चीन के आगे WHO का दंडप्रणाम, शी जिनपिंग के लिए कोरोना वेरिएंट के नामकरण का 'नियम' तोड़ा?
दरअसल, डब्ल्यूएचओ बीमारी का नामकरण ग्रीक वर्णमाला के अक्षरों के हिसाब से करता है, लेकिन शी जिनपिंग की वजह से डब्ल्यूएचओ ने अपने ही नियम को तोड़ दिया है।
नई दिल्ली, नवंबर 27: कोरोना वायरस की उत्पत्ति और चीन का 'साथ' देने के आरोपों में पहले ही घिरी डब्ल्यूएचओ ने एक बार फिर से चीन के सामने सरेंडर कर दिया है। अफ्रीकी देश बोत्सवाना में कोरोना वायरस के नये वेरिएंट के नामकरण को लेकर डल्ब्यूएचओ ने एक बार फिर से चीन के आगे घुटने टेक दिए हैं।

चीन के आगे सरेंडर
कोरोना वायरस का नये वेरिएंट जब बोत्सवाना में मिला और मीडिया में नये वेरिएंट को लेकर काफी खबरें आने लगीं, तो कई लोगों को उम्मीद थी कि अगर इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हरी झंडी दिखाई गई, तो इसे- काफी उपयुक्त रूप से 'Nu' वेरिएंट कहा जाएगा। डब्ल्यूएचओ ग्रीक वर्णमाला के बाद कोरोनोवायरस वेरिएंट का नामकरण करता रहा है और अगला उपलब्ध नाम 'नू' था। लेकिन, जब शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ के पैनल की बैठक के बाद उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना में पाए जाने वाले नए स्ट्रेन को चिंताजनक बताते हुए उसका नामकरण किया, तो सभी लोग हैरान रह गये। डब्ल्यूएचओ ने नये संस्करण का नाम 'ओमिक्रॉन' रखा है, जिसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नाम पर पलटा डब्ल्यूएचओ
दरअसल, डब्ल्यूएचओ बीमारी का नामकरण ग्रीक वर्णमाला के अक्षरों के हिसाब से करता है, लिहाजा अगले दो अक्षऱ 'नु' और 'शी' हैं। ऐसे में सभी को लग रहा था कि, इस वेरिएंट का नाम नू या शी रखा जाएगा, लेकिन डब्ल्यूएचओ ने इन दोनों अक्षरों को स्किप कर दिया। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं, आखिर क्यों? हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में मेडिसिन के प्रोफेसर एपिडेमियोलॉजिस्ट मार्टिन कुलडॉर्फ ने एक संभावित कारण बताया है। उन्होने ट्वीट करते हुए कहा कि, ''डब्ल्यूएचओ ने वर्णमाला के दो शब्दों को छोड़ दिया है और नए संस्करण का नाम 'ओमिक्रॉन' रखा है ताकि अगर कोई नया स्ट्रेन मिले, जो उसका नाम 'शी' ना रखा जाए। जो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नाम है।

जिनपिंग से फिर डरा डब्ल्यूएचओ
एक तरफ दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है तो डब्ल्यूएचओ चीन के साथ प्रेम की पींगे पढ़ने में व्यस्त है। डब्ल्यूएचओ ने ग्रीक वर्णमाला के दो अक्षरों को इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि अगला अक्षर 'शी जिनपिंग' के नाम पर आता। लिहाजा डब्ल्यूएचओ ने ग्रीक वर्णमाला के दो अक्षरों को ही गायब कर दिया। ग्रीक वर्णमाला की एक तस्वीर पोस्ट करते हुए मार्टिन कुल्डॉर्फ ने लिखा है कि, "नए नु संस्करण की खबरें तो आ रही हैं, लेकिन डब्ल्यूएचओ ने नये वेरिएंट का नाम ओमाइक्रोन दिया है और डब्ल्यूएचओ ने ग्रीक वर्णमाला के दो अक्षरों को सिर्फ इसलिए छोड़ा है, ताकि वो शी जिनपिंग के नाम से बच सके।
बेहद खतरनाक है ओमिक्रॉन वेरिएंट
ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर डॉ. फीगल-डिंग ने कहा कि, ''कोरोना वायरस का ये वेरिएंट हवा में बना है और हवा के जरिए ही ये वायरस फैल रहा है''। उन्होंने कहा कि, होटल में क्वारंटाइन किए गये कोरोना मरीज ने जिस दूसरे शख्स को संक्रमित किया है, वो अलग अलग कमरों में थे और जब हवा की जांच की गई, तो पाया गया है कि, दोनों कमरों में वायरस मिले हैं। उन्होंने कहा कि, 'मुझे लगता है कि सीमा और यात्रा प्रतिबंध समझ में आता है। खासकर जब से हांगकांग ने अनिवार्य होटल क्वारंटाइन के दौरान भी वायरस एक शख्स से दूसरे शख्स में फैला है''। उन्होंने कहा कि, अभी ये वायरस किन-किन देशों में हो सकता है, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।












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