India China Tourist Visa: मोदी–शी कूटनीति का असर! भारत ने चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा बहाल किए
India China Tourist Visa: भारत ने चीनी नागरिकों के लिए पर्यटन वीज़ा (Tourist Visa) को एक बार फिर खोल दिया है। भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों (Embassies & Consulates) में दुनिया भर में चीनी नागरिक अब भारत के लिए टूरिस्ट वीज़ा के लिए आवेदन कर सकेंगे।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब दोनों देश 2020 में शुरू हुए सीमा तनाव के बाद आपसी संबंधों को सामान्य करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, भारतीय मिशनों में चीनी पर्यटकों के लिए वीज़ा सुविधा इस हफ्ते की शुरुआत से बहाल कर दी गई है। हालांकि इसके संबंध में भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
2020 के बाद बंद थे चीनी नागरिकों के टूरिस्ट वीज़ा
अप्रैल-मई 2020 में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारत और चीन के बीच सैन्य टकराव शुरू हुआ था। इसके बाद जून में गलवान घाटी में हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे, जबकि चीन के भी कुछ सैनिक मारे गए थे। इ
सी घटनाक्रम के बाद भारत ने चीनी नागरिकों के सभी टूरिस्ट वीज़ा निलंबित कर दिए थे। चार महीने पहले, जुलाई 2025 में, भारत ने पहली बार बीजिंग, शंघाई, ग्वांगझू और हांगकांग में अपने दूतावासों के माध्यम से चीनी नागरिकों के लिए पर्यटन वीज़ा आंशिक रूप से बहाल किए थे। अब यह सुविधा पूरी दुनिया में लागू कर दी गई है।
दोनों देशों ने उठाए कदम
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, हाल के महीनों में भारत और चीन ने कई ऐसे कदम उठाए हैं जिनका उद्देश्य दोनों देशों के लोगों के बीच संवाद और आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इनमें प्रमुख निर्णय शामिल हैं-
- दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें (Direct Flights) फिर शुरू करना, जो 2020 से बंद थीं। उड़ान संचालन अक्टूबर 2025 में पुनः शुरू हुआ।
- कैलाश-मानसरोवर यात्रा को फिर से खोलने की तैयारी, जो 2020 के बाद बंद पड़ी थी।
- व्यापारियों, छात्रों और पेशेवरों सहित विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों के लिए वीज़ा प्रक्रियाओं में सहूलियत।
- दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का संयुक्त उत्सव।
- सूत्रों के अनुसार, ये सभी कदम दो देशों के शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन पर उठाए गए हैं।
मोदी-शी मुलाक़ात के बाद सामान्य हुए हालात
भारत और चीन के बीच अक्टूबर 2024 में LAC पर अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों को हटाने (Disengagement) पर सहमति बनी थी। इसके बाद रूस के कज़ान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने संबंधों को सामान्य करने के लिए कई तंत्रों (Mechanisms) को पुनर्जीवित करने पर सहमति जताई।
तब से अब तक-
- भारत और चीन के विदेश एवं रक्षा मंत्रियों की मुलाकातें हुईं
- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच SR-स्तरीय वार्ताएँ हुईं
- सीमा व्यापार (Border Trade) से लेकर आर्थिक सहयोग (Economic Cooperation) तक कई क्षेत्रों पर नए समझौते हुए
- चीन ने दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) पर प्रतिबंध जैसे व्यापार संबंधी मुद्दों पर भी भारत की चिंताओं का समाधान शुरू किया है।
भारत द्वारा चीनी नागरिकों के लिए दुनिया भर में पर्यटन वीज़ा फिर से खोलना इस बात का संकेत है कि दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे तनाव को पीछे छोड़कर संबंधों में सुधार लाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं। हालाँकि सीमा विवाद अब भी अनसुलझा है।












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