Pakistan Flood: पाकिस्तान में आई भीषण बाढ़, क्या भारत की वजह से पड़ोसी देश में आई आफत?
पाकिस्तान बाढ़ का सैलाब आया हुआ है। भारत से नदियों में पानी का प्रवाह बढ़ने से पाकिस्तान में नदी के किनारे के गांवों को खतरा पैदा हो गया है।
पाकिस्तानी अखाबर द डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत द्वारा सतलज नदी में पानी छोड़े जाने के बाद पाकिस्तानन में सतुलज नदी का जलस्तर काफी बढ़ चुका है।

इसके बाद पाकिस्तानी नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने पिछले साल 1,72,000 क्यूसेक पानी छोड़ा था। इस बार भारत मंगलवार दोपहर तक 208,597 क्यूसेक पानी छोड़ चुका है।
इस बीच पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर इस बाढ़ का जिम्मेदार भारत को ठहराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ये भारत की तरफ से छोड़े गए पानी की वजह से हो रहा है।
लोगों का कहना है कि पाकिस्तान को जब पानी की जरूरत होती है तो भारत पानी नहीं छोड़ता है और जब यहां इसकी जरूरत नहीं होती है तो वो पाकिस्तान की तरफ पानी छोड़कर दुश्मनी निकालता है।
रिपोर्ट के मुताबिक तेज बारिश और बाढ़ के चलते अब तक 86 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कुल 151 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 6 लोगों की मौत पिछले 24 घंटे में हुई है। मरने वालों में 16 महिलाएं और 37 बच्चे शामिल है। आपदा के बीच 97 घर भी ढह चुके हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने अधिकारियों को रावी, चिनाब और सतलुज नदियों में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिए हैं। पंजाब के राहत आयुक्त नबील जावेद ने कहा कि भारत द्वारा सतलज में छोड़ा गया पानी कुछ ही घंटों में लाहौर से 59 किमी की दूरी पर स्थित कसूर के गंडा सिंहवाला गांव तक पहुंचने की उम्मीद है।
नबील जावेद ने बताया कि अगर पाकिस्तान में पिछले साल की तरह बाढ़ ने कहर बरपाया तो देश की अर्थव्यवस्था के हालात और बदतर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को निकालने सहित सभी प्रारंभिक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
पीडीएमए के महानिदेशक इमरान क़ुरैशी ने कहा कि सतलुज में जल स्तर में वृद्धि की संभावना है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब भर में सभी बैराजों और बांधों में प्रवाह "सामान्य" है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रांत में सभी नदियों, बैराजों और बांधों में जल स्तर की निगरानी की जा रही है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने कहा कि भारत में हरिके और फिरोजपुर से बाढ़ की सूचना मिली है और क्रमशः अगले कुछ घंटों के भीतर कसूर के गंदा सिंहवाला गांव तक पहुंचने की उम्मीद है।
एनडीएमए ने अपनी नवीनतम स्थिति रिपोर्ट में कहा कि पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान में पिछले 24 घंटों में 3 मौतें और नौ घायल होने की सूचना मिली है। ये मौतें डूबने, करंट लगने और छत गिरने से हुई हैं।
अब तक, पंजाब में बारिश के दौरान सबसे अधिक मौतें हुई हैं, पंजाब में 52, जबकि खैबर पख्तूनख्वा में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा बलूचिस्तान में 6, सिंध में 5 और पीओके जम्मू-कश्मीर में 3 मौतें हुई हैं।












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