डोकलाम पर फिर टकराव: ये है चीन का छिपा हुआ एजेंडा

Posted By: Amit J
Subscribe to Oneindia Hindi

बीजिंग। डोकलाम में एक बार फिर से चीनी सैनिकों की घुसपैठ को लेकर सीमा पर बर्फ जमती दिख रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी सेना ने पूराने डोकलाम विवाद से 10 किमी दूर फिर से रोड़ कंस्ट्रक्शन का निर्माण शुरू कर दिया है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि भूटान के डोकलाम में यथास्थिति बनी हुई है। इस बीच इंडियन आर्मी भी चीन की इस हरकत का जवाब देने और 3,800 किमी लंबी सीमा पर तैनाती को और ज्यादा पुख्ता कर दिया। हालांकि, विशेषज्ञों मानना है कि चीनी सेना इस बार अगर डोकलाम में वापस आई है तो इसका मकसद सीमा पर तनाव पैदा करने से ज्यादा आतंरिक मसला ज्यादा दिखाई दे रहा है।

घरेलू राजनीति बन रहा है सबसे बड़ा कारण

घरेलू राजनीति बन रहा है सबसे बड़ा कारण

कई राजनीतिज्ञों का मानना है कि चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी अगर फिर से डोकलाम में प्रवेश कर रही है तो घरेलू राजनीति इसका सबसे बड़ा कारण है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को इन दिनों अपने ही वफादारों से कड़ा विरोध का सामना करना पड़ रहा है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रपति जियांग जेमिन आलोचना करते हुए अपने प्रभाव को मजबूत कर रहे हैं। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी 18 अक्टूबर को 19वीं कांग्रेस की बैठक करेगी जिसमें राष्ट्रपति शी चिनफिंग को 5 साल का दूसरा कार्यकाल दिए जाने पर चर्चा की जाएगी। चीनी राष्ट्रपति बिल्कुल भी नहीं चाहते कि डोकलाम जैसा विवाद उनके फिर से राष्ट्रपति बनने में बाधाओं का सामना करना पड़े। इसी वजह से पार्टी ने चीनी सेना को फिर से डोकलाम में भेज दिया है, ताकि अपने मौजूदगी को बनाए रखने ढोंग रचा जा सके।

चीन खेल रहा है जियोस्ट्रेटेजिक गेम

चीन खेल रहा है जियोस्ट्रेटेजिक गेम

हालांकि, कई विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि चीन डोकलाम में भारत के साथ सिर्फ एक जियोस्ट्रेटेजिक गेम खेल रहा है। चीन दक्षिण एशिया में अपने प्रभुत्व को बनाने के लिए अमेरिका की तरह काम कर रहा है। कई देशों के साथ चीन की वन बेल्ट वन रोड (OBOR) जैसी पहल से और डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर से बुनियादी परियोजनाओं का निर्माण करना आदि उनके रणनीतिक हिस्से में आता है।

डोकलाम के बहाने चीन देना चाहता है भारत को संदेश

डोकलाम के बहाने चीन देना चाहता है भारत को संदेश

भूटान में डोकलाम की विवादस्पाद जमीन है, जिसकी सीमा भारत और चीन से लगती है। भूटान की इस जमीन पर तिब्बती लोग रहते हैं, लेकिन पिछले कई सालों से चीन ने इस जमीन पर अपना दावा बताया है। चीन के अनुसार, पूरा भूटान ही तिब्बत का पार्ट रहा है। इस विवाद पर चीन का लॉजिक है कि अगर तिब्बत चीन का हिस्सा है तो जहां भी तिब्बती लोग रहते हैं वो उनके देश का भाग है। यानि, चीन के अनुसार भूटान में तिब्बती रहते हैं तो इस हिसाब से यह पार्ट भी चीन की ही हुआ। भारत ने इसका हमेशा से विरोध किया है, क्योंकि भूटान और नई दिल्ली सरकार के बीच संप्रभुता को बनाए रखने के लिए सिक्योरिटी एग्रीमेंट है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Doklam Standoff: Why China back to Bhutan's disputed land, here is the reasons

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.