आईएसआईएस नहीं ढाका के बाद सबका ध्यान अब जेएमबी पर
ढाका। ढाका में हुए आतंकी हमले के पीछे सरकार ने आईएसआईएस की साजिश या इसके आतंकियों का हाथ होने से साफ इंकार कर दिया है। सरकार का कहना है कि हमले में शामिल सभी आतंकी बांग्लादेश के ही नागरिक हैं।

ISIS वर्सेज जेएमबी
सरकार की ओर से आए इस बयान के बाद अब सबका ध्यान फिर से बांग्लादेश में ही पनपे आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (बांग्लादेश) की ओर लौट गया है। हमले के बाद अब बांग्लादेश में एक तरह से आईएसआईएस वर्सेज जेएमबी का माहौल बनता नजर आ रहा है।
आतंकियों की मांग से हैरान पुलिस
जिस समय सुरक्षाकर्मी ढाका के कैफे में मौजूद आतंकियों के साथ बातचीत करने और संकट को सुलझाने में लगे थे उस समय आतंकी सिर्फ एक ही मांग कर रहे थे। आतंकी बस एक ही मांग कर रहे थे कि उनके साथियों को रिहा कर दिया जाए।
20 से 28 वर्ष के आतंकी
ढाका की पुलिस को जांच में पता चला है कि हमले में पांच आतंकी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि इन सभी का क्रिमिनल बैकग्राउंड है।
जिन आतंकियों की पहचान की गई उनकी उम्र 20 से 28 वर्ष रही होगी। इन आतंकियों के नाम आकाश, डॉन, बिकाश, बाधोन और रिपॉन हैं।
जांच अब जेएमबी को आधार बनाकर की जा रही है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या आतंकियों को हमले के लिए पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई की भी मदद मिली थी।
पश्चिम बंगाल में बम बनाने वाले जेएमबी
जेएमबी वही संगठन है जो भारत के पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में देसी बम बनाने के काम में लगा हुआ था। जेएमबी उस समय बांग्लादेश में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।
इस वजह से उसने पश्चिम बंगाल में अपना काम शुरू किया था। जेएमबी का बांग्लादेश की सरकार के साथ टकराव है। इस संगठन का मकसद सरकार को सत्ता से हटाना है।












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