'भारत-रूस की दोस्ती पहाड़ से ऊंची, समुद्र से गहरी ', पुतिन से मुलाकात कर बोले राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-M&MTC) के 21वें सत्र की बैठक में शामिल हुए। इस बैठक की अध्यक्षता रूसी रक्षा मंत्री एंड्रे बेलौसोव ने की, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सह- अध्यक्ष की भूमिका निभाई। यहां रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद रक्षा मंत्री ने भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों को जिक्र किया।
IRIGC-M&MTC के सत्र के बाद सिंह ने रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर जोर दिया। भारत-रूस संबंधों की गहरी और स्थायी प्रकृति पर चर्चा करते हुए हुए रक्षा मंत्री ने कहा, "हमारे देशों के बीच दोस्ती सबसे ऊंचे पर्वत से भी ऊंची और सबसे गहरे महासागर से भी अधिक गहरी है।"

रक्षा मंत्रालय ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के रूस दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-M&MTC) की बैठक में रूसी रक्षा मंत्री ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास पर आधारित संबंधों को गहरा करने पर जोर दिया। उन्होंने आईएनएस तुशिल के चालू होने पर रक्षा मंत्री को बधाई दी। राजनाथ सिंह ने मंत्री बेलौसोव को 2025 में IRIGC-M&MTC के 22वें सत्र की सह-अध्यक्षता करने के लिए भारत आने के लिए आमंत्रित किया और उन्होंने भारत का ये निमंत्रण स्वीकार कर लिया गया।
रक्षा मंत्री सिंह ने बैठक के दौरान कहा कि 2021-31 के लिए सैन्य तकनीकी सहयोग समझौते के क्रियान्वयन से 'मेक इन इंडिया' को आवश्यक प्रोत्साहन मिलेगा। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने घरेलू रक्षा उद्योग की क्षमताओं को सभी डोमेन और औद्योगिक सहयोग में विस्तारित करने के लिए भारत सरकार के दृढ़ संकल्प की आवाज उठाई। उन्होंने 'मेक इन इंडिया' परियोजनाओं में रूसी उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के नए अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने रूस के साथ विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।












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