ब्रिटिश वैज्ञानिकों की चेतावनी, आने वाला है Coronavirus का सुपर वेरिएंट, 'हर तीन मरीज में एक मरेगा'

लंदन की साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमर्जेंसीज यानि SAGE द्वारा प्रकाशित दस्तावेजों में भयंकर चेतावनी दी गई है कि कोरोना वायरस का अगला वेरिएंट काफी ज्यादा जानलेवा होगा और मृत्युदर बढ़कर 35 फीसदी पर पहुंच जाएगी।

लंदन, जुलाई 31: कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट ने अप्रैल और मई महीने में भारत में कितनी तबाही मचाई थी, इसे कोई नहीं भूल सकता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने बेहद खतरनाक चेतावनी जारी करते हुए दावा किया है कि कोरोना वायरस का अगला वेरिएंट इंसानों की जिंदगी में कयामत बनकर ही आएगा। वैज्ञानिकों ने रिसर्च के आधार पर दुनिया की सभी सरकारों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस के अगले वेरिएंट से हर तीन मरीजों में से एक मरीज की मौत हो जाएगी। यानि, कोरोना वायरस का अगला वेरिएंट गांव का गांव और शहर का शहर खत्म कर सकता है।

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    वैज्ञानिकों की गंभीर चेतावनी

    वैज्ञानिकों की गंभीर चेतावनी

    लंदन की साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमर्जेंसीज यानि SAGE द्वारा प्रकाशित दस्तावेजों में भयंकर चेतावनी दी गई है कि कोरोना वायरस का अगला वेरिएंट काफी ज्यादा जानलेवा होगा और मृत्युदर बढ़कर 35 फीसदी पर पहुंच जाएगी। यानि हर तीन मरीजों में से एक मरीज की जान ये वायरस ले लेगा। सेज की चेतावनी ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है और सरकारों को समझ नहीं आ रहा है कि वो देश के लोगों को कोरोना वायरस से बचाएं या देश की अर्थव्यवस्था को बचाएं। वैज्ञानिकों ने पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि किसी भी वायरस का सबसे खतरनाक वेरिएंट तब तैयार होता है, जब वो वायरस अपने चरम पर हो और ब्रिटेन समेत दुनिया में कोरोना वायरस बार बार अपने चरम पर पहुंच रहा है, लिहाजा आने वाला वेरिएंट इंसानी जान के लिए काफी ज्यादा घातक होने वाला है।

    जल्द से जल्द बुस्टर का हो इस्तेमाल

    जल्द से जल्द बुस्टर का हो इस्तेमाल

    वैज्ञानिकों ने कहा है कि विश्व की सरकारों को फौरन वैक्सीनेशन की रफ्तार को काफी तेजी से बढ़ा देनी चाहिए और इसके साथ ही वैक्सीन के बुस्टर का भी उत्पादन काफी तेजी से करना शुरू कर देना चाहिए। वैज्ञानिकों ने कहा कि ब्रिटेन को सर्दियों में बूस्टर वैक्सीन की खुराक लानी चाहिए और विदेशों से आने वाले नए वेरिएंट को कम करना चाहिए और जानवरों को मारना बंद करना चाहिए। जिसमें मिंक बिल्लियां भी शामिल हैं, जो वायरस को म्यूटेट करने में मदद करती हैं। वैज्ञानिकों ने कहा है कि जल्द ही हमारे बीच कोरोना वायरस का सुपर वेरिएंट भी आने वाला है, और सुपर वेरिएंट कोई ज्यादा दूर नहीं है और ये बर्बादी मचाने वाला होगा।

    मृत्युदर में काफी तेजी से इजाफा

    मृत्युदर में काफी तेजी से इजाफा

    आपको बता दें कि लंदन की साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमर्जेंसीज यानि SAGE का निर्माण ब्रिटेन की सरकार ने कोरोना वायरस पर नजर रखने, सरकार को सलाह देने और नये नये म्यूटेंट पर लगातार स्टडी करने के लिए किया है और इस संगठन से ब्रिटिश सरकार को वायरस कंट्रोल करने में काफी मदद मिलती है। वैज्ञानिकों की इसी टीम ने नया रिसर्च पेपर जारी किया है, जिसमें तबाही मचाने वाली चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर आने वाला वेरिएंट दक्षिण अफ्रीका में मिले बीटा और केंट में मिसले अल्फा या फिर भारत में मिले डेल्टा वेरिएंट से मिलकर बनेगा, तो उसपर वैक्सीन बेअसर साबित हो जाएगी, जिससे भारी तादाद में लोग मरेंगे। हालांकि, वैज्ञानिकों ने ये भी कहा है कि वैक्सीन को बेअसर करने के लिए वेरिएंट को काफी शक्तिशाली होना पड़ेगा। लेकिन, वैज्ञानिकों ने कहा है कि सरकार को अभी से तैयारी करनी चाहिए, क्योंकि निकट भविष्य में जब सुपर वेरिएंट आएगा तो सरकारों को सोचने का भी वक्त नहीं मिलेगा।

    खोखली नहीं है चेतावनी

    खोखली नहीं है चेतावनी

    लंदन की साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमर्जेंसीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकारों को इस चेतावनी को काल्पनिक नहीं समझना चाहिए क्योंकि सुपर वेरिएंट का आना गारंटी है और वो भी निकट भविष्य में और इससे भारी संख्या में लोग मारे जाएंगे, लिहाजा वैज्ञानिकों ने कहा है कि सरकारों को हाथ पर हाथ धरे बैठा नहीं रहना चाहिए और ना ही अपने काम से संतुष्ट हो जाना चाहिए। सरकारों को काफी तेजी से काम करना चाहिए ताकि जब मुसीबत आए तो उससे निपटा जा सके और ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को बचाया जा सके।

    ब्रिटिश सरकार में रिपोर्ट से हड़कंप

    ब्रिटिश सरकार में रिपोर्ट से हड़कंप

    साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमर्जेंसीज की इस रिपोर्ट में ब्रिटिश सरकार में हड़कंप मचा दिया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा कोरोना वायरस पर बनाए गये ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप के उपाध्यक्ष डॉ. फिलिपा व्हिटफोर्ड ने रिपोर्ट पर कहा है कि ''वैज्ञानिकों की इस रिपोर्ट से ब्रिटिश सरकार को सदमे में आ जाना चाहिए था, लेकिन ब्रिटिश सरकार संसदीय अवकाश के दौरान टाइमपास कर रही है''। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद सिर्फ एक ही संदेश जाता है कि हम अभी तक कोरोना वायरस को हराने में नाकाम रहे हैं। हालांकि, ब्रिटिश सरकार के एक मंत्री ने कहा है कि ''रिपोर्ट डराने वाला है और हम इस रिपोर्ट को लेकर डरे हुए हैं, लेकिन हम तमाम जरूरी कदम भी उठा रहे हैं''

    भारत को सतर्क होने की जरूरत

    भारत को सतर्क होने की जरूरत

    इस रिपोर्ट को लेकर भारत सरकार को भी अभी से सतर्क हो जाने की जरूरत है, ताकि अप्रैल और मई महीने में जो त्रासदी हमने देखी है, वैसी त्रासदी नहीं देखनी पड़े। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए बड़े स्तर पर अभी से प्लानिंग की जरूरत है और वैज्ञानिकों को अभी से गाइडलाइंस बनानी चाहिए, ताकि जब कोरोना का सुपर वेरिएंट आए तो देश को कम से कम नुकसान हो और कम से कम इंसानों की जान जाए। ऑक्सीजन से लेकर तमाम दूसरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि उस वक्त हड़कंप ना मचे। इसके साथ ही लोगों को भी सावधान होने की जरूरत है क्योंकि अगर लोग सावधान रहेंगे, तभी आने वाले सुपर वेरिएंट को रोकने में कामयाब हो पाएंगे।

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