Donald Trump Criticizes Biden:'मूर्खतापूर्ण कदम', बाइडेन की यूक्रेन हथियार नीति पर ट्रंप की कड़ी आलोचना
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप ने वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन की यूक्रेन को अमेरिकी लंबी दूरी के हथियारों के उपयोग की अनुमति देने की नीति को कड़ी आलोचना की है। ट्रंप ने इसे "मूर्खतापूर्ण कदम" करार दिया और इसके समय पर सवाल उठाए, खासकर जब उनका प्रशासन सत्ता संभालने के करीब था।
बाइडेन प्रशासन ने पिछले महीने यूक्रेन को अमेरिकी आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (ATACMS) का उपयोग करने की अनुमति दी थी। यह फैसला यूक्रेन को रूस के भीतर दूरस्थ लक्ष्यों पर हमले करने में सक्षम बनाता है। बाइडेन का तर्क था कि यह निर्णय यूक्रेन को अपनी रक्षा को मजबूत करने में मदद करेगा।

ट्रंप का विरोध
ट्रंप ने सवाल किया कि बाइडेन ने यह फैसला उनके सत्ता में आने से कुछ हफ्ते पहले क्यों लिया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल अनावश्यक था, बल्कि बिना उचित विचार-विमर्श के लिया गया था। उन्होंने संकेत दिया कि वे इस फैसले को राष्ट्रपति बनने पर उलट सकते हैं।
यूक्रेन-रूस संघर्ष: बाइडेन बनाम ट्रंप की रणनीति
बाइडेन की नीति
- बाइडेन प्रशासन यूक्रेन को अधिकतम सैन्य सहायता देने पर जोर दे रहा है। पश्चिमी सहयोगियों के साथ मिलकर, अमेरिका ने यूक्रेन के लिए वित्तीय और सैन्य सहायता को बढ़ावा दिया है।
ट्रंप का दृष्टिकोण
- ट्रंप ने हमेशा रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत का समर्थन किया है। उन्होंने पेरिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान शांति वार्ता का आह्वान किया। ट्रंप का कहना है कि लंबे समय तक चलने वाला युद्ध यूक्रेन और वैश्विक स्थिरता दोनों के लिए नुकसानदायक है।
रूस की प्रतिक्रिया
मिसाइल तैनाती
- बाइडेन के फैसले के बाद रूस ने अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल तैनात करने का इशारा किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम यूक्रेन पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है।
उत्तर कोरियाई सैनिकों की तैनाती
- रूस ने उत्तर कोरिया से सहयोग मांगा है, जिससे उसकी सैन्य क्षमताओं में बढ़ोतरी हो सके।
राजनीतिक प्रभाव
अमेरिकी राजनीति में विभाजन
- बाइडेन और ट्रंप के बीच इस मुद्दे पर गहरी असहमति है। ट्रंप का आरोप है कि बाइडेन के फैसले ने रूस को और आक्रामक बना दिया है।
पश्चिमी सहयोगियों का दबाव
- बाइडेन का फैसला पश्चिमी सहयोगियों और जेलेंस्की के आग्रह के बाद आया था। उन्होंने तर्क दिया कि यूक्रेन की कमजोर सैन्य क्षमता को मजबूत करने के लिए यह कदम जरूरी था।
अमेरिका-रूस संबंधों पर असर
- ट्रंप और पुतिन के बीच के पिछले संबंधों ने इस मामले को और विवादास्पद बना दिया है। ट्रंप पर आरोप हैं कि उन्होंने 2016 के चुनाव में रूसी हस्तक्षेप को नजरअंदाज किया और पुतिन की प्रशंसा की। बाइडेन का कड़ा रुख रूस के साथ तनाव बढ़ाने का कारण बन सकता है।
भविष्य की चुनौतियां
शांति वार्ता की संभावनाएं
- ट्रंप का कहना है कि यूक्रेन और रूस को बातचीत से समस्या हल करनी चाहिए। लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि यह संघर्ष अन्य वैश्विक मुद्दों की तुलना में ज्यादा जटिल है।
अमेरिकी सैन्य नीति
- ट्रंप के सत्ता में लौटने पर यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन की नीति में बड़ा बदलाव हो सकता है। यह बदलाव रूस और पश्चिमी सहयोगियों के बीच संतुलन को प्रभावित कर सकता है।
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