Defence News: 13600kmph की स्पीड और 15 मिनट में गेम ओवर, आखिर क्या बला है ‘Oreshnik Missile’?- Video
Defence News: रूस ने हाल ही में यूक्रेन पर अपनी बेहद चर्चित और खतरनाक मानी जा रही 'ओरेश्निक' मिसाइल का इस्तेमाल किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने 30 दिसंबर 2025 को एक वीडियो जारी किया, जिसमें बेलारूस में इस न्यूक्लियर पावर्ड हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम की तैनाती साफ दिखाई गई। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में इस मिसाइल की क्षमताओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
'ओरेश्निक' मिसाइल आखिर है क्या?
'ओरेश्निक' शब्द रूसी भाषा का है, जिसका मतलब होता है "हेज़ल ट्री"। तकनीकी रूप से यह एक मीडियम रेंज हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल है। रूस इससे पहले नवंबर 2024 में भी इस मिसाइल का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ कर चुका है। हालांकि उस समय यूक्रेनी सूत्रों का कहना था कि मिसाइल में डमी वारहेड लगाए गए थे, जिससे नुकसान सीमित रहा और उसे एक तरह का टेस्ट माना गया।

इस बार हमला ज्यादा खतरनाक क्यों माना जा रहा है?
अगर इस बार 'ओरेश्निक' में असली विस्फोटक वारहेड का इस्तेमाल किया गया है, तो यह इसका पहला पूर्ण और आक्रामक इस्तेमाल माना जाएगा। रूस ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन के "महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे" को निशाना बनाया है। हालांकि अभी तक नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन हमले की गंभीरता को हल्के में नहीं लिया जा रहा।
एक मिसाइल, कई लक्ष्य
एक्सपर्ट के मुताबिक 'ओरेश्निक' की सबसे खास बात यह है कि यह एक साथ कई वारहेड ले जा सकती है और कई टारगेट को एक ही समय पर निशाना बना सकती है। ऐसी क्षमता आमतौर पर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) में देखी जाती है। यह मिसाइल रूस की RS-26 रूबेज़ पर आधारित है, जिसे मूल रूप से एक अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल के तौर पर डिजाइन किया गया था। 'ओरेश्निक' परमाणु और पारंपरिक, दोनों तरह के वारहेड ले जाने में सक्षम है, हालांकि मौजूदा हमले में परमाणु हथियार के इस्तेमाल के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
15 मिनट में टारगेट और 13,600 किमी/घंटा की रफ्तार
यूक्रेन के अनुसार, 2024 में जब यह मिसाइल दक्षिणी रूस से दागी गई थी, तब इसे अपने लक्ष्य तक पहुंचने में करीब 15 मिनट लगे थे। इस दौरान इसकी रफ्तार लगभग 13,600 किलोमीटर प्रति घंटा (करीब 8,450 मील प्रति घंटा) तक पहुंच गई थी। इतनी तेज गति के कारण इसे ट्रैक करना और रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है।
'इंटरसेप्ट करना नामुमकिन'
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया है कि 'ओरेश्निक' को इंटरसेप्ट करना लगभग असंभव है। उनका यह भी कहना है कि अगर इसमें पारंपरिक वारहेड भी लगाए जाएं, तब भी इसकी विनाशकारी ताकत किसी परमाणु हथियार से कम नहीं होगी।
वेस्टर्न एक्सपर्ट क्यों नहीं मान रहे पुतिन की बात?
हालांकि पश्चिमी देशों के कई रक्षा विशेषज्ञ पुतिन के इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया बयान मानते हैं। दिसंबर 2024 में एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा था कि यह मिसाइल युद्ध की दिशा बदलने वाला हथियार नहीं है और इसे एक प्रयोगात्मक सिस्टम बताया था। उनका यह भी कहना था कि रूस के पास उस वक्त इसकी गिनती की ही यूनिट्स थीं। इसके बावजूद रूस ने 2024 से 'ओरेश्निक' का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया और अपने करीबी सहयोगी बेलारूस को भी इसकी सप्लाई दी।
ड्रोन हमले का बदला या शक्ति प्रदर्शन?
रूसी सेना का दावा है कि उसने 'ओरेश्निक' मिसाइल पिछले साल उत्तरी रूस में पुतिन के नोवगोरोड स्थित आवास पर हुए कथित यूक्रेनी ड्रोन हमले के जवाब में दागी। हालांकि यूक्रेन ने इस दावे को पूरी तरह झूठ बताया है। इससे पहले पुतिन चेतावनी दे चुके थे कि अगर यूक्रेन पश्चिमी देशों के लंबी दूरी वाले हथियारों से रूस पर हमला जारी रखता है, तो वह कीव के "निर्णय लेने वाले केंद्रों" पर 'ओरेश्निक' से हमला करेंगे।
नाटो सीमा के पास हमला, बढ़ी वैश्विक चिंता
ताजा हमला पश्चिमी यूक्रेन के लविव क्षेत्र में किया गया, जो नाटो सदस्य पोलैंड की सीमा से सटा हुआ है। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने इस हमले को "वैश्विक खतरा" बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की है।
शांति प्रयासों के बीच मिसाइल हमला
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते की कोशिशों में लगे हुए हैं। फरवरी 2022 में शुरू हुए इस युद्ध को खत्म करने की बातचीत के बीच 'ओरेश्निक' जैसे हथियारों का इस्तेमाल स्थिति को और जटिल बनाता दिख रहा है।
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