खत्म होगा कोरोना? ट्रायल के तीसरे चरण में पहुंचा रिजनेरॉन का एंटीबॉडी कॉकटेल REGN-COV2
नई दिल्ली। देश-दुनिया में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों के बीच वैज्ञानिकों की तरफ से राहत की खबर भी आने लगी है। महामारी का इलाज करने के लिए कई देश के वैज्ञानिक कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटे हैं जिनमें से कुछ परिक्षण में अंतिम चरण तक पहुंच चुके हैं। अमेरिकी जैव-प्रौद्योगिकी कंपनी रिजनेरॉन फार्मास्यूटिकल्स ने सोमवार को बताया कि कोरोना को रोकने और उसके इलाज के लिए तैयार किया गया एंटीबॉडी कॉकटेल REGN-COV2 परीक्षण के तीसरे चरण में पहुंच गया है। यानी अब इसका ट्रायल इंसानों पर शुरू किया जाएगा।
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कंपनी के मुताबिक कोविड -19 संक्रमण को रोकने और इसके इलाज की क्षमता का परीक्षण करने के लिए लगभग 2000 लोगों द्वारा नए एंटीबॉडी कॉकटेल का परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण में वो मरीज शामिल हैं जिन्हें अस्पताल और घर में आइसोलेशन में रखा गया है। कंपनी ने कहा था कि इस एंटीबॉडी कॉकटेल में एक एंटीबॉडी कंपनी की बनाई हुई है और एक कोविड19 से ठीक हुए मरीज़ों से ली गई है। तीसरे चरण में परीक्षण शुरू किया जा रहा है इस दौरान यह देखा जाएगा कि क्या जो लोग कोरोना संक्रमित से ठीक हुए हैं उनमें संक्रमण को रोकने के लिए उपचार की क्षमता है या नहीं।
बता दें कि यह परीक्षण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शस डिसीज (NIAID), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के हिस्से के साथ संयुक्त रूप से किया जा रहा है। चरण 3 की रोकथाम के परीक्षण में 2,000 से अधिक लोगों पर परीक्षण किया जाएगा जो पूरे अमेरिका के 100 अलग-अलग स्थानों से हैं। ट्रायल के दौरान उन लोगों को दवा या एक प्लेसबो दिया जाएगा। रिजनेरॉन फार्मास्यूटिकल्स ने एक बयान में कहा, रीक्षण यह आकलन करेगा कि प्लेसबो दवा की तुलना में दवा SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ कितनी अच्छी तरह काम करती है और क्या कोई सुरक्षा चिंताएं हैं जिन पर ध्यान देना आवश्यक है।
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