'प्रवासियों को वापस नहीं लेने वाले देशों के साथ कोई बिजनेस नहीं', डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी
दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप ने कुर्सी संभालने से पहले ही गैरकानूनी तरह से अमेरिका में रह रहे लोगों को खुली चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने अपने चुनावी वादे में कहा था कि वह अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों को सेना की मदद उनके मूल देश भेजेंगे। यही नहीं उन्होंने कहा वह उन देशों से कोई बिजनेस भी नहीं करेंगे जो अपने नागरिकों को वापस लेने इनकार करेंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने टाइम्स मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमारे देश में इतनी बड़ी संख्या में अपराधी आ रहे हैं, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। इतनी बड़ी संख्या में ये लोग आ रहे हैं, जो इससे पहले कभी नहीं हुआ। मैं वही करूंगा जो कानून कहता है, मुझे कानून जिसकी इजाजत देता है मैं उसके सभी विकल्पों को अपनाऊंगा।

मुझे लगता है कि कई मामलों में पुलिस और प्रशासन को इसकी जरूरत है, उन्हें इसके लिए मदद की जरूरत है। हम नेशनल गार्ड को भी इसमे इस्तेमाल करेंगे। मैं इन लोगों को उनके देश में भेजूंगा, या फिर उनके साथ बिजनेस नहीं करूंगा। ये लोग जह हमारे देश में कोई उत्पाद भेजते हैं तो उन्हें इसके लिए टैक्स भी देना होगा, जो लोग अपने नागरिकों को लेने से इनकार करेंगे हम उनके साथ बिजनेस को बहुत मुश्किल कर देंगे।
बता दें कि अपने पूरे चुनावी अभियान के दौरान डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर खुलकर बोलते रहे। उन्होंने हजारों की संख्या में अवैध प्रवासियों के रिकॉर्ड को लोगों के सामने रखते हुए जो बाइडेन पर जमकर हमला बोला। ट्रंप ने वादा किया कि वह प्रवासियों के कानून को पूरी तरह से बदलेंगे, वह लाखों अवैध प्रवासियों को देश से बाहर करेंगे।
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही बॉर्डर जार टॉम होमन को अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़े निर्वासन को संभालने की जिम्मेदारी दे दी है। ट्रंप ने धमकी दी है कि वह 25 फीसदी कनाडा और मैक्सिको पर 25 फीसदी आयात शुल्क लगाएंगे क्योंकि इन दोनों देशों ने लाखों की संख्या में अवैध प्रवसियों को अमेरिका भेजा और बाइडेन प्रशासन में जानलेवा ड्रग्स को अमेरिका में फैलाया।












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