पाकिस्तान में इमरान समर्थकों पर क्रैकडाउन, आर्मी एक्ट के खौफ से पार्टी नेताओं में मची भगदड़, टूट जाएगी PTI?

इमरान खान के समर्थकों ने 9 मई को पूरे पाकिस्तान में आर्मी ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके बाद आर्मी एक्ट लगाने की बात कही गई थी। इस कानून के तहत उम्र कैद और फांसी की सजा का प्रावधान है।

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Pakistan News: पाकिस्तान में इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी पर आर्मी का क्रैकडाउन शुरू हो गया है, जिसके बाद उनकी पार्टी में भगद़ड़ मच गई है। कई बड़े नेता पार्टी छोड़कर भागने लगे हैं, या बयान बदलने लगे हैं, या फिर जल्दी ही पार्टी छोड़ने वाले हैं।

इमरान खान ने दावा किया है, कि अभी तक उनके 7 हजार समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, शहबाज शरीफ की सरकार, 9 और 10 मई को आर्मी कोर कमांडर सेंटर्स पर हुए हमलों को लेकर, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आर्मी एक्ट लगाने के लिए तैयार हो गई है।

जिसके बाद माना जा रहा है, कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। आर्मी एक्ट के तहत उम्र कैद या फांसी की सजा का प्रावधान है और इसीलिए इमरान खान की पार्टी में भगदड़ मच गई है। उनके करीबी भी उनका साथ छोड़ने लगे हैं, जिनमें सबसे बड़ा नाम फवाद चौधरी का है, जो इमरान खान की सरकार में देश के सूचना मंत्री थे, जिनकी हवा पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तानी आर्मी ने टाइट कर दी है।

बदल गये फवाद चौधरी के बोल

बार बार गिरफ्तारी से परेशान होकर इमरान खान के करीबी फवाद चौधरी के बोल अब सेना को लेकर बदल गये हैं और पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने 9 मई की घटनाओं की अब जाकर कड़ी निंदा की है। फवाद चौधरी ने रावलपिंडी में जनरल मुख्यालय और लाहौर कोर कमांडर के आवास में तोड़फोड़ का जिक्र करते हुए हमले की निंदा की है।

एक दिन पहले फवाद चौधरी का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें इस्लामाबाद कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कोर्ट से बाहर आकर कार में बैठते हुए और फिर सामने पंजाब पुलिस को देख, वापस भागकर कोर्ट जाते हुए देखा गया। फवाद चौधरी डर के मारे दौड़ते हुए कोर्ट में घुस गये थे।

इस्लामाबाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ना सिर्फ हमलों की निंदा की, बल्कि उन्होंने जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।

सांसद ने पार्टी से दिया इस्तीफा

वहीं, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के टिकट पर चुनाव जीतने वाले नेशनल असेंबली (एमएनए) के सांसद सदस्य महमूद मौलवी ने मंगलवार को इमरान खान की पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने मंगलवार को घोषणा की है, कि वह पार्टी अध्यक्ष इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद देशव्यापी दंगों के बाद पार्टी छोड़ रहे हैं।

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कराची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मौलवी ने संसद के निचले सदन से इस्तीफा देने और पीटीआई छोड़ने की घोषणा की है। उन्होंने जोर देकर कहा, कि "हम राजनीतिक दलों को बदल सकते हैं, लेकिन हम अपनी सेना को नहीं बदल सकते। मैं सेना के खिलाफ कभी नहीं गया और न ही भविष्य में ऐसा करूंगा।"

इतना ही नहीं, सांसद महमूद मौलवी ने इमरान खान की पार्टी के ऊपर कई गंभीर आरोप भी मढ़ दिए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कि पार्टी कार्यकर्ता 9 मई से पहले चर्चा कर रहे थे, कि इमरान खान को गिरफ्तार किए जाने की स्थिति में वे रावलपिंडी में जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) की तरफ कूच करेंगे।

"मैंने उनसे कहा कि हमें सेना के खिलाफ नहीं लड़ना चाहिए, क्योंकि इसका कोई कारण नहीं है।"

मौलवी ने आरोप लगाया, कि न तो वह उन लोगों को जानते हैं, जिन्होंने हिंसक विरोध प्रदर्शन में भाग लिया, न ही वह उनका हिस्सा थे। यानि, सांसद ने इमरान खान और उनकी पार्टी से संबंध तोड़ लिया है।

इतना ही नहीं, पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है, कि दर्जनों नेता अब धड़ाधड़ पार्टी से इस्तीफा देने वाले हैं, क्योंकि वो सेना के खिलाफ जाकर जिंदगी भर जेल में नहीं रहना चाहते हैं। लिहाजा, इमरान खान के सामने अब अपनी पार्टी बचाने की चुनौती होगी।

शिरीन मजारी को थर्ड डिग्री टॉर्चर

वहीं, इमरान खान के कोर ग्रुप की बड़बोली महिला नेता शिरीन मजारी और उनकी बेटी को पुलिस टॉर्चर कर रही है। ये आरोप पीटीआई के नेता फारूख हबीब ने लगाया है।

पीटीआई नेता फारूख हबीब ने आरोप लगाया है, कि पार्टी की वरिष्ठ नेता डॉ. शिरीन मजारी को पुलिसकर्मियों ने काफी प्रताड़ित किया है, और जब उनकी बेटी "अपनी मां से मिलने" पुलिस स्टेशन पहुंची, तो पुलिसवालों ने उनकी बेटी से भी मारपीट की है।

आपको बता दें, कि शिरीन मजारी इमरान खान की कोर ग्रुप की हैं और वो भी सेना के खिलाफ काफी हमलावर रही हैं। पूर्व राज्य मंत्री फारूख हबीब ने एक ट्वीट में कहा, कि "पाकिस्तान में जंगल का कानून है, और ऐसा लगता है कि इस फासीवादी शासन ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलन दिया है।"

इमरान करेंगे नये प्लान का ऐलान

वहीं, पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा है, कि वह गुरुवार (18 मई) को मुरीदके में पीटीआई के विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी "अगली कार्ययोजना" की घोषणा करेंगे।

ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट में, इमरान खान ने बड़ी संख्या में लोगों से विरोध प्रदर्शन में भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, कि "मैं चाहता हूं कि आप सभी आएं ताकि मैं आपको अपनी योजना बता सकूं, कि हम अपनी आजादी कैसे हासिल करेंगे... क्योंकि आजादी थाली में सजाकर कभी नहीं मिलती है।"

वहीं, दूसरी तरफ मंगलवार को सैन्य अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) की बैठक की है। जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आर्मी एक्ट के तहत कार्रवाई करने को मंजूरी दे दी है।

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    हालांकि, आर्मी एक्ट के तहत आम नागरिकों के खिलाफ मुकदमा चलाने के फैसले की भारी आलोचना की जा रही है और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी चिंता व्यक्त की है। इसकी आलोचना इसलिए की जा रही है, कि आम नागरिकों पर आर्मी एक्ट के तहत मुकदमा चलाने का मतलब है, कि आपने सेना के हाथों में देश सौंप दिया है, ये मिलिट्री राज जैसा है।

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