दक्षिण कोरिया में एयरपोर्ट से चकमा देकर भाग गया चीनी कोरोना मरीज, जानें पकड़ा गया तो क्या होगा ?
एक चीनी नागरिक दक्षिण कोरिया एयरपोर्ट पर उतरा और कोविड जांच में पॉजिटिव पाया गया। उसे अधिकारी क्वारंटीन सेंटर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन वह फरार हो गया। कोरिया में यह बहस का मुद्दा बन गया है।

चीन में कोरोना के कहर को देखते हुए दुनिया भर के देश सतर्क हैं। वहां से आने वाले यात्रियों के लिए सख्त कोविड नियम अपनाए जा रहे हैं। इस तरह की सख्ती बरतने वाले देशों में दक्षिण कोरिया भी शामिल हो चुका है। वहां बिना कोविड जांच के किसी भी चीनी यात्री को एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। लेकिन, एक चीनी कोरोना मरीज ने दक्षिण कोरिया के अधिकारियों को ऐसा चकमा दिया है कि उसको लेकर पूरे देश में चर्चा हो रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों को लग रहा था कि उसे क्वारंटीन फैसिलिटी में भेजने के लिए इंतजार करने को कहा है तो वह बैठा होगा, लेकिन वह वहां से फुर्र हो चुका था। कोरिया में कोविड संक्रमण को लेकर नियम बेहद सख्त हैं। ऐसे में जानिए कि पकड़ने जाने पर उस चीनी नागरिक के साथ क्या सलूक किया जा सकता है।
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दक्षिण कोरिया में एयरपोर्ट से फरार हो गया एक चीनी कोरोना मरीज
रॉयटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने बुधवार को कहा है कि उन्हें एक चीनी नागरिक की तलाश है, जिसे यहां आने पर कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया था, लेकिन क्वारंटीन फैसिलिटी में जाने के लिए इंतजार करने के दौरान वह गायब हो चुका है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का कहना है कि वे चीनी नागरिक को तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि मंगलवार देर रात सियोल के नजदीक इंचियोन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरने के बाद जांच में उसे कोविड पॉजिटिव पाया गया था। उसे क्वारंटीन में दाखिले का इंतजार करने के लिए एक होटल भेजा गया, लेकिन वह लापता हो गया।

जानें पकड़ा गया तो क्या होगा
किम जू यंग नाम के एक अधिकारी ने कहा कि उस व्यक्ति की पहचान नहीं हुई थी और अब उसे वांटेड लिस्ट में डाल दिया गया है। दक्षिण कोरियाई अधिकारी के मुताबिक पकड़े जाने पर उस चीनी नागरिक को वहां के संक्रामक रोग नियंत्रण और रोकथाम कानून के तहत एक साल तक की जेल या एक करोड़ वॉन यानि 6,51,641 से ज्यादा रुपए के बराबर जुर्माना भरना पड़ सकता है। किम के मुताबिक, 'उस शख्स को निर्वासित कर दिया जाएगा और एक निश्चित अवधि तक देश में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।'

चीनी यात्रियों के लिए कोविड निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य
मंगलवार को ही दक्षिण कोरिया ने चीन से आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना जांच अनिवार्य कर दिया है। चीन में कोरोना वायरस संक्रमण बढ़ने के बाद से दुनिया भर के कई देशों ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाए हैं, जिसमें अब दक्षिण कोरिया भी शामिल हो गया है। हालांकि, चीन इस पर बिलबिलाया हुआ है और इसे भेदभाव वाली नीति बता रहा है। इसी हफ्ते से चीन से आने वाले यात्रियों को दक्षिण कोरिया में आकर अनिवार्य रूप से पीसीआर टेस्ट करवाना जरूरी कर दिया गया है। 5 जनवरी से यहां पहुंचने वाले यात्री यात्रा शुरू करने से 48 घंटे पहले तक की निगेटिव पीसीआर रिपोर्ट और कम से कम 24 घंटे पुरानी निगेटिव रैपिड एंटीजेन रिपोर्ट दिखानी जरूरी है।

चीन से आने वाले यात्री बड़ी संख्या में मिल रहे हैं कोविड पॉजिटिव
कोरिया के रोग नियंत्रण और रोकथाम एजेंसी ने कहा है कि 2 जनवरी से कुल 2,189 यात्री चीन से आए हैं, जिनमें 590 की टेस्ट रिपोर्ट में से 136 यानि 22.7% कोविड संक्रमित मिले हैं। एजेंसी के आंकड़े बताते हैं कि मंगलवार को 281 या 26% लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। जब से चीन से आए कोविड पॉजिटिव शख्स के फरार होने की खबर फैली है, वहां पर हड़कंप मचा है और मीडिया में एजेंसियों पर सवाल उठ रहे हैं।

'आज की घटना हालात की गंभीरता की ओर इशारा कर रही है'
किम का कहना है कि वह शख्स अधिकारियों के हाथ से निकल गया ये जानकारी अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि आगे से हम ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और ज्यादा कर्मचारियों और पुलिस को लगाएंगे। वहां यह मामला सार्वजनिक बहस का मुद्दा बन चुका है कि चीन से आने वाले लोगों पर पाबंदी नहीं लग पा रही है। इचियोन एयरपोर्ट पर किसी के आने का इंतजार कर रहे 30 वर्षीय ली जाए-मून ने कहा कि 'और कड़ी पाबंदियों की जरूरत है।' 'आज की घटना हालात की गंभीरता की ओर इशारा कर रही है।' हालांकि, कुछ लोग चीन के लोगों के लिए ज्यादा शख्त होने की जरूरत को खारिज भी कर रहे हैं।












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