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शुक्र मनाओ यहूदियों को मार नहीं रहे... कोलंबिया के छात्र नेता की धमकी, अमेरिका में अराजकता फैलने का खतरा?

US Protest: अमेरिका में जो बाइडेन प्रशासन की तुष्टिकरण की नीति की वजह से देश अराजकता की तरफ बढता जा रहा है और अब अमेरिका में खुलेआम यहूदियों को मारने की धमकियां दी जा रही हैं। अमेरिका में इस वक्त दर्जनों विश्वविद्यालयों में इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जो अब हिंसक हो रहा है।

इस बीच यहूदियों के खिलाफ हिंसा की धमकी देने वाले एक छात्र नेता का एक वीडियो वायरल हो गया है, जो फिलीस्तीन का समर्थक है और उसने धमकी दी है, कि "शुक्र मनाओ, कि यहूदियों को मार नहीं रहे हैं।"

Columbia University Student Leader

इस धमकी भरे वीडियो से पता चलता है, कि इन प्रदर्शनकारियों में यहूदियों को लेकर कितनी नफरत भरी हुई है। अमेरिका के दर्जनों नामी विश्वविद्यालयों में फिलीस्तीन समर्थक और इजरायल विरोधी प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिसमें सैकड़ों छात्रों को अभी तक गिरफ्तार किया गया है, लेकिन ऐसी धमकियों से पता चलता है, कि अमेरिका अराजकता की तरफ बढ़ सकता है।

यहूदियों के खिलाफ नफरत भरा वीडियो

कोलंबिया यूनिवर्सिटी के छात्र नेता खिमानी जेम्स का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते हुए सुना जा सकता है, कि लोगों को जायोनीवादियों की हत्या नहीं करने के लिए उसका आभारी होना चाहिए।

वीडियो में वो कह रहा है, कि "जायोनी लोग जीने के लायक नहीं हैं। आभारी रहें, कि मैं बाहर जाकर जायोनीवादियों की हत्या नहीं कर रहा हूं।" रिपोर्ट के मुताबिक, खिमानी जेम्स का ये वीडियो जनवरी महीने का है, और यह वीडियो इस सप्ताह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह टिप्पणी जेम्स ने और स्कूल अधिकारियों के साथ की गई एक बैठक के दौरान की थी। उसे यह कहते हुए रिकार्ड किया गया, कि "मैं चोट पहुंचाने या जीतने या हारने के लिए नहीं लड़ता, मैं मारने के लिए लड़ता हूं।"

हालांकि, अब जब ये वीडियो वायरल हो रहा है, तो आरोपी जेम्स अपने शब्दों को वापस लेने की बात करते हुए सफाई दे रहा है। उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्टेटमेंट पोस्ट किया है, जिसमें वो कह रहा है, कि "उसने जो टिप्पणी की थी, वो गलती थी।"

वो आगे कह रहा है, कि "हमारे समुदाय का प्रत्येक सदस्य बिना किसी संकोच के सुरक्षित महसूस करने का हकदार है।" उसने कहा, कि उसकी पिछली टिप्पणियां "ऑनलाइन शोर की वजह से अपसेट" हो जाने के बाद की गई थी, जिसमें उसे 'विचित्र और काला' होने की वजह से निशाना बनाया गया था।

यानि, वीडियो वायरल होने के बाद अब आरोपी छात्र जेम्स ब्लैक कार्ड खेल रहा है और नस्लीय मुद्दा उठाकर बचने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, उसने कुछ दक्षिणपंथी छात्रों पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया है।

उसने कहा है, कि कोलंबिया में सामूहिक विरोध प्रदर्शन करने वालों ने, जो फिलिस्तीन के साथ एकजुटता का प्रदर्शन कर रहे हैं, उसे विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन का नेता घोषित किया है, लेकिन जनवरी में मैंने जो कुछ कहा था, वो शब्द" स्वीकार्य नहीं हैं।

वहीं, कोलंबिया यूनिवर्सिटी के एक प्रवक्ता ने कहा है, कि "धार्मिक, जातीय या राष्ट्रीय पहचान के आधार पर व्यक्तियों को निशाना बनाकर हिंसा का आह्वान करना और भड़काऊ बयान देना अस्वीकार्य हैं और विश्वविद्यालय की नीति का उल्लंघन है।"

वहीं, छात्र प्रदर्शनकारियों का कहना है, कि वे गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता व्यक्त कर रहे हैं, जहां हमास नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 34,305 से ज्यादा हो चुकी है।

युद्ध का विरोध कर रहे 200 से ज्यादा लोगों को बुधवार और गुरुवार की सुबह लॉस एंजिल्स, बोस्टन और ऑस्टिन, टेक्सास के विश्वविद्यालयों में गिरफ्तार किया गया हैं और छात्रों का ये विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है, जिसके कभी भी हिंसक होने का खतरा है। वहीं, कोलंबिया यूनिवर्सिटी इस विरोध प्रदर्शन का केन्द्र बना हुआ है।

आपको बता दें, कि 7 अक्टूबर को जब हमास ने दक्षिणी इजराइल पर हमला किया था, तो अमेरिका के कई कॉलेज में काफी जश्न मनाया गया था, लेकिन जब इजराइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ पलटवार शुरू किया, तो पहले तो इन्हें लगा, कि ये लड़ाई 2-4 दिनों में खत्म हो जाएगी, लेकिन इस बार इजराइल हमास को जड़ से खत्म करने पर अड़ गया है। इसका नतीजा ये हुआ है, कि अमेरिका के कॉलेजों में यहूदी छात्रों के खिलाफ नफरत काफी खतरनाक स्तर तक बढ़ चुका है और बाइडेन प्रशासन इसे रोकने में पूरी तरह से नाकाम नजर आ रहा है।

CAIR की रिपोर्ट में कहा गया है, कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों में एंटी-डिफेमेशन लीग ने यहूदी छात्रों के खिलाफ हिंसा और धमकियों की ऐतिहासिक संख्या दर्ज की है। लेकिन, 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले बाइडेन प्रशासन कट्टरपंथियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से हिचक रहा है, क्योंकि अरब देशों के अमेरिकी मुस्लिमों ने चुनाव में बाइडेन का बहिष्कार करने की धमकी दे रखी है।

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