अमेरिका के साथ बाल बाल बची लड़ाई, चीनी विमान ने 20 फीट की दूरी से फाइटर जेट को घेरा

दक्षिण चीन सागर के पूरे हिस्से पर चीन अपना दावा करता है, जबकि इंटरनेशनल लॉ के मुताबिक, उसे खुला और उन्मुक्त होना चाहिए। अमेरिका इसीलिए अपने जेट्स भेजता रहता है।

Chinese jet Vs US jet

Chinese jet Vs US jet: दक्षिण चीन सागर में पिछले हफ्ते अमेरिका और चीन की जंग होते होते बची है और अमेरिका ने दावा किया है, कि उसके विमान को चीन फाइटर जेट ने घेर लिया था। संयुक्त राज्य के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा है, कि एक चीनी लड़ाकू पायलट ने अमेरिकी वायु सेना के विमान के करीब "एक असुरक्षित युद्धाभ्यास" किया है। यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने एक बयान में कहा है, कि फाइटर पायलट ने अमेरिकी RC-135 विमान की नाक के सामने और 20 फीट की दूरी पर उड़ान भरी है।

आ चुकी थी जंग की नौबत

आ चुकी थी जंग की नौबत

अमेरिका ने कहा है, कि उसके विमान को चीन ने 21 दिसंबर 2022 को घेरने की कोशिश की थी। अमेरिकी कमांड ने कहा कि, अमेरिकी पायलट दक्षिण चीन सागर के ऊपर वैध तरीके से उड़ान भर रहा था, लेकिन टकराव से बचने के लिए उसे "निवारक युद्धाभ्यास" करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हालांकि, किसी पायलट की पहचान उजागर नहीं की गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि, "यूएस इंडो-पैसिफिक ज्वाइंट फोर्स एक मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए समर्पित है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी जहाजों और विमानों की सुरक्षा के संबंध में समुद्र और अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भरना, नौकायन करना और संचालन करना जारी रखेगा।" अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि, "हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र का सुरक्षित और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार उपयोग करने की उम्मीद करते हैं।"

घटना का वीडियो भी किया जारी

घटना का वीडियो भी किया जारी

अमेरिकी कमांड ने इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया है। कुछ सेकंड्स के इस वीडियो में देखा जा सकता है, कि चीनी फाइटर जेट अमेरिकी जेट के काफी पास उड़ रहा है। अमेरिका ने कहा है, कि जिस फाइटर जेट से अमेरिकी विमान का पीछा किया जा रहा था, उस चीनी फाइटर जेट का नाम J-11 फाइटर जेट है, जो चायनीज नेवी का फाइटर जेट है। अमेरिका ने कहा है, कि चीनी विमान से टकराने से बचने के लिए अमेरिकी जेट को असुरक्षित मोड़ पर मुड़ना पड़ा। यह घटना उस वक्त हुई है, जब चीन ने एक साथ करीब 71 फाइटर जेट्स और अपने दो जहाजों को ताइवान की तरफ भेजा था, जिसके खिलाफ अकसर चीन बल प्रदर्शन करता रहता है। वहीं, दक्षिण चीन सागर के पूरे हिस्से पर चीन अपना दावा करता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय कानून के मुताबिक, दक्षिण चीन सागर पर किसी का भी अधिकार नहीं है, अपनी सीमा रेखा छोड़कर।

क्या है दक्षिण चीन सागर विवाद

क्या है दक्षिण चीन सागर विवाद

आपको बता दें कि, दक्षिण चीन सागर, पश्चिमी प्रशांत महासागर की एक शाखा है, जो दक्षिण पूर्व एशियाई मुख्या भूमि की एक सीमा बनाती है। चीन के साथ साथ ब्रुनेई, कंबोडिया, चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड और वियतनाम, दक्षिण चीन सागर के किनारे बसे हैं। दक्षिण चीन सागर को लेकर विवाद ये है, कि इसके पूरे हिस्से पर चीन अपना दावा करता है और वो कहता है, कि इन बाकी देशों का इस सागर पर कोई अधिकार नहीं है। जबकि, अंतर्राष्ट्रीय कानून कहता है, कि दक्षिण चीन साहर में एक निश्चित समुद्री सीमा पर इन सभी देशों का अधिकार है और चीन के पास पूरे सागर का अधिकार नहीं है। लेकिन, चीन अपनी आदत के मुताबिक ही इस क्षेत्र में सभी देशों को धमकाता है। वहीं, अमेरिका, चीनी वर्चस्व को चुनौती देने के लिए दक्षिण चीन सागर में लगातार अपने फाइटर एयरक्राफ्ट और जेट्स भेजता रहता है।

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