डोनाल्ड ट्रंप लड़ पाएंगे राष्ट्रपति चुनाव, क्यों पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का जेल जाना है नामुमकिन? जानिए
स्टॉर्मी डेनियल्स ने दावा किया था, कि साल 2006 में डोनाल्ड ट्रंप उसके साथ सोए थे, जब वो 27 साल की थी और उससे वादा किया था, कि उसे रियलिटी शो 'द अपरेंटिस' का हिस्सा बनाया जाएगा।

Donala Trump News: एडल्ट स्टार को 'अवैध' तरीके से डेढ़ लाख डॉलर दिए जाने के मामले में न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल की जांच के बाद ग्रांड ज्यूरी ने डोनाल्ड ट्रंप को बहुमत के साथ आरोपी ठहरा दिया है। जिसके बाद ट्रंप अमेरिका के पहले ऐसे पूर्व राष्ट्रपति बन गये हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामला चलेगा। लेकिन, अब जबकि ट्रंप सरेंडर करने वाले हैं और उनकी गिरफ्तारी तय है, तो फिर सवाल ये उठ रहे हैं, कि क्या वो अभी भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए लड़ पाएंगे? क्या एडल्ट स्टार का मामला डोनाल्ड ट्रंप को और परेशान करेगा? क्या ज्यूरी ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ भेदभावपूर्ण फैसला दिया है? ऐसे कई सवाल हैं, जो फिलहाल आपके मन में उठ रहे होंगे, आईये डोनाल्ड ट्रंप से संबंधित सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ किस तरह का है मामला?
डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ चार अलग अलग आपराधिक मामलों में जांच चल रही है, जो सरकार के तीन अलग अलग स्तरों पर है। ये तीन अलग अलग स्तर हैं, मैनहट्टन जिला अटॉर्नी स्तर, फुल्टन काउंटी स्तर, जॉर्जिया में जिला अटार्नी के पास एक मुकदमा और चौथा अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट में एक मुकदमा। अभी जो डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई है, वो न्यूयॉर्क के मैनहट्टन जिला अटॉर्नी स्तर के जांच के आधार पर दी गई है। जिसमें ट्रंप पर आरोप है, कि 2016 में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव कैम्पेन के दौरान एडल्ट स्टार स्टॉर्मी डेनियल को डेढ़ लाख डॉलर दिए थे और उस रकम को उन्होंने अपने चुनावी कैम्पेन का खर्च बताया। इसके लिए दस्तावेजों में धांधली की गई थी। स्टॉर्मी डेनियल को ये रकम मुंह बंद रखने के लिए मिले थे, लेकिन उसने इसके बाद भी अपना मुंह खोल दिया और खुलासा किया, कि ट्रंप ने अपने पूर्व वकील के जरिए उसतक मुंह बंद रखने के लिए पैसे पहुंचाए थे। बाद में ट्रंप के पूर्व वकील को इस मामले में सजा भी मिली थी।

क्या फिर से चुनाव लड़ पाएंगे डोनाल्ड ट्रंप?
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स के कानून के प्रोफेसर रिचर्ड हसन ने सीएनएन को बताया, कि "डोनाल्ड ट्रंप को चुनाव लड़ने से कोई नहीं रोक सकता है"। उन्होंने कहा, कि "अगर डोनाल्ड ट्रंप को दोषी भी ठहराया जाता है, फिर भी वो चुनाव लड़ॉ सकते हैं।" उन्होंने कहा, कि किसी भी शक्स को राष्ट्रपति चुनाव में खड़ा होने के लिए सिर्फ तीन शर्तों को पूरा करना होता है। पहला शर्त ये, कि वो जन्म से अमेरिकी नागरिक हो, दूसरा शर्त ये, कि वो कम से कम 35 साल का हो और तीसरी शर्त ये, कि वो कम से कम 14 सालों से अमेरिका में रह रहा हो। प्रोफेसर रिचर्ड हसन ने कहा, कि हालांकि, राजनीतिक मामलों में एक सजायाफ्ता कैदी के लिए अपनी पार्टी से ही चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं मिलती है। लेकिन, इसका मतलब ये नहीं, कि दोषी ठहराए जाने के बाद कोई चुनाव नहीं लड़ सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप पर लागू नहीं होंगे कोई भी प्रतिबंध
अमेरिकी संविधान के 14वें और 22वें संशोधन में कुछ स्टार मार्क हैं, जिनमें से कोई भी वर्तमान में औपचारिक अभियोग के निकटतम माने जाने वाले मामलों में ट्रम्प पर लागू नहीं होता है। संविधान का 22वां संशोधन किसी को भी, जो दो बार राष्ट्रपति रह चुका है (मतलब दो बार निर्वाचित हुआ है या किसी और के कार्यकाल का हिस्सा बना चुका है और फिर अपना कार्यकाल जीता है) फिर से चुनाव में खड़ा होने की इजाजत नहीं देता है। लेकिन, यह ट्रम्प पर लागू नहीं होता, क्योंकि वह 2020 का चुनाव हार गए थे। वहीं, अगर किसी व्यक्ति पर महाभियोग चलाया जाता है और उसके खिलाफ बलात्कार या मर्डर जैसे घृणित अपराध हों और उसे सीनेट दोषी ठहराता हो, तो फिर उसे पद से हटा दिया जाता है और फिर राष्ट्रपति चुनाव में खड़ा होने के लिए उसे अयोग्य ठहरा दिया जाता है। डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ सदन में दो बार महाभियोग चलाया गया, लेकिन सीनेट में ट्रंप को दोनों बार बरी कर दिया गया। लिहाजा, ट्रंप के सामने ये बाधा भी नहीं है। वहीं, संविधान के संशोधन 14 के द्वारा भी किसी व्यक्ति को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है, लेकिन अगर उसके खिलाफ देश के खिलाफ विद्रोह का आरोप है, और ट्रंप के खिलाफ ये आरोप नहीं हैं, इसीलिए उनके चुनाव लड़ने को लेकर कोई बाधा नहीं है।
ट्रंप के वोटिंग अधिकार छीने जा सकते हैं?
अगर न्यूयॉर्क क्रिमिनल कोर्ट डोनाल्ड ट्रंप को दोषी ठहरा देता है, तो फिर डोनाल्ड ट्रंप अपने गृह राज्य फ्लोरिडा में मतदान के अधिकार से वंचित कर दिए जाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप उस वक्त तक वोट नहीं डाल पाएंगे, जब तक कि वो अपनी तय सजा पूरी नहीं कर लेते हैं।
क्या ट्रंप के खिलाफ मुकदमा चलेगा?
सबसे महत्वपूर्ण सवाल ये है, कि क्या डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ क्रिमिनल कोर्ट में मुकदमा चलेगा? ज्यूरी ने भले ही ट्रंप को आरोपी ठहरा दिया हो, लेकिन ये मामला काफी पेचीदा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ट्रंप के खिलाफ क्या आरोप लगाए जाएंगे, ये अभी तक तय नहीं किया गया है। एडल्ट फिल्म स्टार स्टॉर्मी डेनियल को साल 2016 में भुगतान किया गया था और ट्रंप के वकीलों का तर्क है, कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए इस केस में समय सीमा समाप्त हो गई है। जबकि, सरकारी वकीलों का तर्क है, कि 2017 में ट्रंप राष्ट्रपति बन गये थे और उस वक्त उनके खिलाफ मुकदमा चल नहीं सकता था, लिहाजा उनके खिलाफ अभी भी मुकदमा चल सकता है। इसके साथ ही, ये भी अभी तक तय नहीं है, कि स्टेट क्राइम का ये मामला, आखिर कैसे फेडरल इलेक्शन क्राइम के मामले से जोड़ा जाएगा? इसमें बहुत सारे कानूनी पहलू हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने बताया, कि "ट्रंप के खिलाफ लाए गये अभियोग में अभी तक आरोप तय नहीं हैं, लिहाजा मुकदमा कैसे चलेगा, ये अभी तक ज्ञात नहीं है।" एक्सपर्ट वकीलों का कहना है, कि ट्रंप के वकीलों के लिए ये केस जीतना, आलू को छीलने की तरह आसान है। वकीलों के मुताबिक, बाकी के तीन मामले अलग अलग गति से आगे बढ़ रहे हैं, लिहाजा ट्रंप के लिए ये परेशान करने वाला मामला नहीं है।

क्या ज्यूरी ने भेदभावपूर्ण फैसला दिया है?
डोनाल्ड ट्रंप ने ज्यूरी पर भेदभावपूर्ण फैसला सुनाने का आरोप लगाया है, लिहाजा अब सवाल ये उठ रहे हैं, कि निष्पक्ष ज्यूरी कहां से लाया जाए, जिसपर ट्रंप को यकीन होगा? अमेरिकी संविधान का छठा संशोधन, उस राज्य और उस जिले को त्वरित कार्रवाई के लिए एक ज्यूरी के गठन का अधिकार देता है, जिसे जिले में अपराध किया गया हो, लेकिन ज्यूरी के सदस्यों को लेकर दोनों पक्षों की सहमति होना जरूरी होता है। सीएनएन के मुताबिक, एडवोकेट हसीन का कहना है, कि "दोनों पक्षों में उनके द्वारा पैदा किए गए गहन जुनून को देखते हुए इस तरह की जूरी को ढूंढना आसान नहीं होगा।" न्यूयॉर्क स्टेट यूनिफाइड कोर्ट सिस्टम की ट्रायल जूरर की हैंडबुक "वॉयर डायर" के मुताबिक, ज्यूरी चुनने के लिए दोनों पक्षों की सहमति होना जरूरी है, जिसमें दोनों पक्ष कहें, कि 'ज्यूरी किसी पूर्वाग्रह से प्रेरित नहीं है और ज्यूरी में इंसाफ तक पहुंचने की क्षमता है।' इसके साथ ही ज्यूरी को निष्पक्षता की शपथ लेनी पड़ती है।
Recommended Video

क्या ट्रम्प को कभी जेल हो सकती है?
सीएनएन से बात करते हुए वकीलों ने कहा, कि ये सोचना काफी आगे की बात है। डोनाल्ड ट्रंप पर मुकदमा ही नहीं चलाया जाएगा, लिहाजा उन्हों दोषी ठहराना तो दूर की बात है। एडवोकेट हसन ने कहा, कि "मुझे उम्मीद नहीं है, कि अगर ट्रम्प को इनमें से किसी भी आरोप के लिए दोषी ठहराया जाएगा और उन्हें जेल में डाला जाएगा" उन्होंने कहा, कि "जेल का समय तब आएगा, जब उसे दोषी ठहराया जाएगा और जेल की सजा सुनाई जाएगी।" उन्होंने कहा, कि "यह विचार, कि ट्रम्प कभी जेल की कोठरी के अंदर देखे जाएंगे, अभी भी पूरी तरह से दूर की कौड़ी लगती है"। हसन ने कहा, कि सीक्रेट सर्विस को जेल में उनकी सुरक्षा का इंतजाम करना होगा। उस की रसद मनमौजी है। क्या एजेंटों को उनके दोनों तरफ की सेल में रखा जाएगा? क्या सीक्रेट सर्विस के एजेंड, जो जेल में ट्रंप के साथ रहेंगे, क्या वो जेल के कपड़े पहनेंगे, या फिर अपने कपड़े में रहेंगे? उन्होंने कहा, कि "गलत काम करने वाले शीर्ष लोग अपने लिए बाहर निकलने का रास्ता भी तैयार करते हैं। जैसे पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को उनके बाद बनने वाले राष्ट्रपति जेराल्ड फोर्ड ने माफ कर दिया था। आरोन बूर, जो पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति थे, उन्हें भी माफ कर दिया गया था। लिहाजा, डोनाल्ड ट्रंप कभी जेल नहीं जाएंगे।












Click it and Unblock the Notifications