मुश्किल में डोनाल्ड ट्रंप, चुनाव परिणाम पलटने के मामले में नहीं मिलेगी छूट, क्या अब राष्ट्रपति नहीं बन पाएंगे?
एक तरफ जहां पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साल 2024 का चुनाव लड़ने के लिए तैयारियों में जुटे हैं तो वहीं उनकी कानून अड़चन और मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही है।
एक अपील अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि डोनाल्ड ट्रंप को पूर्व राष्ट्रपति के रूप में अभियोजन से छूट नहीं है। अदालत ने कहा है कि 2020 के चुनाव को पलटने की कोशिश के आरोप में उन्हें मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है।

अदालत का ये फैसला डोनाल्ड ट्रंप के बचाव के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अपील अदालत ने कहा कि यदि किसी राष्ट्रपति को कानून की अवहेलना करने की अनुमति दी गई तो यह "आश्चर्यजनक विरोधाभास" होगा।
मंगलवार को फैसला जारी करने वाले तीन-न्यायाधीश अपील अदालत पैनल में दो न्यायाधीश, जे. मिशेल चाइल्ड्स और फ्लोरेंस पैन शामिल हैं, जिन्हें जो बाइडेन द्वारा नियुक्त किया गया था और एक, करेन लेक्राफ्ट हेंडरसन, जिन्हें जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश द्वारा नियुक्त किया गया था।
इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति के वकील ने तर्क दिया था कि 2020 के चुनाव परिणामों को पलटने के उनके प्रयासों के लिए उन पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता क्योंकि इसमें राष्ट्रपति रहते हुए उनके द्वारा किए गए कार्य शामिल थे।
2020 के अमेरिकी चुनाव के परिणामों को पलटने के डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की जांच कर रहे विशेष वकील उनके खिलाफ चार आरोप लगाए हैं- अमेरिका को धोखा देने की साजिश, आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालने की साजिश, किसी आधिकारिक कार्यवाही में बाधा डालना और बाधा डालने का प्रयास करना और अधिकारों के खिलाफ साजिश।
विशेष वकील जैक स्मिथ की टीम ने तर्क दिया कि एक राष्ट्रपति कानून से ऊपर नहीं है, उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रपति को अभियोजन से छूट की अनुमति दी जाती है तो देश में तानाशाही शुरू हो जाएगी। और यह बहुत डरावना होगा। यदि भविष्य के राष्ट्रपति को अनुचित करने से रोकने के लिए कोई आपराधिक तंत्र नहीं होगा तो वे हमेशा सत्ता में बने रहेंगे।
ट्रम्प 2024 अभियान ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। स्टीवन चेउंग ने कहा कि यदि किसी राष्ट्रपति को छूट नहीं दी जाती है, तो पद छोड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति, भावी राष्ट्रपति को तुरंत विरोधी पार्टी द्वारा दोषी ठहरा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्ण छूट के बिना, संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति ठीक से काम नहीं कर पाएगा! चेउंग ने कहा कि ट्रंप इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। इसके लिए ट्रंप को 12 फरवरी तक का समय दिया गया है।
क्या है मामला?
अमेरिका में नवंबर 2020 में चुनाव हुए थे, जिसके परिणाम आने के बाद ट्रंप ने अपनी हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और झूठ फैलाया कि उनकी जीत हुई है। ट्रंप ने 2 जनवरी, 2021 को जॉर्जिया के शीर्ष चुनाव अधिकारी ब्रैड रैफेंसपर्गर से फोन पर कहा कि उन्हें राज्य में जो नुकसान हुआ है, उसे पलटने के लिए वो पर्याप्त वोट ढूंढें।
हालांकि, रैफेंसपर्गर ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इसके चार दिन बाद ट्रंप के समर्थकों ने यूएस कैपिटल हिल पर धावा बोल दिया था ताकि वो सांसदों को कैपिटल हिल में प्रवेश करने से रोक सकें। ये सांसद जो बाइडेन की जीत को प्रमाणित करने के लिए कैपिटल हिल जा रहे थे। इस दौरान ट्रंप के समर्थकों ने व्हाइट हाउस में घुसकर तोड़-फोड़ की और अधिकारियों पर हमला कर चुनावी गिनती को भी बाधित किया।












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