इजराइल PM को बचाने के लिए ट्रंप ने बढ़ाया हाथ! ICC पर लगाया बैन, समझें कैसे निभा रहे दोस्ती?
Donald Trump Ban on ICC: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) पर प्रतिबंध लगाने वाले एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। यह आदेश इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (PM Benjamin Netanyahu)और उनके पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को लेकर आया है। इस फैसले की मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आलोचना की है।
ICC ने इजराइल और हमास (Israel Gaza War) के बीच अक्टूबर 2023 के युद्ध में किए गए कथित युद्ध अपराधों की जांच शुरू की थी। इस जांच के तहत, इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। ICC का कहना है कि गाजा पर इजराइल के हमलों में हजारों फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे।

ट्रंप ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए 6 फरवरी को एक कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि ICC का अमेरिका और इजराइल पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। ICC ने नेतन्याहू के खिलाफ वारंट जारी कर शक्ति का दुरुपयोग किया है। यह कदम अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ "खतरनाक मिसाल" पैदा करेगा।
ICC पर लगाए गए प्रतिबंध क्या हैं?
- ICC अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति जब्त की जा सकती है।
- ICC के अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों को अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलेगा।
- ICC की जांच को अमेरिका में किसी भी तरह की मदद नहीं दी जाएगी।
इस फैसले को लेकर मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने नाराजगी जताई है।
मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया
- ह्यूमन राइट्स वॉच की वाशिंगटन निदेशक सारा यागर ने ट्रंप के फैसले को "अस्वीकार्य" करार दिया।
- अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन के वकील चार्ली हॉगले ने कहा:
- ICC ही वह संस्था है जहां मानवाधिकार हनन के पीड़ित न्याय के लिए जाते हैं।
- ट्रंप का आदेश न्याय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
US अमेरिका और ICC के बीच पुराना विवाद
- अमेरिका और इजराइल दोनों ही ICC के सदस्य नहीं हैं और इसे मान्यता नहीं देते।
- 2002 में अमेरिका ने एक कानून पास किया, जिससे पेंटागन को किसी भी अमेरिकी नागरिक या सहयोगी को ICC की गिरफ्त से छुड़ाने का अधिकार मिला।
- 2020 में ट्रंप ने ICC के मुख्य अभियोजक पर प्रतिबंध लगाए थे, क्योंकि वे अफगानिस्तान में अमेरिकी युद्ध अपराधों की जांच कर रहे थे।
- 2023 में बाइडेन सरकार ने ये प्रतिबंध हटा लिए और ICC के साथ सहयोग करना शुरू किया, खासकर जब ICC ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ वारंट जारी किया।
यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया
नीदरलैंड और कई यूरोपीय देशों ने ICC पर अमेरिकी प्रतिबंधों का विरोध किया है।
उनका कहना है कि ये प्रतिबंध न्याय व्यवस्था को कमजोर करेंगे और अंतरराष्ट्रीय अपराधों की जांच को मुश्किल बनाएंगे।
इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका और ICC के रिश्ते और तनावपूर्ण हो सकते हैं। ट्रंप के इस फैसले से इजराइल को राहत मिली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय न्याय के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।












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