Pannun Case: निखिल गुप्ता को भेजा जाएगा अमेरिका... चेक कोर्ट से पन्नून मर्डर प्लॉट केस में बहुत बड़ा झटका
Pannun 'murder-plot' case: चेक गणराज्य के जस्टिस मंत्रालय ने कहा है, कि देश की अपीलीय कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा है, कि अमेरिकी धरती पर एक सिख अलगाववादी को मारने की असफल साजिश में शामिल होने के आरोपी भारतीय व्यक्ति निखिल गुप्ता को संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पित किया जा सकता है।
जस्टिस मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, कि 52 वर्षीय निखिल गुप्ता के प्रत्यर्पण पर अंतिम निर्णय मामले में सभी पक्षों को फैसला सुनाए जाने के बाद न्याय मंत्री पावेल ब्लेज़ेक के हाथों में होगा।

निखिल गुप्ता पर अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने उत्तरी भारत में एक संप्रभु सिख राज्य की वकालत करने वाले न्यूयॉर्क शहर के एक निवासी की हत्या की साजिश पर भारत सरकार के एक अधिकारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया है। माना जा रहा है, कि वो अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नून है, जिसे भारत सरकार ने आतंकवादी घोषित कर रखा है।
निखिल गुप्ता ने बचाव में क्या कहा?
निखिल गुप्ता को चेक अधिकारियों ने पिछले साल जून में तब गिरफ्तार किया था, जब वह भारत से प्राग गए थे। चेक समाचार वेबसाइट http://www.seznamzpravy.cz, जिसने सबसे पहले अपील के फैसले पर रिपोर्ट दी थी, उसने कहा है, कि गुप्ता ने तर्क दिया था, कि उनकी पहचान गलत थी और वह वह व्यक्ति नहीं हैं, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका तलाश रहा था। उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक बताया है।
वहीं, चेक गणराज्य न्याय मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "इस प्वाइंट पर मंत्री के निर्णय की समय सीमा नहीं मानी जा सकती है।" उन्होंने कहा, कि निखिल गुप्ता अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए हर संभव कदम उठा सकते हैं।
प्रवक्ता ने कहा, कि अगर मंत्री को निचली अदालत के फैसलों पर संदेह है, तो उनके पास सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के लिए तीन महीने का समय है। प्राग एचसी ने निचली अदालत के दिसंबर के फैसले के खिलाफ गुप्ता की अपील को खारिज कर दिया, जिसमें फैसला सुनाया गया था, कि प्रत्यर्पण की इजाजत दी जाती है।
प्राग उच्च न्यायालय के एक प्रवक्ता ने तत्काल टिप्पणी से इनकार कर दिया। चेक गणराज्य अतीत में भी अमेरिकी प्रत्यर्पण अनुरोधों पर सहमत हो चुका है। गुप्ता के वकील ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। चेक समाचार वेबसाइट ने वकील के हवाले से कहा है, कि वह मंत्री से गुप्ता का प्रत्यर्पण नहीं करने के लिए कहेंगे और मामले को संवैधानिक कोर्ट में भी ले जाएंगे।












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