चीन में कोरोना से 'हाहाकार', अस्पतालों में बिस्तर नहीं, बस 3 दिन के लिए बची मेडिकल सप्लाई
नई दिल्ली, 17 मार्च: पूरी दुनिया में कोरोना महामारी का कहर जारी है। अब बाजार में बहुत सारी वैक्सीन आ गई हैं, जिस वजह से मृत्युदर पहले की तुलना में कम हो रही, लेकिन लोगों को पाबंदियों के साथ जिंदगी गुजारनी पड़ रही है। वैसे दिसंबर 2019 में चीन ने इस वायरस को दुनियाभर में फैलाकर अपने यहां हालात काबू कर लिए थे, लेकिन अब वहां फिर से स्थिति बिगड़ती नजर आ रही है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी
चीनी मीडिया के मुताबिक उनका देश 2020 के बाद की सबसे बुरी स्थिति से गुजर रहा है। अब वहां पर कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा, जिस वजह से स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अगर जल्द ही चीनी सरकार ने संक्रमण को नहीं रोका, तो वहां पर हालात बदतर हो सकते हैं।

'जीरो कोविड पॉलिसी' लागू
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 हफ्तों में चीन में 14 हजार से ज्यादा कोरोना मरीज मिले हैं। जिस वजह से चीनी सरकार को कई बड़े शहरों में लॉकडाउन लागू करना पड़ा। साथ ही 'जीरो कोविड पॉलिसी' लागू कर दी गई है, जिसके तहत क्वारंटीन के सख्त नियम हैं। अगर कुछ दिनों तक ऐसे ही हालात रहे तो चीन की अर्थव्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हो जाएगी।

टेस्टिंग का बोझ बढ़ा
मामले में एक चीनी अधिकारी ने बताया कि जिलिन में अब अस्पतालों में जगह नहीं बची है, जबकि लोग बड़ी संख्या में संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में अस्थाई अस्पताल बनाया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल सप्लाई भी सिर्फ दो-तीन दिनों की बची है, इस वजह से प्रशासन के सामने इसकी भी व्यवस्था करने की चुनौती है। अधिकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग पर टेस्टिंग का भी बोझ बढ़ गया है, क्योंकि लोग बड़ी संख्या में एक साथ जांच केंद्र पर पहुंच रहे हैं।

बुजुर्गों को अभी तक बूस्टर डोज नहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक चीन के 90 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लग गई है, लेकिन अभी तक पर्याप्त संख्या में वहां की सरकार बुजुर्गों को बूस्टर डोज नहीं दे पाई। जिस वजह से हालात चिंताजनक हो गए। अभी तक की जांच में ओमिक्रॉन वेरिएंट को ही केस बढ़ने की वजह माना जा रहा है।

शेनजेन में सख्त पाबंदी
चीनी सरकार अपने तानाशाही फैसलों के लिए जानी जाती है। उसने अब शेनजेन शहर में सख्त पाबंदियां लागू की हैं। जिसके तहत किसी भी घर से सिर्फ एक या दो सदस्य ही सामान लेने के लिए बाहर जा सकते हैं। अगर इससे ज्यादा लोग बाहर गए तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। मौजूदा वक्त में इस शहर की जनसंख्या 1.7 करोड़ है। चीनी सरकार का मानना है कि अगर इस तरह के प्रतिबंध नहीं लगाए गए, तो हालात और बिगड़ जाएंगे।












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