चीन-भारत: चीनी विदेश मंत्री वांग यी बोले ड्रैगन और हाथी को लड़ाई नहीं साथ डांस करना चाहिए
भारत और चीन के तल्ख रिश्तों के बीच ही एक ऐसा बयान है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को कहा है कि दोनों देशों को आपसी मतभेद भुला देने चाहिए। यी ने कहा है कि भारत के हाथी और चीन के ड्रैगन को आपस में लड़ने की बजाय साथ आकर डांस करना चाहिए।
बीजिंग। भारत और चीन के तल्ख रिश्तों के बीच ही एक ऐसा बयान है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को कहा है कि दोनों देशों को आपसी मतभेद भुला देने चाहिए। यी ने कहा है कि भारत के हाथी और चीन के ड्रैगन को आपस में लड़ने की बजाय साथ आकर डांस करना चाहिए। यी ने दोनों देशों से द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की बात कही गई है। यी की यह टिप्पणी चीन में जारी संसदीय सत्र से अलग एक मीडिया कॉन्फ्रेंस के दौरान आई है। यी से पूछा गया था कि साल 2017 में भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद के बाद काफी तनाव आ गया था तो ऐसे में वह पड़ोसी देश के साथ चीन के रिश्तों को किस तरह से देखते हैं। इस पर वांग ने कहा, 'कुछ परीक्षाओं और मुश्किलों के बाद भी भारत और चीन के रिश्ते आगे बढ़ रहे हैं।'

दोनों देशों के बीच तनाव
चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंध पिछले वर्ष कई अहम मुद्दों को लेकर तनावपूर्ण हो गए थे। चीनी-पाकिस्तान आर्थिक कॉरीडोर (सीपीईसी) के अलावा चीन ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने वाले भारत के यूनाइटेड नेशंस में पेश प्रस्ताव में अड़ंगा डाल दिया था। इसके अलावा चीन ने न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में भारत की एंट्री में भी रोड़ा अटका दिया था। इन सबके बीच ही 73 दिनों तक डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने थीं। 28 अगस्त को उस समय डोकलाम विवाद उस समय शुरू हुआ था जब चीनी सेना, भारत के लिए अहमियत रखने वाले डोकलाम में सड़क का निर्माण कर रही थी। वांग ने हालांकि कहा कि दोनों देशों को अपने मानसिक गतिरोध को खत्म करके, मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे से मिलना होगा। उन्होंने कहा, 'चीन अपने अधिकारों और कानूनी हितों का ध्यान रख रहा है और भारत के साथ संबंधों की रक्षा भी कर रहा है।' उनका कहना था कि चीन और भारत के नेताओं ने संबंधों के भविष्य को लेकर रणनीतिक नजरिया विकसित किया है। चीनी ड्रैगन और भारतीय हाथी को लड़ाई करने की बजाय साथ में डांस करना चाहिए।
हिमालय भी नहीं तोड़ा सकता है दोस्ती
उन्होंने कहा कि भारत और चीन अगर एक साथ आ जाएं तो दोनों के हित अलग-अलग होने की जगह एक होंगे। वांग ने 2018 में पहली बार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की बात की है। उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय हालातों में सदी में सबसे बड़ा बदलाव हो रहा है और चीन-भारत को इस पर जोर देने के लिए सब-कुछ करना चाहिए। उनका कहना था कि दोनों देशों को शंकाओं को दूर करने के लिए एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। वांग ने आपसी भरोसे को भारत-चीन रिश्तों में सबसे अहम दौलत करार दिया। उनका तो यहां तक कहना था कि राजनीतिक भरोसे के साथ आगे बढ़ने पर हिमालय भी हमारी दोस्ती में बाधा नहीं बन सकता है। चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट के जवाब में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटजी पर वांग ने कहा कि ऐसे सुर्खियां बनाने वाले ख्यालों की कोई कमी नहीं है। एक्सपर्ट्स चार देशों की योजना को वन बेल्ट-वन रोड (ओबीओआर) का जवाब और चीन की ताकत में लगाम लगाने का जरिया मान रहे हैं, लेकिन चारों ही देश साफ कर चुके हैं कि वो किसी को निशाना नहीं बना रहे हैं। वांग की मानें तो कहा हमें ये भूलना नहीं चाहिए कि ओबीओआर परियोजना को 100 से ज्यादा देशों ने सपोर्ट किया है। आजकल देशों के बीच कोल्ड वॉर जैसी बातें पुरानी हो चुकी हैं और बाजार में इनकी कोई जगह नहीं है।












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