Nasa Dart Mission: नासा के सफल मिशन ने दी एक और टेंशन, अंतरिक्ष में 10000 KM तक फैला 'पूंछ' जैसा मलबा
अंतर्राष्ट्रीय स्पेस एजेंसी नासा ने अपने सफल डार्ट मिशन के बाद इससे जुड़ी अहम जानकारी साझा की गई है। चिली में एक टेलीस्कोप से विशालकाय चट्टान के पीछे फैले धूमकेतु जैसे प्लम की तस्वीरें ली गई हैं।
Comet-like debris seen in Nasa Dart Mission: अंतर्राष्ट्रीय स्पेस एजेंसी नासा ने अपने सफल डार्ट मिशन के बाद इससे जुड़ी अहम जानकारी साझा की गई है। चिली में एक टेलीस्कोप से विशालकाय चट्टान के पीछे फैले धूमकेतु जैसे प्लम की तस्वीरें ली गई हैं। हलांकि अपने डार्ट मिशन की तस्वीरों को नासा ने लाइव स्ट्रीम के जरिए दिखाया था। लेकिन चिली में टेलीस्कोप से ली गई तस्वीरें इस मिशन की सटीकता और नासा के साइंटिस्ट्स के पूर्वानुमान को सच साबित करती हैं। आइए जानते हैं कि डार्ट मिशन के दौरान 10, 000 किलोमीटर (Comet-like debris up to 10000 KM) तक दिखने वाली धूमकेतु जैसी इस पूंछ को लेकर स्पेस साइंटिस्ट्स क्या कहते हैं?

स्पेस में 9600 KM लंबी थी धूमकेतु जैसी पूंछ
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का एक स्पेस क्राफ्ट की जानबूझकर ऐस्टेरायड से टक्कर करवाई गई थी। जिसको नासा ने लाइव स्ट्रीम भी किया था। इस दौरान अंतरिक्षयान और ऐस्टरॉइड की टक्कर के दौरान एक लंबी रेखा देखी गई। जिसकी लंबाई 9600 किलोमीटर से अधिक थी। खगोलविद टेडी करेटा ने 4.1 मीटर लंबे साउदर्न एस्ट्रोफिजिकल रिसर्च टेलिस्कोप से ये तस्वीर कैप्चर की।

स्पेस में धूमकेतु जैसा दृश्य क्या था?
नासा के डार्ट की टक्कर के दो दिन बाद खगोलविदों ने चिली में टेलीस्कोप का उपयोग एस्टेरायड की सतह से उड़ने वाली धूल और मलबे को ट्रैक किया। उनके टेलीस्कोप में विशाल कूड़े के ढेर की तस्वीरों कैद हो गईं। नई तस्वीरों में धूमकेतु जैसी लंबी की पूंछ दिखाई दे रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार, टक्कर के बाद ऐस्टरॉइड की सतह से उड़ने वाली धूल और मलबे ने एक धूमकेतु (Comet) जैसी 'पूंछ' का निर्माण हुआ।

डाइमॉरफोस का मिटा नाम
नासा के डबल एस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट (DART) ने जिस उल्कापिंड का समाप्त किया किया उसका नाम डाइमॉरफोस था। जोकि क्षुद्रग्रह डिडमोस का एक पत्थर था। नासा के अंतरिक्षयान की ये टक्कर अहम योजना के परीक्षण का हिस्सा थी, जिसे स्पेस एजेंसी भविष्य में उल्कापिंडों को खतरे से पृथ्वी को बचाने के लिए तैयार कर रहा है। इस टक्कर में डाइमॉरफोस उल्कापिंड पूरी तरह नष्ट हो गया।

नासा का डार्ट मिशन
नासा का DART मिशन 330 मिलियन डॉलर का एक अहम स्पेस मिशन था। जिस पर पृथ्वी का सुरक्षित भविष्य निर्भर था। ये टक्कर 26 सितंबर को हुई थी। अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने इस मिशन को बखूबी सफलता पूर्वक संपन्न किया। इस मिशन को लेकर कई अहम जानकारी समय- समय पर नासा द्वारा साझा भी गई। अब मिशन के दौरान हुई घटनाओं का स्पेस साइंटिस्ट्स विश्लेषण कर रहे हैं। जिसमें एक 10 हजार किलोमीटर तक धूमकेतू जैसी स्थिति को लेकर जानकारी दी गई है। 26 सितंबर को डार्ट और ऐस्टरॉइड की टक्कर हुई थी। इसकी एक तस्वीर सोमवार को साझा की गई।

नासा का अंतिरक्षयान भी नष्ट
डार्ट मिशन में अंतरिक्ष यान से जानबूझकर क्षुद्रग्रह की टक्कर में यान पूरी तरह नष्ट हो गया। अपने इस मिशन को लेकर नासा ने कहा, "हम मानव जाति के एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं, एक ऐसा युग होगा जिसमें हम उल्कापिंडों से संभावित खतरों से खुद को बचाने की क्षमता रखेंगे, जो कि हमारे पास पहले कभी नहीं थी।"
पृथ्वी पर टेलीस्कोप टू-रॉक, या बाइनरी, सिस्टम का सटीक मापन करेंगे।












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