2 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू करने वाला पहला देश बना क्यूबा, WHO से वैक्सीन को नहीं मिली मंजूरी
नई दिल्ली, सितंबर 07। कैरिबियाई देश क्यूबा कोरोना महामारी के खिलाफ 2 साल के बच्चों का टीकाकरण अभियान शुरू करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। सोमवार से क्यूबा में 2 साल और उससे अधिक उम्र तक के बच्चों को वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो गया। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने क्यूबा की स्वदेशी वैक्सीन को मंजूरी प्रदान नहीं की है। WHO की बिना मंजूरी के ही क्यूबा ने अपनी वैक्सीन का टीका लगाना शुरू कर दिया है।

स्कूल खोलने से पहले सभी बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य
जानकारी के मुताबिक, 11.2 मिलियन आबादी वाले इस कम्युनिस्ट द्वीप का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द यहां के सभी बच्चों को वैक्सीन लगा दी जाए। द्वीप का लक्ष्य है कि मार्च 2020 के बाद से अधिकांश भाग के लिए बंद किए गए स्कूलों को फिर से खोलने से पहले सभी बच्चों को वैक्सीन लग चुकी हो। आपको बता दें कि यहां स्कूल का नया सत्र सोमवार को शुरू हुआ। हालांकि, स्कूल अभी घर से ही टेलीविजन कार्यक्रमों के माध्यम से चलाया जा रहा है, क्योंकि क्यूबा के अधिकांश घरों में इंटरनेट की सुविधा नहीं है।
बड़े बच्चों के बाद छोटे बच्चों की वैक्सीनेशन शुरू
क्यूबा अपने 'अब्दाला' और 'सोबराना' वैक्सीनों का नाबालिगों पर क्लिनिकल ट्रायल पूरा कर चुका है।इसके बाद शुक्रवार को क्यूबा ने बच्चों के लिए अपने टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, जिसकी शुरुआत 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों से हुई। लेकिन सोमवार को यहां के सेंट्रल प्रांत सिएनफ्यूगोस में 2-11 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू कर दिया गया।
अब छोटे बच्चों के टीके की तैयारी कर रही है दुनिया
गौरतलब है कि दुनिया के कई अन्य देश 12 साल की उम्र से बच्चों का टीकाकरण कर रहे हैं, और कुछ छोटे बच्चों में परीक्षण कर रहे हैं। चीन, संयुक्त अरब अमीरात और वेनेजुएला जैसे देशों ने घोषणा की है कि वे छोटे बच्चों का टीकाकरण करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन क्यूबा ऐसा करने वाला पहला देश है। वहीं, चिली ने सोमवार को छह से 12 साल के बच्चों के लिए चीनी सिनोवैक टीके को मंजूरी दी है।












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