Covid Crisis: इतिहास में पहली बार ब्रिटेन की ये हालत, Unicef खिलाएगी बच्चों को खाना
लंदन। कोविड-19 महामारी के पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। इस महामारी के दौर में सबसे खराब हालत गरीब लोगों की है। कई देशों में लोगों के पास खाने तक का इंतजाम भी नहीं है। इन देशों में संयुक्त राष्ट्र की सहायता एजेंसी Unicef मदद पहुंचा रही है। इन देशों में अब दुनिया की महाशक्ति रहे ब्रिटेन का नाम भी शामिल हो गया है। यूनिसेफ ने ब्रिटेन में बच्चों को खाना खिलाने के लिए परिवारों को भोजन पैकेट देने का इंतजाम किया है।

ब्रिटेन में पहली बार यूनिसेफ की मदद
अपने 70 साल के इतिहास में यूनिसेफ ने पहली बार ब्रिटेन के लिए इस तरह का प्रोग्राम शुरू किया है। कोविड-19 संकट के चलते ब्रिटेन में बहुत सारे परिवार संघर्ष की जिंदगी बिता रहे हैं। इन परिवारों को अपने बच्चों को ठीक से खाना दे पाना भी मुश्किल हो रहा है। टिफिन बॉक्स पहुंचाकर यूनिसेफ इन बच्चों के पेट भरने का इंतजाम करेगा।
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कोविड महामारी के चलते आए इस अभूतपूर्व संकट के समय में दक्षिणी लंदन में रह रहे परिवारों के लिए आपातकालीन सहायता शुरू की है। यूनिसेफ ने महामारी के दौरान भूखे रह गए इन बच्चों की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के हालात से की है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी की बमबारी के चलते ब्रिटेन में लंबे समय तक लोगों को घरों में बंद रहना पड़ा था जिसके चलते भोजन की मुश्किल हो गई थी।

विपक्ष ने बोरिस जॉनसन पर साधा निशाना
लेबर पार्टी की उपनेता एंजेला रेनेर ने यूनिसेफ की मदद की जरूरत पड़ने को देश के लिए 'अपमानजनक' बताया है। उन्होंने कहा "हमारे देश के भूखे बच्चों को खिलाने के लिए यूनिसेफ को कदम रखना पड़ रहा है और बोरिस जॉनसन और ऋषि सनक को शर्म आनी चाहिए। हम दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक हैं। हमारे बच्चों को उस चैरिटी के सहारे पर नहीं करना चाहिए जो युद्ध क्षेत्र और प्राकृतिक आपदाओं में मदद करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा 'देश भर के चैरिटी संस्थाओं ने शानदार काम किया है जिसमें सरकार विफल रही है। ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था।'
वहीं प्रधान मंत्री के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है "हम यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाएंगे कि बच्चे महामारी के कारण भूखे न रहें।"

चैरिटा संस्था की मदद से पहुंचाया जाएगा भोजन
यूनिसेफ का ये प्रोग्राम चैरिटी संस्था स्कूल फूड मैटर्स के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। संस्था ने बताया कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान संघर्ष कर रहे करीब 1800 परिवार चिह्नित किए गए हैं जिन्हें क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान टिफिन बॉक्स दिए जाएंगे। बच्चों को भोजन देने की ये पहल यूनिसेफ यूके (Unicef UK) से मिली सहायता राशि से की जा रही है। संस्था ने पहली बार ब्रिटेन में घरेलू मदद के लिए इस तरह का अनुदान दिया है।
यूनिसेफ यूके की प्रोग्राम निदेशक अन्ना कैटली ने बताया कि "यह ब्रिटेन के भीतर यूनिसेफ की पहली आपातकालीन प्रतिक्रिया है, जो कोरोनोवायरस संकट के अभूतपूर्व प्रभाव से निपटने और सबसे ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने के लिए शुरू की गई है।"
स्कूल फूड मैटर्स के लिए दिया गया अनुदान बच्चों के लिए इस मुश्किल दौर में आने वाली परेशानी को खत्म करेगा। इसके जरिए लगभग 1,800 बच्चों को क्रिसमस की छुट्टियों और फरवरी की आधी अवधि के दौरान नाश्ते के बैग दिए जाएंगे।

फूड बॉक्स में क्या दिया जाएगा ?
कैटली ने कहा 'यह फंडिंग हमारी सामुदायिकता को मजबूत करने में मदद करेगी जिसे महामारी ने कमजोर किया है। लोगों को भोजन की गरीबी के मूल कारणों को खत्म करने के लिए दीर्घकालिक समाधान की जरूरत है लेकिन इस दौरान किसी भी बच्चे को भूखा नहीं छोड़ा जाना चाहिए।'
चैरिटी साउथ लंदन के साउथवार्क में संघर्षरत परिवारों को मदद करने के लिए फंड्स का इस्तेमाल करेगी। इसके तहत 10 पौष्टिक नाश्ते के लिए पैक किए गए फूड बॉक्स दिए जाएंगे। इसमें ताजे अनानास, नारियल, और चावल के अलावा पूरी ब्रेड, बेक्ड बीन्स और दूध शामिल हैं।












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