चीन के 'दुश्मन' ताइवानी सेना प्रमुख की भी जनरल रावत की तरह ही हुई थी मौत, लोगों के शक में कितना दम?

जिस तरह से भारत के सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मौत हेलीकॉप्टर हादसे हुई है, करीब करीब उसी तरह से ही ताइवान के शीर्ष सैन्य अधिकारी की भी हेलीकॉप्टर हासदे में मौत हुई थी।

नई दिल्ली, दिसंबर 09: भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की भयानक हेलीकॉप्टर हादसे में बुधवार को मौत हो गई। जनरल रावत के साथ उनकी पत्नी और कई और सेना के बड़े अधिकारियों की जान हेलीकॉप्टर हादसे में चली गई। लेकिन, अब जबकि जनरल रावत की मौत के कई घंटे बीत चुके हैं, तो लोग का ध्यान चायना विरोधी उस ताइवानी जनरल की तरफ जा रहा है, जिसकी मौत भी जनरल बिपिन रावत की तरह ही हेलीकॉप्टर हादसे में हुई थी। लोग सवाल पूछ रहे हैं, कि क्या ताइवानी जनरल और जनरल बिपिन रावत की मौत के पीछे कोई समानता है या किसी का हाथ तो नहीं है?

ताइवानी जनरल की मौत

ताइवानी जनरल की मौत

जिस तरह से भारत के सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मौत हेलीकॉप्टर हादसे हुई है, करीब करीब उसी तरह से ही ताइवान के शीर्ष सैन्य अधिकारी की भी हेलीकॉप्टर हासदे में मौत हुई थी। ताइवान के शीर्ष सैन्य अधिकारी का हेलीकॉप्टर पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में मिलिट्री चीफ के साथ साथ 8 और सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। जनरल शेन यी-मिंग और 12 अन्य सैन्य स्टाफ बेहद खतरनाक और शक्तिशाली माने जाने वाले अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर में सवार थे। राजधानी ताइपे के पास खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर के इमरजेंसी लैंडिंग करते वक्त हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था।

काफी अनुभवी थे शेन यी-मिंग

काफी अनुभवी थे शेन यी-मिंग

भारतीय सीडीएस जनरल बिपिन रावत की तरह ही ताउवान शेन यी-मिंग काफी ज्यादा अनुभवी सैन्य अधिकारी थे और हादसे के दौरान वो हेलीकॉप्टर के टुकड़ों में बुरी तरह से फंस गये थे। जनवरी 2020 में ताइवान के शीर्ष सैन्य अधिकारी शेन यी-मिंग का हेलीकॉप्टर उस वक्त हादसे का शिकार हुआ था, जब देश में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाला था और पूरा देश वोट देने में लगा हुआ था। लिहाजा कई रक्षा विशेषज्ञों ने ताइवान के रक्षा प्रमुख के निधन के पीछे शक जताया था, क्योंकि वो चीन के सबसे बड़े विरोधियों में से एक माने जाते थे और कई बार चीन के खिलाफ आक्रामक बयान दे चुके थे।

चुनाव पर पड़ा था असर!

चुनाव पर पड़ा था असर!

हालांकि, ताइवान में हेलीकॉप्टर हादसे की जांच के दौरान किसी तरह के सबूत नहीं मिले, जिससे ये साबित हो सके कि, हादसे के पीछे किसी तरह से चीन का हाथ है, लेकिन ताइवान की जनता के बीच संदेश यही गया कि , हादसे के पीछे दुश्मनों की साजिश हो सकती है। और इसको लेकर चीन के खिलाफ ताइवान के लोगों में गुस्सा उमड़ पड़ा था और जब लोगों ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाला तो चीन की सबसे बड़ी विरोधी त्साई इंग वेन को अपार बहुमत से जिता दिया। त्साई इंग वेन चीन की धूर विरोधी हैं और वो चीन को सीधे तौर पर धमकी दे चुकी हैं कि, अगर चीन ने ताइवान पर आक्रमण करने की गलती की, तो भले ही ताइवान का नामोनिशान मिट जाए, लेकिन ताइवान भी चीन को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा।

कैसे हुआ था हादसा?

कैसे हुआ था हादसा?

ताइवानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनरल मिंग का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के बाद महज 15 मिनट के अंदर ही रडार की पकड़ से गायब हो गया था और फिर बाद में पता चला था कि, हेलीकॉप्टर हादसा हो गया है और सैन्य प्रमुख की मौत हो गई है। राहत और बचाव दल के सदस्यों ने कहा था कि, कई दिनों से लगातार बारिश हो रही थी और मौसम खराब था। हालांकि, हादसे में किसी भी तरह से चीन के हाथ होने के सबूत नहीं मिले।

भारतीय रक्षा विशेषज्ञ ने जताया शक

भारतीय रक्षा विशेषज्ञ ने जताया शक

भारतीय सीडीएस जनरल रावत के हेलीकॉप्टर हादसे के बाद भारत के रक्षा विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने भी उनकी मौत की तुलना ताइवान के सेना प्रमुख की मौत से की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, ''ऐसे वक्त में जब चीन के साथ पिछले 20 महीनों से सीमा पर भारी तनाव चल रहा है, उस वक्त में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 सैन्य कर्मियों की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो जाना, इससे खराब वक्त कुछ और नहीं हो सकता है।'' चेलानी ने आगे लिखा है कि, ''जनरल रावत की मौत और 2020 की शुरुआत में ताइवान के सैन्य प्रमुख की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दोनों घटनाओं में एक गहरी समानांतर है। दोनों हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चायना के खिलाफ आक्रामक अंदाज रखने वाले अधिकारियों को 'हटा' दिया।

साजिश या इत्तेफाक?

भारत के रक्षा विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने कहा कि, दोनों घटनाओं में काफी अजीब समानता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि, दोनों हेलीकॉप्टर हादसे में कोई संबंध था या इसमें कोई बाहरी हाथ था। लेकिन, बात कुछ भी हो, हर हादसे में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं। खासकर सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि, शीर्ष जनरलों को ले जाने वाले हेलीकॉप्टर्स के रखरखाव में क्या लापरवाही हुई है? हालांकि, अभी भी जनरल रावत के हेलीकॉप्टर हादसे को लेकर पुख्ता तौर पर कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है और ना ही सरकार की तरफ से किसी तरह का ऐसा बयान दिया गया है। लेकिन, सोशल मीडिया पर लोग सख्त जांच की मांग कर रहे हैं।

शक पर बिफरा चीन

दिलचस्प बात यह है कि चीन सरकार के भोंपू मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ब्रह्मा चेलानी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया भी दिया है। ग्लोबल टाइम्स ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से दावा करते हुए इसमें अमेरिका को घसीट लिया। ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट करते हुए कहा कि, ''चेलानी के दावों के नजरिए से देखें तो इसके पीछे अमेरिका का हाथ हो सकता है, क्योंकि भारत ने अमेरिका की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदा है।''

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