आखिरकार मालदीव पहुंच गया चीन का जासूसी जहाज, एक महीने से समंदर में था चुपचाप, क्यों है चिंता की बात?
भारत और मालदीव के बीच जारी तनाव के बीच एक चीनी जासूसी जहाज जियांग यांग होंग-3 गुरुवार को राजधानी माले पहुंचा है। पहले ये जहाज श्रीलंका पहुंचने वाला था लेकिन राजपक्षे सरकार द्वारा एक साल तक के लिए विदेशी जहाजों की एंट्री पर रोक के बाद ये जहाज कुछ विलंब से मालदीव पहुंचा है।
इस अनुसंधान पोत ने मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की चीन की राजकीय यात्रा समाप्त होने के 24 घंटे बाद 14 जनवरी को अपनी यात्रा शुरू की थी। मालदीव के इस जहाज को इजाजत देने पर भारत ने इसकी गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की थी।

एक रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्होंने राजधानी माले के पास थिलाफुशी औद्योगिक बंदरगाह पर चीन के जियांग यांग होंग 3 को देखा है। वेबसाइट मैरीनट्रैफिक के अनुसार ये जासूसी जहाज गुरुवार शाम को माले के पास एक लंगरगाह पर देखा गया था।
आपको बता दें कि जियांग यांग होंग-3 22 जनवरी के बाद से आम ट्रैकिंग साइटों पर दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसा माना जा रहा था कि इस जहाज के ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिए गए थे। उस वक्त ये जहाज इंडोनेशिया के पास जावा सागर में था। बाद में सैटेलाइट एआईएस ट्रैकिंग से पता चला कि ये चीनी जहाज मालदीव के विशेष इकॉनमिक जोन (ईईजेड) पर था।
इस जहाज को 2016 में चीन के स्टेट ओशनिक एडमिनिस्ट्रेशन (एसओए) के बेड़े में शामिल किया गया था। 2019 से चीन दूरस्थ जल और गहरे समुद्र सर्वेक्षण करने के लिए इसका उपयोग कर रहा है। चीन के इस जहाज को परमिशन दिए जाना भारत की सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक माना जा रहा है।
चीन के इस जहाज पर सर्वे के नाम पर भारत, श्रीलंका और मालदीव के आर्थिक क्षेत्र में जासूसी करने के आरोप लगते रहे हैं। मालदीव के साथ संबंधों में आई खटास के बीच भारत इस जहाज की गतिविधियों पर निगाह बनाए हुए है।
मालदीव सरकार ने पिछले महीने कहा था कि चीनी जहाज जियांग यांग होंग 3 उसके जल क्षेत्र में कोई रिसर्च का काम नहीं करेगा। यह जहाज सिर्फ रोटेशन और रिप्लेनिश के लिए आएगा। आपको बता दें कि ये जासूसी जहाज ऐसे वक्त में माले पहुंचा है जब भारत, श्रीलंका और मालदीव ने "दोस्ती" नाम से त्रिपक्षीय युद्धाभ्यास शुरू किया है।
ये इस अभ्यास का 16वां संस्करण है। ऐसे में इसे 'दोस्ती-16' नाम दिया गया है। भारत की ओर इस अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए आईसीजीएस समर्थ, आईसीजीएस अभिनव और आईसीजी डोर्नियर मालदीव पहुंचे हैं। इन तीनों देशों के अभ्यास में बांग्लादेश ऑब्जर्वर है। यह अभ्यास सत्र 22 से 25 फरवरी तक चलेगा।












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