राष्ट्रपति ट्रंप के शरणार्थियों पर आए आदेश से इनकार पर अटॉर्नी जनरल की नौकरी गई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रवासन पर आए नए आदेश को लागू करने से मना करने वाली टॉप अटॉर्नी जनरल सैली क्यूलियान येट्स को निकाला। डोनाल्ड ट्रंप के आदेश को मानने से किया था इंकार।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को टॉप अटॉर्नी जनरल सैली येट्स को निकाल दिया है। सैली ने व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति के आदेश को मानने से इंकार कर दिया था और कहा था कि अमेरिकी न्याय विभाग राष्ट्रपति की ओर से मुसलमान देशों पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों का समर्थन नहीं करेगा।

आदेश के समर्थन से इंकार
व्हाइट हाउस की ओर से ट्विटर पर जानकारी दी गई है कि अब सैली की जगह पर दाना बोएनेट को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल का पद दिया जाएगा। बोएनेट फिलहाल वर्जिनिया की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के अटॉर्नी हैं। उन्हें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से नियुक्त किया गया था। येट्स ने सोमवार को अमेरिकी न्याय विभाग को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वह ट्रंप के आदेशों को कोर्ट में समर्थन नहीं करेंगी। ट्रंप ने अमेरिका में 120 दिनों तक सात मुसलमान देशों के शरणार्थियों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। येट्स ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वह इस आदेश का समर्थन करेंगी जो कि इस संस्था के एकमात्र उद्देश्य न्याय देने के अनुरुप नहीं है और हमेशा जो सही होगा उसके साथ खड़ी रहेंगी।
कुछ ही दिनों में था रिटायरमेंट
ट्रंप ने तर्क दिया है कि अप्रवासियों की कड़ी जांच अमेरिका को आतंकी हमलों से बचाने के लिए काफी अहम है। वहीं आलोचकों को कहना है कि उनका आदेश गलत है और मुसलमानों को गलत संदेश देने वाला है। इसके अलावा यह अमेरिकी संस्कृति के खिलाफ है। कुछ ही दिनों बाद येट्स अपने पद से रिटायर होने वाली थीं और उनकी जगह रिपब्लिकन पार्टी के जेफ सेशंस को अटॉर्नी जनरल का पद दिया जाना था। जेफ सेशंस फिलहाल सीनेट की मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने येट्स की टिप्पणियों को खारिज कर दिया है। सैली के अलावा राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यवाहक अमेरिकी इमीग्रेशन और कस्टम के प्रमुखों को भी उनके पद से हटा दिया है।












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