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चीनी मीडिया ने कहा भारत-चीन के बिगड़े संबंधों के लिए दोषी हैं पीएम मोदी, खतरे से निबटने के लिए हो रहे अमेरिका के करीब

By Richa Bajpai
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    बीजिंग। चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन और भारत के संबंधों को नुकसान पहुंचाने का दोष दिया है। चीनी मीडिया की यह टिप्‍पणी ऐसे समय आई है जब चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगे भारत की यात्रा पर हैं और उन्‍होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की थी। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने इसके साथ ही भारत और अमेरिका की करीबियों को लेकर भी टिप्‍पणी की है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने फुदान युनिवर्सिटी सेंटर फॉर साउथ एशियन स्‍टडीज के डायरेक्‍टर झांग जियोदोंग के हवाले से लिखा है, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार का झुकाव अमेरिका की तरफ ज्‍यादा है और दोनों पड़ोसियों के खराब होते संबंध इसका नतीजा है।' ये भी पढ़ें- डोकलाम विवाद के बाद पहली बार भारत आए चीन के रक्षा मंत्री 

    मोदी के कार्यकाल में बढ़ी अमेरिका से करीबी

    मोदी के कार्यकाल में बढ़ी अमेरिका से करीबी

    इस आर्टिकल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सिद्धांत गैर-एकत्रीकरण को त्‍यागने का दोषी ठहराया गया है। साथ ही उन्‍हें 'बड़ी शक्तियों से समान दूरी बनाकर रखने- की परंपरा को तोड़ने वाला भी बताया है।' आर्टिकल के मुताबिक पीएम मोदी की ओर से चीन के साथ संबंधों को सुधारने की कोशिशें की गई हैं लेकिन वह सिर्फ कुछ समय के लिए ही हैं। ग्‍लोबल टाइम्‍स के मुताबिक पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत, अमेरिका का 'बड़ा रक्षा साझीदार' और 'बड़ा गैर-नाटो साथी देश' बना है। ग्‍लोबल टाइम्‍स के मुताबिक ये दोनों ही घटनाक्रम 'भारत और चीन के रणनीतिक साझेदारी में कड़वाहट पैदा कर सकते हैं।'

    मोदी की टीम में शामिल नौसिखिए

    मोदी की टीम में शामिल नौसिखिए

    आर्टिकल में दावा किया गया है मोदी सरकार की टीम में विदेश मामलों में 'नौसिखियों की भरमार है।' आर्टिकल का कहना है कि पीएम मोदी की टीम ने पूर्व की यूपीए सरकार की विदेश मामलों की टीम के किसी मेंबर को शामिल नहीं किया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं आर्टिकल में ये भी कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की टीम का हिस्‍सा रहे सदस्‍य भी इसका हिस्‍सा नहीं है। आर्टिकल के मुताबिक जब से पीएम मोदी सत्‍ता में आए हैं तब से ही भारत 'चीन के खतरे से निबटने की कोशिश कर रही है।' चीन के खतरे से निबटने के लिए ही अमेरिका के साथ संबंधों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

    नेहरु के साथ की मोदी की तुलना

    नेहरु के साथ की मोदी की तुलना

    ग्‍लोबल टाइम्‍स ने इस तरफ भी ध्‍यान दिलाया है कि पीएम मोदी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में चीन के लिए दोस्‍ती का अंआजा दिखाया था। हालांकि डोकलाम तनाव के बाद दोनों देशों के बीच स्थितियां और बिगड़ गई हैं। इस आर्टिकल में पीएम मोदी की तुलना देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरु से भी की गई है। अखबार ने लिखा है, 'अगर मोदी की बीजेपी आगे भी सत्‍ता में रहती है तो फिर पीएम मोदी चीन पर अपनी वर्तमान नीति को ही आगे बढ़ाएंगे। लेकिन अगर बीजेपी असफल रही तो फिर मोदी ऐसा करने में असफल रहेंगे। संभावित विवाद फिर से सामने आएंगे और चीन-भारत के संबंधों को नुकसान पहुंचाएंगे।'

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    English summary
    Chinese media says PM Narendra Modi is coping with China threat with the help of US.

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