गर्भावस्था के दौरान कोरोना संक्रमण भ्रूण के इम्यून सिस्टम को करता है प्रभावित: स्टडी
लंदन, अक्टूबर 09: हाल ही सामने आए एक अध्ययन में पता चला है कि, कोरोना से संक्रमण होने वाली माताओं से जन्म लेने वाले शिशुओं में प्रतिरक्षा कोशिकाओं के स्तर में वृद्धि हो सकती है। प्रतिरक्षा कोशिकाओं को वायरल संक्रमण की तीव्र प्रतिक्रिया में शामिल माना जाता है। जिसके चलते नवजात बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ता है। किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने गर्भावस्था के विभिन्न चरणों में कोरोना वायरस की चपेट में आने वाली माताओं से पैदा हुए 30 शिशुओं की प्रतिरक्षा प्रणाली पर अध्ययन किया है।

नेचर इम्यूनोलॉजी नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया कि हाल ही में संक्रमण होने वाली माताओं से पैदा हुए बच्चों में परिसंचारी मध्यस्थों के स्तर में वृद्धि हुई है और साथ ही संक्रमण की तीव्र प्रतिक्रिया में शामिल होने वाली कोशिकाओं के प्रतिशत में वृद्धि हुई है। शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि, इससे पता चलता है कि मां के संक्रमण ने बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली को बदल दिया है।
शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि माताएं अपने बच्चे को प्लेसेंटा के माध्यम से कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी पास करती हैं। जिसे निष्क्रिय प्रतिरक्षा के हस्तांतरण के रूप में जाना जाता है। इससे ये पता चलता है कि, मां गर्भावस्था से पहले कोरोना की शिकार हुई थी। किंग्स कॉलेज लंदन की दीना गिबन्स ने कहा कि, यह डेटा इस बात पर प्रकाश डालता है कि शिशु में प्रत्यक्ष संक्रमण की अनुपस्थिति में भी नवजात की प्रतिरक्षा प्रणाली मातृ अवस्था से प्रभावित हो सकती है।
अध्ययन के लेखक गिबन्स ने कहा कि, यह अनुसंधान के कई रास्ते खोलता है और सुझाव देता है कि अन्य मातृ कारक भ्रूण की प्रतिरक्षा प्रणाली के विकास को बदलने में सक्षम हो सकते हैं। पेपर की पहली लेखिका और किंग्स कॉलेज लंदन में पीएचडी की छात्रा सारा जी ने कहा कि यह जानना दिलचस्प होगा कि क्या ये प्रतिरक्षा परिवर्तन नवजात को जन्म के बाद के संक्रमणों के लिए बेहतर प्रतिक्रिया देने की अनुमति देते हैं।












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