Delhi में घूम रहा बांग्लादेशी हिन्दू का हत्यारा! IGI एयरपोर्ट पर दबोचा, पत्नी संग भाग रहा था विदेश- Video Vira
Delhi: बांग्लादेश में एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या में शामिल होने का दावा करने वाले 'स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन' (SAD) आंदोलन के हबीगंज जिला नेता मेहदी हसन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दावा किया जा रहा है कि वह भारत में एंट्री ले चुका है और यहां से किसी अन्य देश भागने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जनवरी 2026 के बाद भारत में मौजूद
बांग्लादेशी पत्रकार Salah Uddin Shoaib Choudhury ने दावा किया है कि मेहदी हसन को जनवरी 2026 में हिरासत में लिए जाने के बाद वह भारत में है। उनका कहना है कि हसन किसी अन्य देश का वीजा हासिल कर विदेश भागने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, वनइंडिया इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

पुर्तगाल दूतावास के वीडियो से खुली पोल
चौधरी, जो 'ब्लिट्ज' प्रकाशन के संपादक भी हैं, ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का हवाला दिया। उनके मुताबिक, उस वीडियो में मेहदी हसन भारत में पुर्तगाल दूतावास के अंदर दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल उठाया, 'अगर यह वीडियो सही है, तो मेहदी हसन भारत में कैसे दाखिल हुआ?'
दिल्ली के होटल में ठहरने का दावा
पत्रकार ने हसन के कथित पासपोर्ट विवरण और दिल्ली के एक वीजा केंद्र पर ली गई बताई जा रही तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेहदी हसन दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में रुका हुआ है। साथ ही, उन्होंने उसके संभावित आतंकी संबंधों की ओर भी इशारा किया। हालांकि, इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल
'बांग्लादेशी हिंदू समुदाय' नाम के एक एक्स (X) अकाउंट ने भी मेहदी हसन की भारत में मौजूदगी को लेकर आरोप लगाए हैं। पोस्ट में दावा किया गया कि हसन ने खुद हिंदू पुलिस अधिकारी सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी को जिंदा जलाने की बात कबूल की थी और अब वह यूरोप, खासकर फिनलैंड भागने की कोशिश कर रहा है।
भारतीय अधिकारियों पर उठे सवाल, गिरफ्तारी का दावा
महदी हसन के भारत में होने के दावे पर कई भारतीय लोगों ने सरकार और विदेश मंत्री एस जयशंकर से सोशल मीडिया पर सवाल किए। वहीं, पत्रकार सलाउद्दीन चौधरी ने हाला ही में एक और पोस्ट कर जानकारी दी। जिसके मुताबिक, महदी हसन को भारतीय अधिकारियों ने हिरासत में लेकर बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया है।
पत्नी के साथ आया था दिल्ली!
इसके बाद महदी हसन ने इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस पर 'उत्पीड़न' का आरोप लगाया। उसने यह भी कहा कि बांग्लादेश लौटने के बाद वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। महदी ने बताया कि वह फिनलैंड का वीज़ा लेने के लिए नई दिल्ली आए थे। अब महदी का ये वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल जिसमें उसकी कथित 'पत्नी' भी नजर आ रही है।
3 जनवरी 2026 की हिरासत
मेहदी हसन, जिन्हें SAD आंदोलन का आयोजक बताया जाता है, उसे 3 जनवरी 2026 को बांग्लादेश पुलिस ने हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई उस समय हुई जब एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह पुलिस स्टेशन के अंदर बोलते हुए दिख रहा था और दावा कर रहा था कि प्रदर्शनकारियों ने 2024 के विद्रोह के दौरान एक पुलिस फेसिलिटी को आग लगा दी थी।
2024 की हिंसा और पुलिस अधिकारी की मौत
वीडियो में हसन ने खुद को सब-इंस्पेक्टर संतोष चौधरी की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों में से एक बताया था। संतोष चौधरी, जिन्हें 'शुभ्र' के नाम से भी जाना जाता था, अगस्त 2024 में बानियाचांग पुलिस थाने में भीड़ की हिंसा के दौरान जिंदा जला दिए गए थे। यह घटना उसी दिन हुई थी जब शेख हसीना देश में व्यापक हिंसा के बीच बांग्लादेश छोड़कर चली गई थीं।
बांग्लादेश में हत्या का औपचारिक आरोप नहीं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वायरल वीडियो में गंभीर आरोपों के बावजूद, मेहदी हसन पर फिलहाल बांग्लादेश में कोई औपचारिक हत्या का मामला दर्ज नहीं है। इसीलिए औपचारिक आरोप नहीं होने के कारण कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी साफ नहीं है।
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