध प्रवासन पर रोक लगेगी।
कानूनी बाधाएं
- 14वें संशोधन का उल्लंघन: अमेरिकी संविधान के तहत जन्मसिद्ध नागरिकता का अधिकार संरक्षित है। इसे बदलने के लिए कार्यकारी आदेश पर्याप्त नहीं होगा।
- सुप्रीम कोर्ट के फैसले: 1898 में सुप्रीम कोर्ट ने वोंग किम आर्क मामले में यह साफ किया कि अमेरिका में जन्मे सभी व्यक्तियों को नागरिकता का अधिकार है, भले ही उनके माता-पिता की स्थिति कुछ भी हो।
- कांग्रेस का समर्थन आवश्यक: किसी भी बदलाव के लिए कांग्रेस और जनता का व्यापक समर्थन जरूरी होगा।
ट्रंप का प्रस्ताव और संभावित प्रभाव
ट्रंप ने सुझाव दिया है कि वह कार्यकारी आदेश के माध्यम से जन्मसिद्ध नागरिकता में बदलाव लाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए यह शर्त रखी जाएगी कि बच्चों को तभी नागरिकता मिलेगी, जब उनके माता-पिता में से कोई एक अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी होगा। हालांकि, यह प्रस्ताव संवैधानिक चुनौतियों का सामना करेगा।
ऐतिहासिक संदर्भ
- मूल अमेरिकियों को नागरिकता: 14वें संशोधन के बाद भी मूल अमेरिकी जनजातियों को 1924 में ही नागरिकता मिली।
- वोंग किम आर्क मामला (1898): सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका में जन्मे हर व्यक्ति को नागरिकता का अधिकार है।
डोनाल्ड ट्रंप का यह प्रस्ताव अमेरिकी राजनीति और कानूनी तंत्र में गहरे बदलाव का संकेत देता है। यह बहस अवैध प्रवासन, अमेरिकी पहचान, और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन पर केंद्रित है। ट्रंप के इस कदम को लागू करना आसान नहीं होगा और यह कानूनी लड़ाई का कारण बन सकता है। जन्मसिद्ध नागरिकता को खत्म करने का प्रस्ताव न केवल संवैधानिक विवाद खड़ा करेगा, बल्कि यह अमेरिका की आप्रवासी परंपराओं और मूल्यों को भी चुनौती देगा।












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