कोरोनाः डॉ एंथनी फ़ाउची के ईमेल्स की चर्चा क्यों, चीन और वुहान पर क्या हो रही थी बात?

फ़ाउची
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अमेरिका के शीर्ष स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची के हज़ारों निजी ईमेल बताते हैं कि कोरोना महामारी की शुरुआत में किस तरह की चिताएँ और भ्रम की स्थिति थी.

80 साल के डॉक्टर एंथनी फ़ाउची का तजुर्बा काफ़ी लंबा है. वे अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ में एक विशेषज्ञ के तौर पर सात राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के बराबर काम कर चुके हैं.

वे अमेरिका में कोविड-19 से लड़ने के लिए बनी नेशनल रिस्पॉन्स टीम का चेहरा हैं. इस काम के लिए उन्हें अमेरिका में ज़बरदस्त प्रशंसा मिली है, तो कुछ लोग उनके निर्णयों की कड़ी आलोचना भी करते हैं.

द वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार, बज़फ़ीड न्यूज़ और अमेरिकी प्रसारक सीएनएन ने फ़्रीडम ऑफ़ इन्फ़ॉर्मेशऩ एक्ट के तहत जनवरी से जून 2000 के बीच डॉक्टर एंथनी फ़ाउची के हज़ारों निजी ईमेल प्राप्त किए हैं.

3000 हज़ार पन्नों के ये ईमेल बताते हैं कि कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों में अमेरिका में हालात कैसे थे और उन्होंने उस समय प्रशासन, मीडिया, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, नामचीन लोगों और सामान्य अमेरिकी लोगों को कैसे डील किया.

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ये ईमेल क्या कहते हैं?

वुहान लैब थ्योरी

डॉक्टर फ़ाउची और उनके सहकर्मियों ने महामारी के शुरुआती दिनों में वुहान लैब थ्योरी पर ध्यान दिया था, जिसके मुताबिक़ कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर में स्थित एक प्रयोगशाला से लीक हुआ.

इस विवादित दावे को अधिकांश विशेषज्ञों ने पिछले साल ख़ारिज कर दिया था, जिन्होंने कहा कि ऐसा होने की संभावना बहुत ही कम है. अब तक ऐसा कोई सबूत भी नहीं मिला है जो इसे सही साबित करता हो.

चीन वुहान
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लेकिन पिछले दिनों, अमेरिका की बाइडन सरकार ने वुहान में हुई जाँच पर सवाल उठाए, जिसके बाद इस थ्योरी पर फिर से चर्चा होने लगी.

जनवरी 2020 में एक ईमेल जो डॉक्टर फ़ाउची को अमेरिका की सबसे बड़ी बायोमेडिकल रिसर्च टीम के डायरेक्टर ने भेजा था, उसमें कहा गया कि इस वायरस के कुछ फ़ीचर असामान्य हैं और ऐसा लगता है कि इसे तैयार किया गया है. इसके जवाब में डॉक्टर फ़ाउची ने लिखा कि वे फ़ोन पर उनसे इस बारे में बात करेंगे.

अप्रैल 2020 में अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ के डायरेक्टर फ्रांसिस कॉलिन्स ने भी इसी बारे में डॉक्टर फ़ाउची को एक ईमेल लिखा. उनके ईमेल का विषय था: 'वुहान वाली षड्यंत्र की थ्योरी को बल मिल रहा है.' इस पर डॉक्टर फ़ाउची का जवाब नहीं मिल पाया.

इसी साल मई में, डॉक्टर फ़ाउची ने कहा कि वो इस बात से आश्वस्त नहीं हैं कि ये वायरस क़ुदरती तौर पर पैदा हुआ और उन्होंने कहा कि इसकी गंभीरता से जाँच होनी चाहिए.

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मास्क लगाने पर

महामारी की शुरुआत में मास्क लगाने को लेकर कई तरह के मत थे. अमेरिका की सरकार तब तक मास्क के बारे में ज़रूरी दिशा-निर्देश तैयार नहीं कर पाई थी और लोगों में इसे लेकर काफ़ी भ्रम था.

फ़रवरी 2020 में अमेरिका के एक पूर्व स्वास्थ्य मंत्री से ईमेल पर हुई बातचीत में डॉक्टर फ़ाउची ने लिखा: "मास्क कायदे में तो उन लोगों के लिए हैं, जो संक्रमित हैं और जो दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं. उनके लिए नहीं जिन्हें संक्रमण से बचना है."

उन्होंने यह भी लिखा कि बाज़ार में सामान्य तौर पर मिलने वाले मास्क प्रभावशाली नहीं हैं, वो वायरस को नहीं रोक सकते क्योंकि वायरस का आकार बहुत छोटा है, वो बाज़ार में मिलने वाले मास्क के पार जा सकता है.

उसी महीने में, चीनी स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े उनके एक दोस्त ने लिखा कि उनके बयान को ग़लत ढंग से लिया गया कि पश्चिमी देश मास्क पहनने की सलाह ना देकर ग़लत कर रहे हैं.

इसके जवाब में डॉक्टर फ़ाउची ने कहा, "मैं समझता हूँ. कोई बात नहीं. हम इस परेशानी का मिलकर सामना करेंगे."

ये तस्वीर उस समय की है जब डॉक्टर फ़ाउची वैक्सीन लगवाने पहुँचे थे
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ये तस्वीर उस समय की है जब डॉक्टर फ़ाउची वैक्सीन लगवाने पहुँचे थे

कई तरह के सवाल

ईमेल बताते हैं कि डॉक्टर फ़ाउची को शुरुआती दिनों में हॉलीवुड (अभिनेताओं) और सिलिकन वैली (तकनीक के क्षेत्र से जुड़े लोगों) के अलावा बहुत से आम अमेरिकियों से भी तरह-तरह के सवाल आ रहे थे.

फ़ेसबुक के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने डॉक्टर फ़ाउची को न्योता दिया था कि वे उनके सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों के सवालों का जवाब दे सकते हैं.

अभिनेत्री मॉर्गन फ़ेयरचाइल्ड जिन्होंने 1980 के दशक में भी एक कैंपेन के लिए डॉक्टर फ़ाउची के साथ काम किया था, उन्होंने फ़रवरी 2020 में उनसे पूछा कि क्या वे कुछ मदद कर सकती हैं.

इस पर डॉक्टर फ़ाउची ने कहा कि आप ट्वीट करिए जिसमें लिखें, "अमेरिकी लोग बिल्कुल भी घबराएँ नहीं, लेकिन वे इस महामारी से लड़ने के लिए तैयार रहें. सभी ज़रूरी सावधानियाँ बरतें. सामाजिक दूरी, घरों से काम करने और स्कूलों को कुछ दिन के लिए बंद करने आदि पर गंभीरता से विचार करें."

माइक्रोसॉफ़्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स से फ़ोन पर बातचीत के बाद, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फ़ाउंडेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मेल पर उन्हें लिखा, "डॉक्टर फ़ाउची हम आपके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर वाक़ई चिंतित हैं."

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हालांकि, डॉक्टर फ़ाउची के बहुत से ईमेल यह भी बताते हैं कि वे लगातार, पूरी दृढ़ता से उन अफ़वाहों का खंडन करते रहे कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनकी राय को सेंसर कर रहे थे.

उन्होंने अपने एक अज्ञात प्रशंसक को जवाब देते हुए, फ़रवरी 2020 में लिखा, "मैं सच कह रहा हूँ, मेरा बिल्कुल भी मज़ाक नहीं उड़ाया गया."

कुछ अजीब ख़बरों पर

जब डॉक्टर फ़ाउची को उनके एक सहकर्मी ने एक न्यूज़ आर्टिकल भेजा कि 'देखिए, कैसे डोनट बेचने वाली एक दुकान आपके पोस्टर से सजी हुई है.' तो उन्होंने जवाब लिखा, "वास्तव में अतियथार्थवादी. उम्मीद है कि ये सब जल्द ही बंद हो जाएगा. यह बिल्कुल भी सुखद नहीं है, ये तो पक्की बात है."

और जब अभिनेता ब्रैड पिट ने एक कॉमेडी शो में उनकी एक्टिंग की तो उन्होंने अपने एक सहकर्मी से कहा कि "मुझसे एक समीक्षा करने वाले ने कहा कि ब्रैड पिट बिल्कुल मेरी तरह लग रहे थे, तो उनकी इस बात ने मेरा दिन बना दिया."


इस पर प्रतिक्रिया कैसी रही?

उनके ये ईमेल सार्वजनिक होने पर अमेरिका में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.

कुछ रूढ़िवादी राजनेताओं और मीडिया पंडितों ने डॉक्टर फ़ाउची को कोविड-19 रिस्पॉन्स टीम के प्रमुख के पद से हटाए जाने के लिए अपने फ़ोन कॉल्स का हवाला दिया है.

डॉक्टर फ़ाउची और ट्रंप
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डॉक्टर फ़ाउची और ट्रंप

अमेरिकी सीनेटर रैंड पॉल, जो एक रिपब्लिकन नेता हैं और जिनकी कैपिटल हिल पर सुनवाई के दौरान डॉक्टर फ़ाउची से बहस भी हुई थी, उन्होंने कहा है कि "ये ईमेल स्पष्ट करते देते हैं कि ये (डॉक्टर फ़ाउची) एक धोखेबाज़ डॉक्टर है."

राजनीतिक गलियारों में, अमेरिकी उदारवादियों में डॉक्टर फ़ाउची की स्थिति को लेकर चर्चा हो रही है और उनका मानना है कि डॉक्टर फ़ाउची ने जो लिखा वो तब तक ज्ञात सूचनाओं और शोध के आधार पर था.

वहीं बहुत से लोग ईमेल पर जवाब देने की उनकी शैली और लहजे पर बात कर रहे हैं और उसकी तारीफ़ कर रहे हैं.

बीबीसी की व्हाइट हाउस रिपोर्टर तारा मैकेल्वी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के अधिकांश समर्थकों के लिए डॉक्टर फ़ाउची पहले से ही एक विलेन हैं. रिपब्लिकन कहते हैं कि वो कोरोना महामारी के बारे में विपरीत बयान देते रहे हैं जिससे लोगों में भ्रम फैला.

वो उन (फ़ाउची) पर वैज्ञानिक तथ्यों को घुमाने का आरोप भी लगाते हैं. इन लोगों की सबसे बड़ी शिक़ायत ये है कि उन्हें लगता है कि डॉक्टर फ़ाउची डोनाल्ड ट्रंप का पर्याप्त सम्मान नहीं किया.

ये वही लोग हैं जिन्होंने महामारी के सबसे बुरे दौर में भी मास्क पहनने से इनकार किया, क्योंकि इन्हें लगता था कि फ़ाउची ने वैज्ञानिक सिद्धांतों के विपरीत जाकर लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी.

इस पूरे वर्ग की डॉक्टर फ़ाउची के बारे में जो भी राय रही, उसमें से कुछ को ये ईमेल मज़बूती देते हैं.

ये सच है कि डॉक्टर फ़ाउची ने वक़्त के साथ-साथ मास्क पहनने को लेकर अपनी राय बदली. हालांकि, इस दौर में कई शोध हुए हैं और नई सूचनाओं के आधार पर कई चीज़ों के बारे में लगातार समझ बदली है.

दूसरी ओर, अमेरिकी उदारवादियों के बीच डॉक्टर फ़ाउची एक हीरो हैं. उनके ईमेल पढ़कर इन लोगों का विश्वास और पुख्ता हुआ है. ये लोग मानते हैं कि डॉक्टर फ़ाउची ने जिस दौर में जो सूचना वैज्ञानिकों के पास थी, उसे बहुत ईमानदारी से लोगों को बताया.

इस वर्ग का कहना है कि डॉक्टर फ़ाउची ने भले ही कुछ चीज़ों पर अपनी राय बदली, लेकिन वे वैज्ञानिक तथ्यों के साथ रहे. उन्होंने लोगों से वो नहीं कहा जो डोनाल्ड ट्रंप लोगों को सुनाना चाहते थे.


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